US Visa Bond Program: 50 देशों पर नया नियम, क्या भारतीयों के लिए भी बढ़ेगी परेशानी?

अमेरिका ने 50 देशों के नागरिकों के लिए Visa Bond Program को स्थायी रूप से लागू कर दिया है। इस नियम के तहत कुछ B-1/B-2 वीजा आवेदकों को रिफंडेबल बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है। हालांकि, मौजूदा सूची में भारत शामिल नहीं है, इसलिए भारतीय नागरिकों पर यह नियम फिलहाल लागू नहीं होगा।

US Visa Bond Program

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 1, 2026

US Visa Bond Program:  अमेरिका के स्टेट डिपार्टमेंट ने वीजा बॉन्ड प्रोग्राम को अब स्थायी रूप से लागू करने का फैसला किया है। यह फैसला एक साल तक चलाए गए पायलट प्रोग्राम की समीक्षा के बाद लिया गया है। नए नियमों के तहत कुछ देशों के नागरिकों को अमेरिका का बिजनेस या टूरिस्ट वीजा लेने के लिए भारी रकम का बॉन्ड जमा करना पड़ सकता है। हालांकि, मौजूदा सूची में भारत को शामिल नहीं किया गया है।

50 अफ्रीकी देशों के साथ नेपाल, भूटान और बांग्लादेश पर असर

नई नीति मुख्य रूप से अफ्रीका के करीब 50 देशों के नागरिकों पर लागू होगी। इसके अलावा बांग्लादेश, नेपाल और भूटान के नागरिक भी इस नियम के दायरे में आएंगे। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य उन लोगों की संख्या को कम करना है जो वीजा की अवधि समाप्त होने के बाद भी अमेरिका में अवैध रूप से रुक जाते हैं।

वीजा आवेदकों से लिया जा सकता है 20 हजार डॉलर तक का बॉन्ड

फेडरल रजिस्टर में प्रकाशित सूचना के अनुसार, कॉन्सुलर अधिकारी कुछ नॉन-इमिग्रेंट वीजा आवेदकों से 20 हजार डॉलर तक का बॉन्ड जमा करने की मांग कर सकते हैं। यह नियम विशेष रूप से B-1 और B-2 वीजा पर लागू होगा, जो क्रमशः बिजनेस और पर्यटन यात्रा के लिए जारी किए जाते हैं।

पायलट प्रोग्राम की समीक्षा में सामने आई प्रभावशीलता

अमेरिकी सरकार के अनुसार, 2025 में शुरू किए गए वीजा बॉन्ड पायलट प्रोग्राम से मिले आंकड़ों में पाया गया कि यह व्यवस्था वीजा धारकों को नियमों का पालन करने के लिए प्रभावी साबित हुई। समीक्षा के बाद सरकार ने इसे स्थायी बनाने का निर्णय लिया है। अधिकारियों का कहना है कि बॉन्ड व्यवस्था से यात्रियों की जिम्मेदारी बढ़ती है और वीजा शर्तों के उल्लंघन को कम किया जा सकता है।

पुराने नियमों में हुआ बदलाव, बढ़ाई गई अधिकतम राशि

पायलट प्रोग्राम के दौरान अधिकारियों के पास 5 हजार, 10 हजार और 15 हजार डॉलर तक के बॉन्ड का विकल्प था। नए स्थायी नियम में 5 हजार डॉलर वाले विकल्प को हटा दिया गया है। अब अधिकतम बॉन्ड राशि को बढ़ाकर 20 हजार डॉलर तक कर दिया गया है।

3 अगस्त से लागू होगा नया वीजा बॉन्ड नियम

फेडरल रजिस्टर में प्रकाशन के बाद यह नीति 3 अगस्त से प्रभावी होगी। अमेरिकी प्रशासन ने संकेत दिया है कि भविष्य में इस सूची में अन्य देशों को भी जोड़ा जा सकता है। फिलहाल इसमें शामिल देशों की संख्या सीमित रखी गई है, लेकिन नियमों की समीक्षा के आधार पर विस्तार संभव है।

इमिग्रेशन समर्थकों ने उठाए सवाल

इस नीति को लेकर इमिग्रेशन अधिकारों के लिए काम करने वाले संगठनों ने चिंता जताई है। उनका कहना है कि इतनी बड़ी बॉन्ड राशि लगाने से वैध यात्रियों के लिए अमेरिका की यात्रा मुश्किल हो सकती है। आलोचकों का तर्क है कि यह व्यवस्था आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को प्रभावित कर सकती है और इससे भेदभाव की आशंका बढ़ सकती है।

ट्रंप प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा को बताया प्राथमिकता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनके प्रशासन ने इन सख्त इमिग्रेशन नियमों का बचाव किया है। सरकार का कहना है कि राष्ट्रीय सुरक्षा मजबूत करने और अवैध प्रवास को रोकने के लिए ऐसे कदम जरूरी हैं। प्रशासन का दावा है कि वीजा नियमों को सख्त बनाकर अमेरिका में प्रवेश और ठहरने की प्रक्रिया को अधिक नियंत्रित किया जा सकता है।

कानूनी इमिग्रेशन पर असर को लेकर बहस जारी

आलोचकों का कहना है कि अवैध इमिग्रेशन रोकने के प्रयासों के साथ-साथ कानूनी इमिग्रेशन की प्रक्रिया भी कठिन हो रही है। हाल के वर्षों में कुछ वीजा आवेदनों पर अतिरिक्त शुल्क, सोशल मीडिया जांच और अन्य सख्त प्रक्रियाओं को लेकर भी सवाल उठे हैं। वहीं सरकार का कहना है कि ये कदम सुरक्षा और बेहतर निगरानी के लिए जरूरी हैं।

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