Vande Mataram controversy: वंदे मातरम विवाद में कुमारस्वामी का सोनिया गांधी पर हमला, कांग्रेस का पलटवार

वंदे मातरम विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी के विदेशी मूल को लेकर तीखा हमला बोला। कांग्रेस ने पलटवार करते हुए उनके बयान की आलोचना की। कुमारस्वामी ने अपने रुख पर कायम रहते हुए सोनिया गांधी से देश के लिए किए गए त्याग पर सवाल उठाए। विवाद अब राजनीतिक रंग ले चुका है।

Vande Mataram controversy

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 18, 2026

Vande Mataram controversy: राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक बयानबाजी का बड़ा मुद्दा बन गया है। केंद्रीय भारी उद्योग और इस्पात मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उनके विदेशी मूल का मुद्दा उठा दिया। कुमारस्वामी ने कहा कि देश के राष्ट्रीय गीत का सभी को सम्मान करना चाहिए और इस मामले में कांग्रेस को संकीर्ण मानसिकता नहीं दिखानी चाहिए।

कुमारस्वामी ने सोनिया गांधी को लेकर सवाल उठाते हुए कहा कि उनसे और क्या उम्मीद की जा सकती है। उन्होंने दावा किया कि सोनिया गांधी शादी के बाद भारत आईं और उनकी मूल पहचान इटली से जुड़ी हुई है। केंद्रीय मंत्री ने इसी आधार पर कांग्रेस पर वंदे मातरम के प्रति कथित विरोधी रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उनके बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में बयानबाजी और तेज हो गई।

सोनिया गांधी के विदेशी मूल वाले बयान पर कांग्रेस का पलटवार

बताते चले कि, कुमारस्वामी के बयान पर कांग्रेस की ओर से भी तीखी प्रतिक्रिया सामने आई। कर्नाटक सरकार में मंत्री रिजवान अरशद ने केंद्रीय मंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें हताश व्यक्ति बताया। उन्होंने कहा कि अगर कुमारस्वामी सोनिया गांधी के बारे में इस तरह की टिप्पणी कर रहे हैं, तो उन्हें उनके योगदान और देश के साथ उनके रिश्ते को भी समझना चाहिए।

रिजवान अरशद ने कहा कि सोनिया गांधी कई भारतीयों से कहीं अधिक भारतीय हैं। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बलिदान का जिक्र करते हुए कहा कि राजीव गांधी ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। कांग्रेस नेता के मुताबिक सोनिया गांधी एकजुट और न्यायपूर्ण भारत के लिए लगातार काम करती रही हैं।

वंदे मातरम विवाद पर कुमारस्वामी ने फिर तेज किया हमला

कांग्रेस के पलटवार के बावजूद एच.डी. कुमारस्वामी अपने बयान से पीछे नहीं हटे। मंगलवार को उन्होंने एक बार फिर सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि आखिर उन्होंने देश के लिए क्या बलिदान दिया है। कुमारस्वामी ने कहा कि राजीव गांधी ने बलिदान दिया, लेकिन सोनिया गांधी ने क्या त्याग किया।

केंद्रीय मंत्री ने आरोप लगाया कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम का अपमान किया और भारतीय भावनाओं का विरोध किया। उन्होंने सोनिया गांधी की इतालवी पृष्ठभूमि का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक भारतीय नागरिक से शादी की और इसके बाद भारत की नागरिक बनीं। कुमारस्वामी के इन बयानों ने विवाद को और राजनीतिक रंग दे दिया है।

वंदे मातरम के इतिहास का भी कुमारस्वामी ने किया जिक्र

अपने हमले को मजबूत करने के लिए कुमारस्वामी ने वंदे मातरम के ऐतिहासिक महत्व का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह वही राष्ट्रीय गीत है जिसे कांग्रेस के ऐतिहासिक अधिवेशन में गाया गया था। उन्होंने महात्मा गांधी की मौजूदगी और नोबेल पुरस्कार विजेता रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा वंदे मातरम गाए जाने का भी हवाला दिया।

कुमारस्वामी का कहना है कि ऐसे ऐतिहासिक और राष्ट्रीय महत्व वाले गीत को लेकर किसी भी तरह का विवाद नहीं होना चाहिए। उनके मुताबिक देश की राजनीतिक पार्टियों और नेताओं को राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान करना चाहिए।

बीजेपी के आरोप से शुरू हुआ था वंदे मातरम विवाद

दरअसल, पूरा विवाद स्वतंत्रता दिवस के मौके पर कांग्रेस के एक कार्यक्रम से शुरू हुआ। बीजेपी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस के कार्यक्रम में वंदे मातरम का पूरा संस्करण गाए जाने पर सोनिया गांधी समेत पार्टी के कुछ वरिष्ठ नेताओं ने आपत्ति जताई थी।

बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव बी.एल. संतोष ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कांग्रेस के कार्यक्रम का एक वीडियो साझा किया। उन्होंने दावा किया कि वीडियो में सोनिया गांधी, राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे वंदे मातरम के पूरे गान से परेशान नजर आ रहे थे। संतोष ने इस मुद्दे पर कांग्रेस की विचारधारा पर भी सवाल उठाया और कहा कि कुछ मानसिकताएं समय के साथ नहीं बदलतीं।

कांग्रेस ने वंदे मातरम पर BJP के आरोपों को बताया गलत

हालांकि कांग्रेस ने बीजेपी के आरोपों को पूरी तरह खारिज कर दिया। पार्टी का कहना है कि सोनिया गांधी ने वंदे मातरम के पूरे संस्करण को गाने से रोकने की कोई कोशिश नहीं की थी। कांग्रेस के अनुसार कार्यक्रम के दौरान सोनिया गांधी केवल पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के लिए कुर्सी की व्यवस्था करने को कह रही थीं, क्योंकि खड़गे काफी देर से खड़े थे।

इस तरह वंदे मातरम विवाद अब केवल एक कार्यक्रम से जुड़े आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सोनिया गांधी की नागरिकता और राजनीतिक पहचान तक पहुंच गया है। एक तरफ बीजेपी और कुमारस्वामी कांग्रेस पर राष्ट्रीय गीत के सम्मान को लेकर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक मुद्दा बनाकर निशाना साधने की कोशिश बता रही है। अब देखना होगा कि यह विवाद आगे किस नए राजनीतिक मोड़ पर पहुंचता है।