UP Weather: उत्तर प्रदेश में एक बार फिर कुदरत के बदलते तेवरों ने जनजीवन को प्रभावित किया है। जहां पश्चिमी यूपी के जिलों में झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी से फौरी राहत पहुंचाई है, वहीं पूर्वी उत्तर प्रदेश के लिए अगले 24 घंटे बेहद संवेदनशील बताए जा रहे हैं। मौसम विभाग ने गरज-चमक के साथ तेज आंधी, वज्रपात और ओलावृष्टि का ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है, जिससे किसानों और आम नागरिकों की चिंता बढ़ गई है।
पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बारिश से मिली राहत
उत्तर प्रदेश के पश्चिमी इलाकों, विशेषकर तराई बेल्ट में हुई बारिश ने पारा गिरा दिया है। अमरोहा, मुरादाबाद और अलीगढ़ जैसे जिलों में तेज हवाओं के साथ बौछारें पड़ने से चिलचिलाती धूप से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिली है। हालांकि, मौसम विज्ञान विभाग (Lucknow Center) के अनुसार, 12 मई को प्रदेश के दोनों हिस्सों—पूर्वी और पश्चिमी यूपी—में गरज-चमक के साथ वर्षा (Thunderstorms and Showers) की प्रबल संभावना है। चेतावनी के मुताबिक, पश्चिमी जिलों में हवाओं की रफ्तार झोंकों में 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है, जबकि पूर्वी हिस्सों में 50 किमी प्रति घंटे की गति से अंधड़ चलने का अनुमान है।
विभिन्न जिलों के लिए वज्रपात की चेतावनी
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जनपदों के लिए गंभीर चेतावनी जारी की है। श्रावस्ती, बहराइच, लखीमपुर खीरी और सीतापुर समेत रूहेलखंड के बरेली, शाहजहांपुर और बदायूं में ओलावृष्टि और आसमानी बिजली (Hail and Lightning) गिरने की आशंका जताई गई है। इसके अतिरिक्त, एनसीआर के इलाकों जैसे गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और मेरठ के साथ-साथ ब्रज क्षेत्र के आगरा व मथुरा में भी तेज आंधी और वज्रपात (Strong Wind and Thunderstroke) का खतरा बना हुआ है। 13 मई के बाद पश्चिमी यूपी में मौसम शुष्क होने लगेगा, लेकिन पूर्वी जिलों जैसे गोरखपुर, बस्ती और कुशीनगर में अस्थिरता बनी रहेगी।
यातायात व्यवस्था पर पड़ा व्यापक असर
मुरादाबाद और आसपास के जिलों से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार सुबह प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिला। आसमान में घने काले बादलों के डेरा डालने से दिन में ही अंधेरा छा गया, जिससे सड़कों पर दृश्यता (Visibility) शून्य के करीब पहुंच गई। तेज अंधड़ और मूसलाधार बारिश (Severe Storm and Heavy Rain) के कारण जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया और वाहन चालकों को लाइटें जलाकर सफर करना पड़ा। पछुआ हवाओं और चक्रवाती प्रसार के सक्रिय होने से चली 30 किमी प्रति घंटे की हवाओं ने लोगों को घरों में कैद रहने पर मजबूर कर दिया। हालांकि इससे गर्मी कम हुई है, लेकिन आम के बागानों को भारी क्षति पहुंचने की आशंका है।
खराब मौसम में सुरक्षा संबंधी विशेष निर्देश
बिगड़ते मौसम को देखते हुए प्रशासन और कृषि विशेषज्ञों ने फसलों की सुरक्षा और बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की है। गन्ना, मक्का, मूंगफली और सब्जियों की फसलों को ओलावृष्टि से बचाने के लिए खेतों में जल निकासी के पुख्ता इंतजाम करने को कहा गया है। साथ ही, आम नागरिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे खराब मौसम के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें और बिजली के उपकरणों को अनप्लग रखें। विभाग ने आगाह किया है कि तेज हवाओं और आंधी से कच्चे मकानों और बिजली के खंभों को नुकसान पहुंच सकता है, इसलिए पूरी सतर्कता बरतें।










