UP News : उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में उस समय हड़कंप मच गया जब यूपी 112 के सोशल मीडिया डेस्क के व्हाट्सऐप नंबर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को जान से मारने और अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी भरा मैसेज मिला।
यह गंभीर मामला सामने आते ही पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत सक्रिय हो गईं। यूपी 112 मुख्यालय में तैनात इंस्पेक्टर सहेंद्र कुमार यादव ने इस संबंध में सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
UP Politics: बृजभूषण का ‘शायराना’ वार और बेटे का कटा नाम; गोंडा के बाहुबली ने दिल्ली में खोल दिया मोर्चा?
व्हाट्सऐप मैसेज से मिली धमकी
पुलिस के अनुसार, यूपी 112 मुख्यालय की सोशल मीडिया व्हाट्सऐप डेस्क पर एक अज्ञात मोबाइल नंबर से धमकी भरा संदेश प्राप्त हुआ। इस मैसेज में दावा किया गया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को 24 घंटे के भीतर जान से मार दिया जाएगा और अयोध्या के राम मंदिर को बम से उड़ा दिया जाएगा।
यह मैसेज शनिवार शाम लगभग 5:16 बजे देखा गया। जैसे ही इसकी जानकारी संबंधित अधिकारियों को मिली, तुरंत स्क्रीनशॉट लेकर वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया। इसके बाद थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई।
साइबर सेल और एसटीएफ को जांच की जिम्मेदारी
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत साइबर क्राइम सेल, एसटीएफ और खुफिया एजेंसियों को जांच में शामिल कर लिया है। धमकी भरे मैसेज की जांच के लिए मोबाइल नंबर, लोकेशन और आईपी एड्रेस ट्रेस किया जा रहा है। पुलिस ने बताया कि सरकारी कार्य में बाधा, धमकी देने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की जांच तेज कर दी गई है और कई टीमों को आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगाया गया है।
उच्च अधिकारियों और सुरक्षा एजेंसियों को दी गई जानकारी
इस घटना की जानकारी एडीजी कानून एवं व्यवस्था, सुरक्षा मुख्यालय और अन्य उच्च अधिकारियों को दे दी गई है। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। अपर पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) रल्लापल्ली बसंथ कुमार ने बताया कि साइबर टीम लगातार तकनीकी जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी की पहचान कर ली जाएगी।
पुलिस का बयान और आगे की कार्रवाई
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, धमकी भरा मैसेज भेजने वाले व्यक्ति की पहचान जल्द करने के प्रयास जारी हैं। सभी डिजिटल सबूतों को सुरक्षित कर लिया गया है और तकनीकी जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। सुरक्षा एजेंसियों ने इसे बेहद गंभीर मामला मानते हुए पूरे प्रदेश में अलर्ट जारी कर दिया है। पुलिस का कहना है कि दोषी को जल्द गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।










