UK Politics Crisis: चुनावी हार के बाद पीएम कीर स्टारमर पर बढ़ा दबाव

नई दिल्ली ब्रिटेन में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की वजह से प्रधानंत्री कीर स्टारमर अपना पद छोड़ने को तैयार हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपने करीबियों से कहा है कि वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। डेली मेलकी रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कीर स्टारमर अपने हिसाब से आगे का कदम उठाएंगे। उन्हें इस्तीफा कब देना है, इसका विचार भी वह खुद ही करेंगे। क्यों खतरे में है कीर स्टारमर की सरकार जानकारी के मुताबिक यूके की लेबर सरकार संकटों से जूझ रही है। लोगों की इस सरकार में विश्वास कम हो गया है। लेबर पार्टी के पीटर मैंडलसन का

Wrriten By :

Editor

Published On :

मई 17, 2026

नई दिल्ली

ब्रिटेन में बड़ी राजनीतिक उथल-पुथल की वजह से प्रधानंत्री कीर स्टारमर अपना पद छोड़ने को तैयार हो गए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक उन्होंने अपने करीबियों से कहा है कि वह इस्तीफा देने को तैयार हैं। डेली मेलकी रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री कीर स्टारमर अपने हिसाब से आगे का कदम उठाएंगे। उन्हें इस्तीफा कब देना है, इसका विचार भी वह खुद ही करेंगे।

क्यों खतरे में है कीर स्टारमर की सरकार
जानकारी के मुताबिक यूके की लेबर सरकार संकटों से जूझ रही है। लोगों की इस सरकार में विश्वास कम हो गया है। लेबर पार्टी के पीटर मैंडलसन का नाम एपस्टीन फाइल्स में आने केबाद लोगों ने लेबर पार्टी पर अविश्वास जताया और स्थानीय चुनावों में इसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा। इसी वजह से कीर स्टारमर पर भी इस्तीफा देने का दबाव बढ़ गया है।

गुरुवार को ब्रिटेन में क्षेत्रीय चुनाव हुए। यह चुनाव 136 क्षेत्रों में आयोजित किए गए। अंतिम नतीजों के अनुसार लेबर पार्टी ने परिषद की उन 2,200 से ज़्यादा सीटों में से लगभग 1,200 सीटें गंवा दीं, जिन पर पहले उसका कब्ज़ा था। दक्षिणपंथी 'रिफॉर्म यूके ' पार्टी स्पष्ट विजेता के तौर पर उभरी और उसने लगभग 1,400 सीटें जीतीं।

बता दें कि लेबर पार्टी के ही 80 से ज्यादा सांसदों ने उनसे पद छोड़ने की अपील की है। बीते दिनों सरकार के तीन सदस्यों के इस्तीफा देने की बात भी सामने आई थी।

निगेल फराज के नेतृत्व वाली रिफॉर्म यूके को चुनावों का सबसे बड़ा विजेता माना जा रहा है। स्काई न्यूज के अनुसार, इसने अब तक 1,422 सीटें जीती हैं। लेबर पार्टी 980 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है, जबकि लिबरल डेमोक्रेट्स और कंजरवेटिव पार्टी क्रमशः 834 और 754 सीटों के साथ तीसरे और चौथे स्थान पर हैं।प्लाइड सिमरु, जो वेल्स की स्वतंत्रता के लिए प्रतिबद्ध एक मध्य-वामपंथी पार्टी है, 43 सीटों के साथ वेल्स सेनेड में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है। रिफॉर्म यूके 34 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है जबकि लेबर पार्टी नौ सीटों के साथ बहुत पीछे तीसरे स्थान पर है। वेल्स में 27 साल सत्ता में रहने के बाद लेबर पार्टी ने पहले ही हार स्वीकार कर ली थी।

स्टारमर ने इस्तीफा देने से कर दिया था इनकार
वहीं स्कॉटलैंड में, स्कॉटिश नेशनल पार्टी ने सबसे अधिक 58 सीटें जीतीं लेकिन बहुमत के लिए आवश्यक 65 सीटों से पीछे रह गई। लेबर और रिफॉर्म यूके 17-17 सीटों पर बराबरी पर हैं जबकि कंजर्वेटिव पार्टी की सीटें घटकर 12 रह गईं। अपनी पार्टी के लिए निराशाजनक नतीजों के बावजूद, स्टारमर ने इस्तीफा देने से मना करते हुए कहा था कि वह पीछे नहीं हटेंगे और देश को अराजकता में नहीं धकेलेंगे।

Leave a Comment