MEA on Pakistan : भारत के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को पाकिस्तान को स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ उसे केवल बयान देने के बजाय ठोस और विश्वसनीय कार्रवाई करनी होगी। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को अपने इरादे और प्रतिबद्धता को कार्रवाई के जरिए साबित करना होगा। उनके मुताबिक, जब तक इस्लामाबाद आतंकवाद के खिलाफ वास्तविक कदम नहीं उठाता, तब तक दुनिया उसकी बातों पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर सकती।
आसिम मुनीर के बयान पर भारत की प्रतिक्रिया
विदेश मंत्रालय की पाक्षिक ब्रीफिंग के दौरान प्रवक्ता रणधीर जायसवाल से पाकिस्तान के चीफ ऑफ डिफेंस फोर्सेज फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की हालिया टिप्पणियों को लेकर सवाल किया गया। मुनीर ने मंगलवार को कहा था कि पाकिस्तान की सशस्त्र सेनाएं देश में बढ़ते उग्रवाद के खतरे के बीच आतंकवाद को हराने के लिए प्रतिबद्ध हैं। भारत ने इस बयान के संदर्भ में कहा कि वास्तविक विश्वास कार्रवाई से ही कायम हो सकता है।

पाकिस्तान को इरादे के साथ कार्रवाई दिखानी होगी
रणधीर जायसवाल ने कहा कि पाकिस्तान को सीमा पार आतंकवाद के खिलाफ ठोस कदम उठाकर यह साबित करना होगा कि वह अपनी कही बात पर अमल करने के लिए तैयार है। विदेश मंत्रालय का संदेश यह है कि आतंकवाद के मुद्दे पर केवल आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय के भरोसे के लिए पाकिस्तान को अपने दावों के अनुरूप प्रभावी और विश्वसनीय कार्रवाई करनी होगी।
यूक्रेन संघर्ष पर भारत ने दोहराया बातचीत का रुख
ब्रीफिंग के दौरान विदेश मंत्री एस. जयशंकर और यूक्रेन के विदेश मंत्री के बीच हुई बैठक को लेकर भी जानकारी दी गई। रणधीर जायसवाल ने बताया कि दोनों नेताओं ने हाल में यूक्रेन संघर्ष में हुए घटनाक्रमों पर चर्चा की। भारत ने एक बार फिर अपना रुख स्पष्ट किया कि बातचीत और कूटनीति ही संघर्ष का शांतिपूर्ण समाधान खोजने का रास्ता है। भारत इस मुद्दे पर दोनों पक्षों के संपर्क में है।

रूस और यूक्रेन से संपर्क में भारत
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत रूस और यूक्रेन दोनों के साथ लगातार संपर्क बनाए हुए है। भारत ने दोनों पक्षों से कहा है कि यदि वह किसी भी तरह शांतिपूर्ण समाधान में योगदान दे सकता है, तो वह इसके लिए तैयार है। नई दिल्ली का जोर लगातार संवाद, कूटनीतिक प्रयास और युद्ध को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ाने पर रहा है।
प्रधानमंत्री के संदेश का भी किया गया उल्लेख
रणधीर जायसवाल ने प्रधानमंत्री के उस संदेश का भी उल्लेख किया, जिसमें युद्ध की बजाय शांति की दिशा में आगे बढ़ने की जरूरत पर जोर दिया गया था। उन्होंने कहा कि भारत को उम्मीद है कि बातचीत और कूटनीति के माध्यम से रूस-यूक्रेन संघर्ष का जल्द शांतिपूर्ण समाधान निकाला जा सकेगा। भारत ने अपनी भूमिका को दोनों पक्षों के बीच संवाद और शांति के समर्थन तक सीमित रखते हुए सहयोग की इच्छा जताई है।
जापान के साथ रणनीतिक संबंधों पर चर्चा
विदेश मंत्रालय ने भारत-जापान संबंधों को लेकर भी जानकारी साझा की। जायसवाल के अनुसार, जापान की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) का एक प्रतिनिधिमंडल भारत दौरे पर आया था। प्रतिनिधिमंडल ने विदेश सचिव से मुलाकात की। इसकी अगुवाई LDP के इंटरनेशनल ब्यूरो के डायरेक्टर जनरल तारो कोनो ने की। कोनो जापान के रक्षा, विदेश और डिजिटल मंत्री जैसे महत्वपूर्ण पद संभाल चुके हैं।

आर्थिक सुरक्षा और रक्षा सहयोग पर जोर
विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह प्रतिनिधिमंडल ‘इंडिया-जापान डिस्टिंग्विश्ड विजिटर्स प्रोग्राम’ के तहत 18 से 22 सितंबर तक भारत में रहा। बैठक के दौरान दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई। इसमें आर्थिक सुरक्षा साझेदारी, रक्षा सहयोग और संयुक्त सैन्य अभ्यास जैसे विषय शामिल रहे। जायसवाल ने कहा कि भारत और जापान के बीच सहयोग का दायरा काफी व्यापक है।
विशेष रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर जोर
विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत और जापान के बीच लगातार होने वाली उच्चस्तरीय बातचीत दोनों देशों की विशेष रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। आर्थिक सुरक्षा से लेकर रक्षा और अन्य क्षेत्रों तक दोनों देशों के संबंधों में सहयोग के कई आयाम हैं। भारत ने संकेत दिया कि नियमित संवाद और आपसी संपर्क इस साझेदारी को आगे मजबूत करने में मदद करते हैं।
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