Trump Kim Jong Un: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग उन के साथ अपने रिश्तों को लेकर बड़ा बयान दिया है। ट्रंप ने किम की तारीफ करते हुए कहा कि उत्तर कोरियाई नेता हमेशा उनके साथ सम्मान और अच्छे व्यवहार से पेश आए हैं। उन्होंने दोनों नेताओं के बीच मौजूद व्यक्तिगत तालमेल का भी जिक्र किया और कहा कि उनका मुख्य उद्देश्य कोरियाई प्रायद्वीप की स्थिति को अधिक सुरक्षित बनाना है।
ट्रंप बोले- किम मुझे समझते हैं और मैं उन्हें समझता हूं
मीडिया से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि वह किम जोंग उन से कई बार मुलाकात कर चुके हैं। दोनों नेताओं ने साथ बैठकर बातचीत की और एक-दूसरे को समझने का मौका मिला। ट्रंप ने अपने संबंधों को खास बताते हुए कहा कि किम उनके साथ काफी सम्मान से पेश आए हैं और दोनों के बीच अच्छी समझ है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरियाई नेता उनके साथ बेहतर तालमेल रखते हैं।
बाइडेन और ओबामा से रिश्तों की तुलना की
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने और किम जोंग उन के रिश्तों की तुलना पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपतियों के साथ उत्तर कोरिया के संबंधों से भी की। ट्रंप के मुताबिक किम को पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन और बराक ओबामा पसंद नहीं करते थे। उन्होंने दावा किया कि उनके कार्यकाल में उत्तर कोरिया का रवैया अपेक्षाकृत सम्मानजनक रहा और दोनों देशों के बीच तनाव कम करने की दिशा में बातचीत का रास्ता खुला।
कोरियाई प्रायद्वीप को सुरक्षित बनाने पर जोर
ट्रंप ने कहा कि किम जोंग उन के साथ उनके अच्छे संबंधों का इस्तेमाल क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि उनका दृष्टिकोण पिछले अमेरिकी राष्ट्रपतियों से अलग है। ट्रंप के मुताबिक उत्तर कोरिया के साथ टकराव बढ़ाने के बजाय बातचीत और व्यक्तिगत संबंधों के जरिए स्थिति को नियंत्रित करना अधिक प्रभावी हो सकता है।
दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यासों पर नाराजगी
ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है जब उन्होंने दक्षिण कोरिया के साथ अमेरिका के संयुक्त सैन्य अभ्यासों को कम करने का निर्देश दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने युद्ध सचिव पीट हेगसेथ को इन सैन्य अभ्यासों को काफी हद तक घटाने के लिए कहा है। ट्रंप ने इसके पीछे किम जोंग उन के साथ अपने संबंधों को भी एक महत्वपूर्ण वजह बताया है।
सैन्य अभ्यासों को ट्रंप ने बताया महंगा
ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में संयुक्त सैन्य अभ्यासों को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उत्तर कोरिया के नेता के साथ उनके अच्छे रिश्तों के बावजूद अमेरिका ने दक्षिण कोरिया के साथ सैन्य अभ्यास करने पर सहमति जताई थी। ट्रंप ने इन अभ्यासों को महंगा बताते हुए कहा कि इससे उत्तर कोरिया को अमेरिका की ओर से गलत और शत्रुतापूर्ण संदेश जाता है।
उत्तर कोरिया के व्यवहार का भी किया जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति ने दावा किया कि उनके पहले कार्यकाल के दौरान उत्तर कोरिया ने बिना धमकी दिए और सम्मानजनक तरीके से व्यवहार किया था। ट्रंप के अनुसार किम जोंग उन के साथ सीधे संवाद और बेहतर व्यक्तिगत संबंधों की वजह से दोनों देशों के बीच तनाव को नियंत्रित करने में मदद मिली थी। इसी आधार पर वह सैन्य गतिविधियों में कमी की पैरवी कर रहे हैं।
सैन्य अभ्यास पूरी तरह रद्द नहीं होंगे
ट्रंप ने स्पष्ट किया कि मौजूदा परिस्थितियों में संयुक्त सैन्य अभ्यासों को पूरी तरह रद्द करना संभव नहीं है, क्योंकि इसके लिए काफी देर हो चुकी है। हालांकि, उन्होंने रक्षा विभाग को इन अभ्यासों का स्तर काफी कम करने का निर्देश दिया है। उनके इस फैसले से अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य सहयोग को लेकर नई चर्चा शुरू हो सकती है।
किम से रिश्तों के आधार पर लिया फैसला
ट्रंप के ताजा बयानों से साफ है कि वह उत्तर कोरिया के साथ संबंधों में व्यक्तिगत कूटनीति को अहम मानते हैं। किम जोंग उन के साथ अपनी अच्छी समझ का हवाला देते हुए उन्होंने सैन्य अभ्यासों में कटौती का फैसला लिया है। अब देखना होगा कि इस कदम का अमेरिका-दक्षिण कोरिया संबंधों और उत्तर कोरिया के साथ भविष्य की बातचीत पर क्या असर पड़ता है।
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