UP Politics: उत्तर प्रदेश की राजनीति में बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की मुखिया मायावती के एक फैसले ने सियासी हलचल तेज कर दी है। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के कुछ बड़े नेताओं ने लखनऊ में मायावती के आवास पर जाकर उनसे मुलाकात करने और उनके स्वास्थ्य का हालचाल जानने की कोशिश की। लेकिन, बसपा सुप्रीमो के घर के दरवाजे कांग्रेस नेताओं के लिए नहीं खुले और उन्हें बिना मिले ही बैरंग लौटना पड़ा। मायावती के इस सख्त रुख पर अब भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस पर तंज कसा है।
Weather Update: महाराष्ट्र में तापमान ने मचाई तबाही, नागपुर में 3 लोगों की मौत
बीजेपी का कांग्रेस पर हमला
मायावती द्वारा कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को बिना मुलाकात किए वापस लौटाए जाने के मामले पर उत्तर प्रदेश बीजेपी के पूर्व अध्यक्ष और योगी सरकार के मौजूदा मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि देश और प्रदेश में कांग्रेस की वास्तविक स्थिति सबके सामने साफ है और पार्टी अपनी राजनीतिक जमीन पूरी तरह खो चुकी है।
मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी का बयान
“कांग्रेस नेता सिर्फ फोटो खिंचवाने और समाज में अपनी फर्जी मौजूदगी दर्ज कराने के उद्देश्य से मायावती जी के आवास पर गए थे। यह पूरी तरह से एक ‘फोटो सेशन’ का प्रयास था। जिस तरह से मायावती ने उन्हें जवाब दिया (मिलने से इनकार किया), वह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि कांग्रेस का राजनीतिक आधार अब पूरी तरह खत्म हो चुका है।”
बिना अनुमति मायावती के घर पहुंचे कांग्रेसी
लखनऊ में मंगलवार की शाम को घटित यह घटनाक्रम अब कांग्रेस के लिए गले की हड्डी बन गया है। दरअसल, कांग्रेस के कई बड़े नेता बिना किसी तय कार्यक्रम और बिना आधिकारिक अनुमति के अचानक मायावती के लखनऊ स्थित वीआईपी आवास पर पहुंच गए थे। इस बिना बुलाए दौरे के कारण विवाद खड़ा हो गया है और कांग्रेस आलाकमान ने अपने ही नेताओं की इस हरकत पर सख्त रुख अपनाते हुए उनसे लिखित स्पष्टीकरण (जवाब-तलब) मांगा है।
यह स्थिति कांग्रेस नेतृत्व के लिए इसलिए भी अधिक असहज और शर्मिंदगी भरी बन गई क्योंकि यह पूरा घटनाक्रम पार्टी के शीर्ष नेता राहुल गांधी की रायबरेली यात्रा के दौरान हुआ। एक तरफ राहुल गांधी यूपी के दौरे पर थे, और दूसरी तरफ उनकी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल बसपा प्रमुख से मिलने की नाकाम कोशिश कर रहा था।
बसपा प्रदेश अध्यक्ष बोले- ‘हमें इस दौरे की कोई जानकारी नहीं’
इस पूरे सियासी ड्रामे पर बहुजन समाज पार्टी की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष विश्वनाथ पाल ने पूरी तरह अनभिज्ञता जताई है। जब मीडिया ने उनसे कांग्रेस नेताओं के मायावती के आवास पर पहुंचने को लेकर सवाल किया, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक सूचना नहीं थी। विश्वनाथ पाल ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “मुझे नहीं पता कि ‘बहन जी’ (मायावती) से मिलने कौन आया था। संगठन या कार्यालय को ऐसे किसी भी दौरे या मुलाकात की पहले से कोई जानकारी नहीं दी गई थी।”
कौन-कौन से नेता पहुंचे थे मायावती के द्वार?
मायावती से मिलने की आस लेकर उनके आवास पर पहुंचने वाले नेताओं में मुख्य रूप से कांग्रेस के अनुसूचित जाति (SC) विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजेंद्र पाल गौतम और इसी विभाग की उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष व नवनिर्वाचित सांसद तनुज पुनिया शामिल थे। इन नेताओं की इस कोशिश को राजनीतिक गलियारों में दलित राजनीति के समीकरणों को साधने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा था, लेकिन मायावती के ‘नो एंट्री’ के बोर्ड ने कांग्रेस की इस योजना पर फिलहाल पानी फेर दिया है और बीजेपी को बैठे-बिठाए हमला करने का बड़ा मुद्दा दे दिया है।
Weather Update: उत्तर प्रदेश में प्रचंड गर्मी का कहर, जानें आपके शहर आज कैसा रहेगा मौसम










