UP LEADS 2025 Award : लॉजिस्टिक्स और इंफ्रास्ट्रक्चर के मोर्चे पर उत्तर प्रदेश ने राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी और अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल की है। देश के चारों ओर भूमि से घिरे यानी लैंडलॉक्ड राज्यों की श्रेणी में उत्तर प्रदेश ने ‘लॉजिस्टिक्स ईज अक्रॉस डिफरेंट स्टेट्स’—लीड्स (LEADS) 2025 रैंकिंग में सर्वोच्च “एग्जेम्प्लर (Exemplar)” पुरस्कार अपने नाम किया है। इस गौरवपूर्ण सम्मान के साथ ही उत्तर प्रदेश देश का सबसे बेहतरीन और अनुकरणीय प्रदर्शन करने वाला लैंडलॉक्ड राज्य बनकर उभरा है। गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश पिछले तीन वर्षों (2022 से 2024 तक) से लगातार इस रैंकिंग में “अचीवर” श्रेणी में शामिल रहा था, लेकिन इस साल राज्य ने नीतिगत सुधारों के दम पर सीधे शीर्ष पायदान पर छलांग लगाई है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने सौंपा सम्मान: नई दिल्ली में हुआ भव्य आयोजन
यह प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान बुधवार को नई दिल्ली के वाणिज्य भवन में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान प्रदान किया गया। केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने लीड्स 2025 रिपोर्ट जारी करने के साथ ही ‘LEAPS’ (Logistics Excellence, Advancements & Performance Shield) 2025 पुरस्कार वितरित किए। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इस गौरवशाली पुरस्कार को ‘इन्वेस्ट यूपी’ के अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी (ACEO) शशांक चौधरी ने ग्रहण किया। इस पुरस्कार ने साबित कर दिया है कि उत्तर प्रदेश अब केवल कृषि ही नहीं, बल्कि औद्योगिक बुनियादी ढांचे में भी देश का नेतृत्व कर रहा है।
क्या है लीड्स रैंकिंग और कैसे होता है राज्यों का मूल्यांकन?
‘लीड्स’ (LEADS) पहल की शुरुआत वर्ष 2018 में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत उद्योग एवं आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा की गई थी। यह वास्तव में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लॉजिस्टिक्स प्रदर्शन का निष्पक्ष आकलन करने के लिए एक राष्ट्रीय बेंचमार्किंग फ्रेमवर्क है। इस रैंकिंग को तैयार करने के लिए मुख्य रूप से तीन महत्वपूर्ण मानकों का बारीकी से मूल्यांकन किया जाता है, जिनमें लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे सड़कों और गोदामों की स्थिति), रसद सेवाएं, अनुकूल नियामकीय व्यवस्था और परिचालन दक्षता (ऑपरेशनल एफिशिएंसी) शामिल हैं।
वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनमी का आधार: वेयरहाउसिंग नीति का दिखा असर
इन्वेस्ट यूपी के एसीईओ शशांक चौधरी ने इस ऐतिहासिक सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के दूरदर्शी विजन के अनुरूप लॉजिस्टिक्स सेक्टर को राज्य की ‘वन ट्रिलियन डॉलर’ अर्थव्यवस्था का मुख्य आधार बनाया गया है। उन्होंने बताया कि ‘उत्तर प्रदेश वेयरहाउसिंग एवं लॉजिस्टिक्स नीति 2022’ के प्रभावी और जमीनी क्रियान्वयन से प्रदेश का पूरा लॉजिस्टिक्स इकोसिस्टम अभूतपूर्व रूप से मजबूत हुआ है। सरकार की निवेश अनुकूल नीतियों के कारण ही आज वैश्विक और घरेलू कंपनियां उत्तर प्रदेश की ओर आकर्षित हो रही हैं।
पीएम गतिशक्ति और सिटी लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान का एकीकरण
उत्तर प्रदेश की इस कामयाबी के पीछे केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का कुशल समन्वय भी है। राज्य सरकार ने ‘पीएम गतिशक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान’ की तर्ज पर प्रदेश के प्रमुख शहरों के लिए ‘सिटी लॉजिस्टिक्स मास्टर प्लान’ विकसित किए हैं। इन योजनाओं का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा एकीकृत और कुशल लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करना है जिससे न केवल माल ढुलाई और परिवहन लागत में भारी कमी आए, बल्कि अंतिम छोर तक (लास्ट-माइल कनेक्टिविटी) बेहतर पहुंच और सप्लाई चेन की दक्षता में भी सुधार सुनिश्चित हो सके।
रणनीतिक लॉजिस्टिक्स हब और पीपीपी मॉडल को मिला बढ़ावा
उत्तर प्रदेश वर्तमान में लॉजिस्टिक्स पार्क, अत्याधुनिक वेयरहाउसिंग सुविधाओं, ग्रामीण गोदामों और कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास के लिए निजी निवेश और पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल को तेजी से बढ़ावा दे रहा है। राज्य में बन रहे नए एक्सप्रेसवे, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) और जेवर जैसे आगामी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों के आसपास रणनीतिक रूप से लॉजिस्टिक्स हब विकसित किए जा रहे हैं। बुनियादी ढांचे के इस आधुनिक जाल ने उत्तर प्रदेश को देश के एक प्रमुख लॉजिस्टिक्स पावरहाउस के रूप में स्थापित कर दिया है, जिससे भविष्य में रोजगार और व्यापार के नए रास्ते खुलेंगे।
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