Varanasi Bulldozer Action : वाराणसी की दालमंडी में बुलडोजर एक्शन, जानें क्यों निशाने पर आईं छह मस्जिदें?

उत्तर प्रदेश के वाराणसी स्थित घनी आबादी वाले दालमंडी इलाके में प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई से अचानक भारी तनाव और हड़कंप मच गया है; अवैध निर्माण और अतिक्रमण हटाने की इस सूची में छह मस्जिदें भी शामिल हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि बुलडोजर चलने की तय तारीख से पहले वहां सुरक्षा के क्या पुख्ता इंतजाम किए गए हैं? जानने के लिए पढ़ें पूरी खबर।

Varanasi Bulldozer Action

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 16, 2026

Varanasi Bulldozer Action :  उत्तर प्रदेश में अवैध अतिक्रमण, भू-माफियाओं और नियमों को ताक पर रखकर किए गए अवैध निर्माणों के खिलाफ योगी सरकार का ताबड़तोड़ ‘बुलडोजर एक्शन’ लगातार जारी है। राज्य सरकार के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासनिक अमला सड़कों के चौड़ीकरण और सरकारी जमीनों को कब्जा मुक्त कराने की राह में आने वाले हर एक अवैध ढांचे को चुन-चुनकर ध्वस्त कर रहा है। इसी कड़े अभियान के सिलसिले में, धर्मनगरी वाराणसी के बेहद व्यस्त और ऐतिहासिक व्यापारिक इलाके दालमंडी में सड़क चौड़ीकरण परियोजना को गति देने के लिए एक बार फिर बुलडोजर की गर्जना तेज हो गई है।

प्रशासन की इस बड़ी कार्रवाई के तहत अब तक दालमंडी क्षेत्र में 70 से भी अधिक रिहायशी मकानों, दुकानों और व्यावसायिक भवनों को पूरी तरह से जमींदोज कर दिया गया है। इस महा-अभियान की जद में इस बार इलाके की छह मस्जिदें भी आ गई हैं, जिन पर आने वाले दिनों में बड़ी कार्रवाई होनी तय मानी जा रही है।

वाराणसी की दालमंडी में छह मस्जिदों पर चलेगा बुलडोजर: शिफ्टिंग के कड़े आदेश जारी

वाराणसी के दालमंडी में चल रहे व्यापक सड़क चौड़ीकरण और सुंदरीकरण अभियान के तहत चिन्हित की गईं छह मस्जिदों पर प्रशासनिक हथौड़ा चलने की पूरी तैयारी हो चुकी है। जिला प्रशासन ने इन धार्मिक स्थलों की प्रबंधन समितियों (मस्जिद कमेटी) को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए इन्हें जल्द से जल्द किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट करने या हटाने का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। कमेटी को दिए गए तय समय की समाप्ति के तुरंत बाद प्रशासन द्वारा सीधे ध्वस्तीकरण की जमीनी कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। इस बेहद संवेदनशील और बड़े अभियान के मद्देनजर कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे दालमंडी और आसपास के संवेदनशील मुस्लिम बहुल इलाकों में भारी मात्रा में पुलिस बल, पीएसी और त्वरित कार्य बल (आरएएफ) की तैनाती कर दी गई है।

चिन्हित की गईं ये छह ऐतिहासिक मस्जिदें: सूची में संगमरमर वाली मस्जिद भी शामिल

प्रशासनिक सर्वे के बाद सड़क चौड़ीकरण की जद में आकर टूटने वाली जिन छह मस्जिदों की सूची तैयार की गई है, उनमें क्षेत्र की कई पुरानी और प्रमुख मस्जिदें शामिल हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, इन मस्जिदों में मुख्य रूप से प्रसिद्ध ‘लंगड़े हाफिज मस्जिद’ का नाम शामिल है। इसके अतिरिक्त, खूबसूरती के लिए जानी जाने वाली ‘संगमरमर वाली मस्जिद’, ‘अली रजा खान मस्जिद’, ‘निसारन मस्जिद’, ‘शाह मस्जिद’ और ‘करीमुल्लाह बेग मस्जिद’ पर भी प्रशासन का पीला पंजा (बुलडोजर) चलना तय हो गया है। इन सभी धार्मिक ढांचों को हटाने के लिए नक्शे और पैमाइश का काम पूरा कर लिया गया है।

पूर्वांचल का सबसे बड़ा बाजार हुआ वीरान: 187 अवैध निर्माणों पर टिकी नजरें

भौगोलिक और आर्थिक दृष्टि से देखा जाए तो इस समय उत्तर प्रदेश में जहां सबसे ज्यादा और आक्रामक तरीके से बुलडोजर गरज रहा है, वह वाराणसी का दालमंडी इलाका ही है। दालमंडी को कभी पूरे पूर्वांचल के सबसे बड़े, घने और व्यस्त थोक कपड़े और अन्य सामानों के बाजार के रूप में जाना जाता था, लेकिन इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद इस ऐतिहासिक बाजार का पुराना वजूद और नक्शा पूरी तरह बदलता नजर आ रहा है। राजस्व विभाग और विकास प्राधिकरण की टीम ने दालमंडी की मुख्य सड़कों पर कुल 187 अवैध मकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को ध्वस्त करने के लिए लाल निशान लगाकर चिन्हित किया है। इनमें से 70 से अधिक अवैध निर्माणों को अब तक पूरी तरह मलबे में तब्दील किया जा चुका है।

हापुड़ और पीलीभीत में भी गरजा बुलडोजर: सपा नेताओं के अवैध आलीशान आशियाने जमींदोज

बुलडोजर की यह कार्रवाई केवल वाराणसी तक ही सीमित नहीं है, बल्कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के हापुड़ और तराई क्षेत्र के पीलीभीत में भी प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। पीलीभीत में समाजवादी पार्टी के एक बड़े अवैध कार्यालय पर नगर पालिका और जिला प्रशासन की टीम ने मिलकर बुलडोजर चला दिया है। वहीं दूसरी ओर, हापुड़ में समाजवादी पार्टी के कद्दावर स्थानीय नेता अय्यूब सिद्दीकी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई है। आरोप है कि सपा नेता अय्यूब सिद्दीकी ने एक सरकारी तालाब की बेशकीमती जमीन पर कब्जा करके अपना अवैध आलीशान मकान खड़ा कर रखा था, जिसे कोर्ट के आदेश के बाद प्रशासन ने पूरी तरह से ढहा दिया।

कार्रवाई पर गरमाई सूबे की सियासत: विपक्ष ने लगाया अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने का आरोप

इन ताबड़तोड़ ध्वस्तीकरण की कार्रवाइयों के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीतिक फिजा में एक बार फिर भारी गरमाहट आ गई है और सत्ता पक्ष तथा विपक्ष आमने-सामने आ गए हैं। समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि स्थानीय प्रशासन पूरी तरह से राजनीतिक प्रतिशोध की भावना से काम कर रहा है। विपक्ष का दावा है कि सरकार जानबूझकर विपक्षी दलों से जुड़े नेताओं और विशेष रूप से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को चुन-चुनकर निशाना बना रही है और उनके आशियाने उजाड़ रही है। दूसरी तरफ, सत्ता पक्ष ने इन आरोपों को खारिज करते हुए साफ किया है कि यह कार्रवाई किसी जाति या धर्म को देखकर नहीं, बल्कि कोर्ट के आदेशों और केवल अवैध कब्जों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के की जा रही है।

Read More :  Vat Savitri Vrat Katha: सत्यवान और सावित्री की अमर प्रेम कथा, वट सावित्री व्रत का महत्व