Twisha Sharma Case: भोपाल का बहुचर्चित और हाई-प्रोफाइल त्विषा शर्मा मौत मामला कानूनी गलियारों में एक बेहद बड़े मोड़ पर पहुंच गया है। शुक्रवार को जबलपुर हाईकोर्ट में इस केस से जुड़ी तीन अलग-अलग याचिकाओं पर एक साथ सुनवाई हुई, जिसने पूरे मामले की दिशा बदल दी है। हाईकोर्ट ने पीड़ित परिवार की गुहार पर मृतका के शव का दोबारा पोस्टमार्टम (Re-postmortem) कराने का ऐतिहासिक आदेश दिया है। इसके साथ ही, चौतरफा कानूनी दबाव के बीच मुख्य आरोपी और मृतका के पति समर्थ सिंह ने आखिरकार कोर्ट में सरेंडर कर दिया है, जबकि रिटायर्ड जज सास की मुश्किलें भी बढ़ती नजर आ रही हैं।
दिल्ली एम्स की विशेष टीम करेगी री-पोस्टमार्टम
कटारा हिल्स थाना क्षेत्र में हुई इस संदिग्ध मौत के बाद, भोपाल जिला एवं सत्र न्यायालय से झटका मिलने के बाद मृतका के पिता नवनिधि शर्मा (निवासी नोएडा) ने न्याय के लिए जबलपुर हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट के जस्टिस ए.के. सिंह की एकलपीठ ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बड़ा फैसला सुनाया।
अदालत ने दिल्ली एम्स (AIIMS) के डायरेक्टर को तत्काल प्रभाव से फॉरेंसिक विशेषज्ञों और डॉक्टरों की एक विशेष टीम गठित करने का आदेश दिया है। दिल्ली एम्स की यह टीम भोपाल एम्स में जाकर मृतका का दोबारा पोस्टमार्टम करेगी। हाईकोर्ट ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि इस पूरी फॉरेंसिक प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा किया जाए ताकि सच्चाई सामने आ सके।
कोर्ट रूम में तीखी बहस
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील अनुराग श्रीवास्तव ने दलील दी कि भोपाल एम्स की पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट से परिवार संतुष्ट नहीं है और दोबारा फॉरेंसिक जांच होने से मौत से जुड़े कई संदिग्ध तथ्यों की स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी।
दूसरी तरफ, राज्य सरकार की ओर से उपस्थित देश के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता और महाधिवक्ता ने एकलपीठ के सामने स्पष्ट किया कि सरकार को दोबारा पोस्टमार्टम कराने पर कोई आपत्ति नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह भी जोड़ा कि प्रदेश के डॉक्टरों की योग्यता और उनकी पहली रिपोर्ट पर बेवजह सवाल नहीं उठाया जाना चाहिए, लेकिन निष्पक्षता और संतुष्टि के लिए अगर कारण स्पष्ट हैं, तो री-पोस्टमार्टम किया जा सकता है।
आरोपी पति समर्थ सिंह का सरेंडर
पति समर्थ सिंह का आत्मसमर्पण: समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका को लेकर लगाई गई तीसरी अर्जी को उसके वकील मृगेंद्र सिंह ने दोपहर में वापस ले लिया। उन्होंने कोर्ट को बताया कि समर्थ कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आत्मसमर्पण करेगा। इसके ठीक बाद, दोपहर बाद समर्थ सिंह ने जबलपुर कोर्ट में सरेंडर कर दिया, जहां से अब उसे पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।
सास गिरिबाला सिंह को नोटिस: राज्य सरकार की तरफ से कोर्ट में दूसरी याचिका त्विषा की सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की जमानत को रद्द करने के लिए लगाई गई थी। कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए गिरिबाला सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इस मामले की अगली सुनवाई 25 मई को तय की गई है।
क्या है पूरा मामला? गर्भपात और चोट के निशानों ने गहराया रहस्य
31 वर्षीय त्विषा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल के एडवोकेट समर्थ सिंह से हुई थी। शादी के महज कुछ महीनों बाद, 12 मई की रात भोपाल स्थित ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में उनका शव फंदे से लटका मिला। मायके पक्ष का आरोप है कि शादी के बाद से ही त्विषा को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था, दहेज की मांग की जा रही थी और उनके चरित्र पर कीचड़ उछाला जा रहा था। परिवार का दावा है कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी हत्या है।
इस केस ने तब और भयानक रूप ले लिया जब पहली पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि त्विषा दो महीने की गर्भवती थीं और मौत से कुछ दिन पहले ही उनका जबरन गर्भपात (Abortion) कराया गया था। इसके अलावा, मृतका के शरीर पर चोट के निशान मिले थे और मौत से चंद मिनट पहले उन्होंने अपने भाई और मां को रोते हुए फोन किया था। इन पुख्ता संदेहों के आधार पर पुलिस ने पति समर्थ और सास गिरिबाला सिंह के खिलाफ दहेज हत्या का केस दर्ज किया था, जिसकी जांच अब दिल्ली एम्स की रिपोर्ट और पति की कस्टडी के बाद नए सिरे से आगे बढ़ेगी।
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