UP News: ‘भइया जी लंदन जा रहे हैं और तुम झोला ढो रहे हो’ ओपी राजभर का अखिलेश यादव पर सबसे तीखा हमला

उत्तर प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होते ही ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के योगी सरकार के फैसले ने राजनीतिक पारा चढ़ा दिया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसका विरोध किया, जिस पर मंत्री ओपी राजभर ने करारा पलटवार किया है। राजभर ने सपा की चुनावी संभावनाओं पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी की है।

UP Panchayat Election

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 4, 2026

UP News: उत्तर प्रदेश में पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद ग्राम प्रधानों को ही प्रशासक बनाए जाने के निर्णय ने राज्य की सियासत में हलचल पैदा कर दी है। योगी सरकार के इस फैसले का समाजवादी पार्टी ने पुरजोर विरोध किया है, जिसे लेकर पंचायती राज मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने सपा प्रमुख अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला है। राजभर ने सपा को चुनौती देते हुए कहा कि लाख कोशिशों के बावजूद ग्राम प्रधान ही प्रशासक के रूप में कार्य करेंगे। उन्होंने सपा की रणनीतियों को विफल बताते हुए दावा किया कि अब सपा विधानसभा ही नहीं, पंचायत चुनाव जीतने की स्थिति में भी नहीं है।

ओपी राजभर का सपा प्रमुख पर तीखा हमला

कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर एक आक्रामक पोस्ट के जरिए अखिलेश यादव को घेरते हुए कहा कि सपा प्रमुख चाहे कितनी भी ‘तीन-तिकड़म’ लगा लें, नतीजे उनके पक्ष में नहीं होने वाले। राजभर ने सपा कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कटाक्ष किया कि वे अखिलेश के लंदन जाने की तैयारी में उनका सूटकेस और बैग ढोने का काम करें, क्योंकि उसी से उनका भविष्य उज्ज्वल होगा। राजभर का यह बयान सपा की कार्यप्रणाली पर एक बड़ा सवालिया निशान खड़ा करने वाला है, जिसमें उन्होंने सपा समर्थकों को ‘झोला उठाने वाला’ कहकर संबोधित किया है।

राजभर ने सपा के ‘विक्टिम कार्ड’ पर की टिप्पणी

मंत्री राजभर ने आगे कहा कि अखिलेश यादव फिलहाल एसी कमरों में बैठकर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने की स्थिति में भी नहीं हैं, क्योंकि उनके करीबी लोग विभिन्न मामलों में पुलिस की गिरफ्त में हैं और योगी सरकार की पुलिस उनकी ‘खातिरदारी’ कर रही है। राजभर ने सपा पर ‘विक्टिम कार्ड’ खेलने का आरोप लगाते हुए कहा कि जब भी उनके लोगों पर कानूनी कार्रवाई होती है, तो वे तुरंत जातिगत या समुदाय विशेष का नाम लेकर सहानुभूति बटोरने की कोशिश करते हैं। उन्होंने साफ किया कि राज्य की जनता अब इन सब हथकंडों से पूरी तरह वाकिफ हो चुकी है।

पंचायत से विधानसभा तक बदलेगी सियासी तस्वीर

अपने कड़े बयानों में राजभर ने यह भी दावा किया कि यूपी के गैर-यादव पिछड़ों और दलितों ने अब मन बना लिया है कि इस बार सपा का जातीय समीकरण काम नहीं करेगा। उन्होंने ‘पीट देगा अहीर’ और ‘पीट देगा अल्पसंख्यक’ जैसे नारों का उल्लेख करते हुए कहा कि ये जुमले अब चुनाव में प्रभावी नहीं होंगे। उन्होंने संकेत दिया कि पंचायत चुनाव से लेकर आगामी विधानसभा चुनावों तक, दलित और पिछड़े वर्ग के मतदाता सपा की राजनीति को नकारने की तैयारी कर चुके हैं। राजभर का यह दावा यूपी की राजनीति में एक नए ध्रुवीकरण की ओर इशारा करता है।