Twisha Sharma Case: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मामले में आए दिन चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। मौत के 12 दिन बाद आखिरकार ट्विशा का अंतिम संस्कार तो कर दिया गया है, लेकिन उसकी रहस्यमयी मौत से जुड़े सुराग तलाशने में पुलिस लगातार जुटी हुई है। इसी कड़ी में पुलिस पूछताछ के दौरान ट्विशा के पति समर्थ सिंह ने एक नया और बड़ा खुलासा किया है। समर्थ ने पुलिस को दोनों के बीच हुए बेंगलुरु ट्रिप विवाद की पूरी कहानी बताई है, जो अब इस केस में जांच का एक अहम हिस्सा बन चुकी है।
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बेंगलुरु ट्रिप पर हुआ था विवाद
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पति समर्थ सिंह ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि मौत से कुछ दिन पहले दोनों के बीच गंभीर विवाद हुआ था। समर्थ के अनुसार समर्थ और ट्विशा 24 अप्रैल को एक साथ बेंगलुरु जाने वाले थे और इसके लिए फ्लाइट/ट्रेन के टिकट भी बुक हो चुके थे। ट्विशा पहले साथ जाने के लिए पूरी तरह तैयार थी, लेकिन ऐन वक्त पर उसने बेंगलुरु जाने से साफ मना कर दिया।
ट्विशा बेंगलुरु जाने के बजाय राजस्थान के अजमेर में रहने वाले अपने भाई हर्षित शर्मा के पास जाना चाहती थी। इसी बात को लेकर पति-पत्नी के बीच तीखी बहस और विवाद हुआ। विवाद के बावजूद 24 अप्रैल को दोनों अपनी-अपनी जिद पर अड़े रहे। ट्विशा भोपाल से अजमेर के लिए रवाना हो गई, जबकि समर्थ सिंह अकेले ही बेंगलुरु चला गया।
भोपाल से अजमेर और फिर दिल्ली
समर्थ सिंह ने पुलिस को आगे बताया कि ट्विशा अजमेर में ज्यादा वक्त नहीं रुकी। वह वहां सिर्फ एक दिन रुकने के बाद अचानक दिल्ली चली गई। दिल्ली में कुछ दिन बिताने के बाद वह 30 अप्रैल को वापस भोपाल लौटी थी।
पुलिस की अगली कार्रवाई
पति द्वारा इस 6 दिनों की यात्रा का जिक्र किए जाने के बाद पुलिस अब बेहद सतर्क हो गई है। पुलिस प्रशासन अब ट्विशा के भोपाल से अजमेर, अजमेर से दिल्ली और फिर वापस भोपाल आने के पूरे रूट और इस दौरान की कॉल डिटेल्स (CDR) खंगालने की तैयारी कर रहा है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन 6 दिनों में ट्विशा किन-किन लोगों के संपर्क में थी, ताकि उसकी मौत की असली वजह का सुराग मिल सके।
हाई कोर्ट के आदेश पर 2 बार हुआ पोस्टमार्टम, 12 दिन बाद भदभदा घाट पर अंतिम संस्कार ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत 12 मई को हुई थी। मौत के बाद से ही मायके और ससुराल पक्ष के बीच जारी खींचतान के चलते शव का अंतिम संस्कार 12 दिनों तक नहीं हो सका था।
एम्स दिल्ली की टीम ने किया दोबारा पोस्टमार्टम
पहले पोस्टमार्टम की रिपोर्ट से असंतुष्ट होने के बाद मामला कोर्ट पहुंचा था। इसके बाद मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के कड़े आदेश पर ट्विशा के शव का दूसरी बार पोस्टमार्टम कराया गया। यह दूसरा पोस्टमार्टम एम्स (AIIMS) दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों के 5 सदस्यीय विशेष मेडिकल बोर्ड ने किया, जो करीब 3 घंटे तक चला। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी करने के बाद एम्स की यह टीम जांच के लिए ट्विशा की ससुराल (गिरिबाला सिंह के घर) भी पहुंची थी।
दोनों पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद, आखिरकार 24 मई को भोपाल के भदभदा विश्राम घाट पर ट्विशा का अंतिम संस्कार किया गया। ट्विशा की चिता को उसके बड़े भाई हर्षित शर्मा ने मुखाग्नि दी। फिलहाल, इस हाई-प्रोफाइल केस में एम्स के मेडिकल बोर्ड की अंतिम पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है, जिसके बाद मौत के असल कारणों से पर्दा उठने की उम्मीद है।
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