US Winter Storm Alert: अमेरिका इस समय अपने इतिहास के सबसे खतरनाक शीत तूफानों में से एक का सामना कर रहा है। अचानक बदले मौसम ने पूरे देश में हड़कंप मचा दिया है। सप्ताहांत के दौरान 8,000 से अधिक उड़ानें रद्द कर दी गईं, जिससे हजारों यात्री हवाई अड्डों पर फंसे रह गए। हालात की गंभीरता को देखते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने देशभर को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही इस भीषण खतरे को लेकर चेतावनी जारी की थी। उनके अनुसार, अमेरिका के 40 से अधिक राज्यों में तापमान माइनस 40 डिग्री तक गिर सकता है। कई इलाकों में भारी बर्फबारी और ओलावृष्टि शुरू हो चुकी है, जबकि एक शक्तिशाली शीत तूफान तेजी से देश के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में ले रहा है।
14 करोड़ लोगों के लिए मौसम विभाग का हाई अलर्ट
राष्ट्रीय मौसम सेवा ने न्यू मैक्सिको से लेकर न्यू इंग्लैंड तक करीब 14 करोड़ लोगों के लिए सर्दी के तूफान की चेतावनी जारी की है। पूर्वी टेक्सास से उत्तरी कैरोलिना तक भारी बर्फ और जमने वाली बारिश का अनुमान है। विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ क्षेत्रों में हालात तूफान जैसी तबाही मचा सकते हैं।मौसम विभाग के अनुसार, यह तूफान दक्षिण से उत्तर-पूर्व की ओर बढ़ेगा। वॉशिंगटन डीसी, न्यूयॉर्क और बोस्टन जैसे बड़े शहरों में लगभग एक फुट तक बर्फ गिरने की संभावना है। टेक्सास और ओक्लाहोमा में पहले ही ओले और बर्फ गिरने से जनजीवन प्रभावित हो चुका है।
एक दर्जन से अधिक राज्यों में आपातकाल घोषित
खतरे को देखते हुए अमेरिका के 12 से ज्यादा राज्यों में इमरजेंसी लागू कर दी गई है। गवर्नरों ने लोगों से घरों में रहने की अपील की है। टेक्सास के गवर्नर ग्रेग एबॉट ने कहा कि सड़कों पर पहले से रसायन डाले जा रहे हैं, लेकिन अनावश्यक यात्रा से बचना जरूरी है।मिडवेस्ट के कई इलाकों में हवा की ठंडक माइनस 40 डिग्री तक पहुंच गई है, जिससे कुछ ही मिनटों में फ्रॉस्टबाइट का खतरा है। नॉर्थ डकोटा जैसे राज्यों में लोग कई परतों वाले कपड़े पहनकर भी मुश्किल से काम कर पा रहे हैं। बिजली कंपनियां लंबे समय तक बिजली गुल रहने की आशंका जता रही हैं।
स्कूल, चर्च और सार्वजनिक कार्यक्रम बंद
खराब मौसम के कारण कई स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। चर्चों ने ऑनलाइन सेवाएं शुरू कर दी हैं, जबकि कार्निवल परेड और संगीत कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। कई विश्वविद्यालयों ने भी कक्षाएं स्थगित कर दी हैं ताकि छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।संघीय सरकार ने लगभग 30 खोज और बचाव टीमों को अलर्ट पर रखा है। FEMA ने प्रभावित क्षेत्रों के लिए भोजन, कंबल और जनरेटर पहले से तैनात कर दिए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि केंद्र सरकार राज्य और स्थानीय प्रशासन के साथ मिलकर हर स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।










