Twisha Sharma Case: भदभदा श्मशान घाट में ट्विशा का अंतिम संस्कार, सेना में मेजर भाई ने नम आंखों से दी मुखाग्नि

भोपाल के भदभदा श्मशान घाट पर ट्विशा शर्मा का अंतिम संस्कार कर दिया गया है, जहाँ उनके भाई ने नम आँखों से मुखाग्नि दी।

Twisha Sharma Case

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मई 24, 2026

Twisha Sharma Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा संदिग्ध मौत मामले (Twisha Sharma Case) में रविवार (24 मई 2026) की शाम एक बेहद भावुक मोड़ आया। तमाम कानूनी प्रक्रियाओं और लंबी जद्दोजहद के बाद आखिरकार ट्विशा का भोपाल के भदभदा श्मशान घाट पर नम आंखों से अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान श्मशान घाट पर मौजूद हर शख्स की आंखें नम थीं। परिवार, करीबी रिश्तेदारों और बड़ी संख्या में पहुंचे स्थानीय लोगों की मौजूदगी में ट्विशा के भाई ने उन्हें मुखाग्नि दी। अंतिम विदाई के समय पूरा माहौल बेहद गमगीन हो गया और मृतका के माता-पिता व परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था।

ट्विशा का शव दिल्ली एम्स (AIIMS) के डॉक्टरों द्वारा किए गए दूसरे पोस्टमार्टम की लंबी प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाम को परिजनों को सौंपा गया था। शव मिलते ही परिजन सीधे भदभदा श्मशान घाट पहुंचे, जहां पहले से ही भारी संख्या में लोग ट्विशा को श्रद्धांजलि देने के लिए एकत्रित थे।

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दिल्ली एम्स की टीम ने किया दूसरा पोस्टमार्टम

ट्विशा शर्मा की मौत के पीछे छिपे सच को सामने लाने के लिए रविवार का दिन बेहद महत्वपूर्ण रहा। मृतका के शव का दोबारा पोस्टमार्टम (Re-Postmortem) करने के लिए दिल्ली एम्स से विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक विशेष टीम भोपाल पहुंची थी। एम्स के डॉक्टरों के इस पैनल ने करीब 4 घंटे से अधिक समय तक शव की बेहद बारीकी से फोरेंसिक और मेडिकल जांच की। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है ताकि कोई भी सुबूत छूटे नहीं।

दूसरे पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब मृतका के परिवार सहित पूरे प्रदेश की नजरें आने वाली विस्तृत पोस्टमार्टम रिपोर्ट (Postmortem Report) पर टिक गई हैं। पीड़ित परिवार को पूरी उम्मीद है कि इस नई रिपोर्ट से ट्विशा की संदिग्ध मौत से जुड़े कई गहरे और अनसुलझे सवालों के वैज्ञानिक जवाब सामने आ सकेंगे।

पहले पोस्टमार्टम पर पिता ने उठाए थे गंभीर सवाल

ट्विशा के पिता नवनिधि शर्मा ने शुरुआती पुलिसिया कार्रवाई और स्थानीय स्तर पर हुए पहले पोस्टमार्टम की प्रामाणिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। उनका आरोप था कि पिता का कहना था कि पहली पोस्टमार्टम प्रक्रिया में कई ऐसे महत्वपूर्ण और स्पष्ट शारीरिक निशानों व आंतरिक चोटों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया, जो सीधे तौर पर हत्या या गंभीर प्रताड़ना की ओर इशारा करते हैं।

इसी अंदेशे और स्थानीय जांच पर अविश्वास जताते हुए परिवार ने उच्च अधिकारियों और कोर्ट से दोबारा किसी प्रतिष्ठित राष्ट्रीय चिकित्सा संस्थान (जैसे एम्स) से पोस्टमार्टम कराने की गुहार लगाई थी, जिसे मंजूरी दी गई।

रिमांड पर आरोपी पति समर्थ सिंह

ट्विशा को आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के आरोप में गिरफ्तार उसका पति समर्थ सिंह फिलहाल भोपाल पुलिस की 7 दिनों की रिमांड पर है। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए गठित की गई विशेष जांच टीम (SIT) लगातार उससे पूछताछ कर रही है।

जांच सूत्रों का बड़ा खुलासा

पुलिस और एसआईटी के सूत्रों के मुताबिक, आरोपी पति समर्थ सिंह कस्टडी में जांच एजेंसियों को बिल्कुल भी सहयोग नहीं कर रहा है। वह बेहद शातिर और अड़ियल रवैया अपनाए हुए है। घटना की रात (12 मई) को हुए विवाद, चैट हिस्ट्री और दहेज की मांग से जुड़े कई तीखे और अहम सवालों पर वह गोलमोल और अस्पष्ट जवाब देकर गुमराह करने की कोशिश कर रहा है।

सबूतों और मेडिकल रिपोर्ट के सहारे आगे बढ़ेगी एसआईटी की कड़ियां

पति समर्थ सिंह के असहयोग वाले रवैये को देखते हुए अब जांच टीम पूरी तरह से वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों (Scientific Evidence) पर निर्भर हो गई है। एसआईटी अब दिल्ली एम्स की आने वाली पोस्टमार्टम रिपोर्ट, ट्विशा के डिलीट किए गए मोबाइल चैट्स की फोरेंसिक रिकवरी और श्मशान घाट व ससुराल के आसपास के तकनीकी इनपुट्स के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है।

ट्विशा शर्मा की इस दर्दनाक और अंतिम विदाई के बाद भी उनके मायके पक्ष का संकल्प कमजोर नहीं पड़ा है। पिता, भाई (सेना में मेजर हर्षित शर्मा) और दोस्तों का साफ कहना है कि जब तक ट्विशा की मौत के असली गुनहगारों को कड़ी से कड़ी सजा नहीं मिल जाती, उनका इंसाफ के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

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