UP Politics: UP में मंत्रियों को क्यों नहीं मिल रहे विभाग? सपा प्रमुख के तीखे तंज पर राजभर का सबसे बड़ा पलटवार

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद मंत्रियों को विभाग न मिलने पर सियासी घमासान तेज हो गया है। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इसे 'कमाई और कमीशन के बंटवारे की लड़ाई' बताया, जिस पर कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने 'बेगाने मंत्रिमंडल में अखिलेश दीवाना' कहकर करारा पलटवार किया है।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 17, 2026

UP Politics: उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नवनियुक्त मंत्रियों को विभागों का बंटवारा न होने पर सूबे की सियासत गरमा गई है। नए मंत्रियों के महकमों की घोषणा में हो रही देरी को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस मुद्दे को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार की घेराबंदी की, जिसके बाद उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर ने उन पर बेहद आक्रामक अंदाज में पलटवार किया है।

मंत्रालयों के बंटवारे में देरी पर अखिलेश यादव का ‘डबल इंजन’ पर हमला

बताते चले कि, समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व में ट्विटर) पर एक के बाद एक कई तीखे पोस्ट साझा करते हुए सत्तारूढ़ भाजपा पर बड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार में नए मंत्रियों को विभाग सौंपने में हो रही देरी का असली कारण ‘कमीशन और कमाई का बंटवारा’ है। अखिलेश यादव ने तंज कसते हुए लिखा कि यह देरी दरअसल ‘कमीशन को लेकर डबल इंजन की आपसी टक्कर’ का नतीजा है, जिसके चलते नवनियुक्त मंत्री अभी तक केवल मूकदर्शक की भूमिका में बैठे हुए हैं। उन्होंने आगाह किया कि उत्तर प्रदेश की जनता शासन के हर एक कदम और निर्णय पर अपनी पैनी नजर बनाए हुए है।

भ्रष्टाचार पर निगरानी का ऐलान

अखिलेश यादव ने विपक्ष की रणनीति साफ करते हुए कहा कि नए मंत्रियों को जो भी विभाग सौंपे जाएंगे, उनके कामकाज और प्रशासनिक फैसलों की लगातार समीक्षा की जाएगी। सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार में भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने और जवाबदेही तय करने वाले तमाम सरकारी निगरानी तंत्र पूरी तरह निष्प्रभावी और कमजोर हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में जनता को न्याय दिलाने के लिए अब केवल सोशल मीडिया, डिजिटल माध्यमों और सिटिजन जर्नलिज्म (नागरिक पत्रकारिता) का ही सहारा बचा है। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता से आह्वान किया कि गड़बड़ी पाए जाने पर वे ऑडियो, वीडियो और अन्य दस्तावेजी साक्ष्य जुटाकर उजागर करें।

सुभासपा अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर का पलटवार

अखिलेश यादव की इस तीखी राजनीतिक टिप्पणी पर योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर ने अपने खास पूर्वांचली और बेबाक लहजे में करारा जवाब दिया। राजभर ने सपा प्रमुख के परिवार में हुए हालिया दुखद घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कहा कि शोक के माहौल के बावजूद अखिलेश यादव केवल अपनी राजनीति चमकाने में व्यस्त हैं। राजभर ने तंज कसते हुए कहा, “तेरहवीं का समय बीत जाने दीजिए, उसके बाद विचारों की शुद्ध राजनीति कर लीजिएगा।” इसके साथ ही उन्होंने तंज कसा कि यदि अखिलेश को विभागों की इतनी ही चिंता है, तो वे सुभासपा में शामिल हो जाएं, वे खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से बात कर उन्हें मंत्री पद दिलवा देंगे। उन्होंने अपने बयान का अंत ‘बेगाने मंत्रिमंडल में अखिलेश दीवाना’ कहकर किया।

परिवारवाद की राजनीति पर मनीष शुक्ला की तीखी प्रतिक्रिया

वहीं, इस पूरे सियासी घमासान में कूदते हुए उत्तर प्रदेश भाजपा के मुख्य प्रवक्ता मनीष शुक्ला ने भी समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया। भाजपा प्रवक्ता ने सपा के पिछले शासनकाल की याद दिलाते हुए कटाक्ष किया कि अखिलेश यादव के मुख्यमंत्री रहते हुए उत्तर प्रदेश में ‘साढ़े तीन मुख्यमंत्री’ सरकार चलाया करते थे। मनीष शुक्ला ने आरोप लगाया कि जो दल पूरी तरह परिवारवाद और व्यक्तिगत लाभ की राजनीति पर आधारित हैं, वे लोकतांत्रिक संगठनों की आंतरिक और सुव्यवस्थित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को कभी नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि विपक्ष जमीनी मुद्दों से कट चुका है और अब केवल सोशल मीडिया पोस्ट के सहारे ही अपनी राजनीतिक प्रासंगिकता बनाए रखने की असफल कोशिश कर रहा है।