Fatehpur News: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले से एक बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। यहां ललौली थाना क्षेत्र के कुनुवा का डेरा गांव के समीप बह रही यमुना नदी में नहाने गए छह दोस्त अचानक गहरे पानी के तेज बहाव में समा गए। इस भीषण जल हादसे में चार मासूम युवकों की पानी में डूबने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य युवकों को स्थानीय ग्रामीणों और रेस्क्यू टीम की मुस्तैदी से जिंदा बाहर निकाल लिया गया। नदी से बचाए गए दोनों घायल युवकों की हालत फिलहाल बेहद नाजुक बनी हुई है। इस अचानक हुई भीषण घटना के बाद से ही पूरे घाट पर अफरा-तफरी मच गई और पूरे क्षेत्र में कोहराम मच गया।
नदी में नहाते समय अचानक बिगड़ा संतुलन
स्थानीय पुलिस प्रशासन से मिली प्राथमिक जानकारी के अनुसार, हादसे का शिकार हुए सभी छह युवक ललौली क्षेत्र के ही तपनी गांव के निवासी थे। रविवार की छुट्टी के दिन सभी दोस्त मिलकर एक साथ यमुना नदी के किनारे स्नान करने और समय बिताने पहुंचे थे। चश्मदीदों के मुताबिक, नदी में नहाते समय मौज-मस्ती के दौरान कुछ युवकों का पैर अचानक फिसल गया और वे गहरे पानी की तरफ चले गए। पानी का स्तर और गहराई अत्यधिक होने के कारण वे अपना शारीरिक संतुलन खो बैठे और नदी की लहरों के बीच डूबने लगे। अपने साथियों को जल समाधि लेते देख जब बाकी दोस्तों ने उन्हें बचाने के लिए हाथ आगे बढ़ाया, तो वे भी पानी के भंवर में फंस गए। देखते ही देखते सभी छह दोस्त एक-एक कर नदी में विलीन होने लगे, जिसे देख घाट पर मौजूद अन्य लोगों ने चीखना-पुल्लना शुरू कर दिया।
चीख-पुकार सुनकर दौड़े स्थानीय गोताखोर
नदी किनारे मौजूद लोगों के शोर मचाने पर आसपास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण और स्थानीय गोताखोर तुरंत बिना वक्त गंवाए नदी की तरफ दौड़े। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया और तत्काल संयुक्त रूप से तलाश और बचाव अभियान (Rescue Operation) शुरू किया गया। उफनती नदी के बीच गोताखोरों ने काफी देर तक सघन सर्च ऑपरेशन चलाया। बेहद कड़े संघर्ष और मशक्कत के बाद पानी में डूबे दो युवकों को जीवित बाहर निकालने में सफलता हासिल हुई। दोनों की सांसें चल रही थीं, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण उन्हें तुरंत एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। हालांकि, नियति को कुछ और ही मंजूर था; बाकी के चार युवकों को समय रहते सुरक्षित बाहर नहीं निकाला जा सका और पानी के अंदर दम घुटने से उनकी मौत हो गई।
मृतकों की हुई आधिकारिक पहचान
आपको बता दे कि, यमुना नदी के गहरे पानी से निकाले गए चारों बदहवास शवों की पहचान तपनी गांव के रहने वाले हसीबुद्दीन, शाहिद, अंश और शान के रूप में की गई है। जैसे ही यह खबर हवा की तरह गांव में फैली, मृतकों के रोते-बिलखते परिजन और सैकड़ों ग्रामीण दौड़ते हुए घटना स्थल पर पहुंच गए। अपने लाडलों के बेजान शरीरों को देख माता-पिता और परिवार वालों का रो-रोकर बुरा हाल है। चारों युवक आपस में पक्के दोस्त थे और उनकी इस तरह अचानक हुई मौत से पूरे तपनी गांव के हर घर में चूल्हा तक नहीं जला है और चारों तरफ केवल शोक और मातम का सन्नाटा पसरा हुआ है।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा
घटना की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए ललौली थाना पुलिस ने चारों मृतकों के शवों को अपने कब्जे में ले लिया है और पंचनामा भरकर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। पुलिस के उच्च अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की वैधानिक जांच की जा रही है। इसके साथ ही, मानसून की दस्तक और बदलते मौसम को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आम जनता और विशेषकर युवाओं से एक बेहद जरूरी अपील की है। पुलिस ने चेतावनी दी है कि किसी भी नदी, नहर या गहरे तालाब में नहाने के दौरान अत्यधिक सावधानी बरतें और अनजान व गहरे पानी में उतरने का दुस्साहस बिल्कुल न करें, क्योंकि जलस्तर का अचानक बढ़ना जानलेवा साबित हो सकता है।










