Odisha Flood : ओडिशा में बैतरणी-सालंदी उफान पर, छह जिलों में बाढ़ का खतरा, 7.85 लाख प्रभावित

ओडिशा में बैतरणी और सालंदी नदियों के उफान से बाढ़ का खतरा लगातार बढ़ रहा है। छह जिलों के 66 ब्लॉक प्रभावित हैं और 7.85 लाख लोग इसकी चपेट में बताए जा रहे हैं। आखिर नदियों का जलस्तर इतना क्यों बढ़ा और आने वाले घंटों में हालात कितने गंभीर हो सकते हैं?

Odisha Flood

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अगस्त 18, 2026

Odisha Flood :  उत्तरी ओडिशा में पिछले कई दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश ने बाढ़ का संकट गहरा दिया है। बैतरणी, सालंदी, बुढ़ाबलंग और सुवर्णरेखा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। कई जगह नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बाढ़ की वजह से जाजपुर, भद्रक, बालासोर, मयूरभंज, केंद्रापड़ा और क्योंझर जिले सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। प्रशासन के अनुसार इन छह जिलों में करीब 7.85 लाख लोग बाढ़ से सीधे प्रभावित हैं। सैकड़ों गांवों में पानी घुस गया है, जबकि बड़ी मात्रा में कृषि भूमि जलमग्न हो चुकी है।

बैतरणी नदी ने पार किया खतरे का निशान

बैतरणी नदी इस समय ओडिशा की बाढ़ स्थिति का सबसे प्रमुख केंद्र बनी हुई है। नदी का जलस्तर सोमवार को ही खतरे के निशान को पार कर गया था और इसके बाद भी इसमें लगातार वृद्धि दर्ज की गई। अखुआपाड़ा में बैतरणी का जलस्तर 18.33 मीटर के खतरे के निशान के मुकाबले बढ़कर 19.25 मीटर पहुंच गया। इससे आसपास के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है। प्रशासन लगातार जलस्तर पर नजर बनाए हुए है और संभावित प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

क्योंझर में भी नदी खतरे के ऊपर

क्योंझर जिले के पटना इलाके में भी बैतरणी नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर दर्ज किया गया है। यहां नदी का निर्धारित खतरे का निशान 311.10 मीटर है, जबकि जलस्तर 311.22 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी के कारण नदी किनारे बसे इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। स्थानीय प्रशासन को निचले क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

सालंदी नदी ने भी बढ़ाई मुश्किलें

भद्रक जिले में सालंदी नदी का जलस्तर भी चिंता बढ़ा रहा है। राजघाट में सालंदी 17 फीट के खतरे के निशान के ऊपर 18.10 फीट पर बह रही है। भंडारिपोखरी ब्लॉक के सोलमपुर में सड़क पर दो फीट से ज्यादा पानी बहने लगा है। इससे स्थानीय आवागमन प्रभावित हुआ है। अन्नपाल पंचायत के राजा मुकुंदपुर पुल पर पानी पहुंचने के बाद संपर्क भी टूट गया है। कई ग्रामीण इलाकों में लोगों को आवाजाही के लिए कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

चार जिलों में IMD का रेड अलर्ट

मौसम विभाग ने बाढ़ की गंभीर स्थिति के बीच बालासोर, भद्रक, मयूरभंज और क्योंझर के लिए रेड अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई गई है। वहीं कटक, पुरी, खोरधा और संबलपुर के लिए ऑरेंज तथा येलो अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने और निचले इलाकों से दूर रहने की अपील की है।

मुख्यमंत्री ने प्रभावित क्षेत्रों का लिया जायजा

ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने जाजपुर और भद्रक के प्रभावित इलाकों का हवाई तथा जमीनी दौरा किया। दोनों ने बाढ़ की स्थिति और राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा की। प्रशासन को प्रभावित लोगों तक जरूरी सहायता जल्द पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत सामग्री और आवश्यक सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया जा रहा है।

पेयजल और स्वास्थ्य व्यवस्था पर विशेष ध्यान

बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य और पेयजल व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है। लोगों तक साफ पेयजल पहुंचाने के लिए टैंकर भेजे जा रहे हैं। जलजनित बीमारियों के खतरे को देखते हुए वाटर-प्यूरीफाइंग टैबलेट वितरित की जा रही हैं। इसके अलावा बाढ़ के दौरान सांपों के निकलने की आशंका को देखते हुए अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों में सर्पदंश के इलाज के लिए स्नेक-वेनम तैयार रखा गया है।

मछुआरों को समुद्र से दूर रहने की सलाह

ओडिशा तट और बंगाल की खाड़ी में खराब मौसम तथा समुद्र में उथल-पुथल की आशंका के चलते मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी गई है। प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों के बीच लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। लगातार बारिश के कारण स्थिति तेजी से बदल सकती है, इसलिए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की गई है।

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