Aaj Ka Mausam: देशभर में मौसम का मिजाज तेजी से बदल रहा है। जहाँ एक ओर मानसून की सुस्त चाल के कारण कई राज्य भीषण लू की चपेट में हैं, वहीं दूसरी ओर आईएमडी (IMD) ने आगामी 3-4 दिनों के लिए देश के 17 राज्यों में भारी बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है।
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मौसम अलर्ट
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 25 जून को देश के बड़े हिस्से के लिए चेतावनी जारी की है। पूर्वानुमान के अनुसार, उत्तर, पश्चिम, पूर्व और दक्षिण भारत के करीब 17 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इन राज्यों में 80 से 85 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का अनुमान है, जो जान-माल को नुकसान पहुँचा सकती हैं।
महाराष्ट्र के लिए ‘रेड अलर्ट’
मौसम विभाग ने महाराष्ट्र के लिए सबसे अधिक चेतावनी जारी की है। मुंबई, पालघर, नागपुर, चंद्रपुर, गढ़चिरौली, अकोला और वर्धा जैसे प्रमुख शहरों में ‘रेड अलर्ट’ घोषित किया गया है। यहाँ भारी बारिश के साथ 80 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की आशंका है। प्रशासन ने मुंबई और पालघर के निवासियों को समुद्र तटों से दूर रहने और जलभराव के दौरान यात्रा न करने की सलाह दी है।
दिल्ली-एनसीआर में बदलेगा मौसम का मिजाज
दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों के लिए राहत की खबर है। अगले 48 घंटों में राजधानी का मौसम करवट लेने वाला है। मानसून के आगे बढ़ने के कारण दिल्ली में तेज ठंडी हवाओं के साथ गरज-चमक और भारी बारिश की संभावना है। 50 से 60 किमी प्रति घंटे की आंधी के साथ तापमान में गिरावट आ सकती है, जिससे उमस भरी गर्मी से जूझ रहे दिल्लीवासियों को बड़ी राहत मिलेगी।
कहाँ होगी भारी बारिश और कहाँ लू का साया?
IMD की रिपोर्ट के अनुसार उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजरात, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, ओडिशा, असम, मेघालय, केरल, कर्नाटक और गोवा में अगले 3-4 दिनों तक भारी वर्षा का अनुमान है। बारिश की चेतावनी के बीच, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा और बिहार के कई हिस्सों में अभी भी गर्मी का कहर जारी है। बांदा (यूपी) में अधिकतम तापमान 44.2°C दर्ज किया गया। मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों में अभी भी लू (Heatwave) का येलो अलर्ट बरकरार है।
मानसून पर एल नीनो का साया
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, प्रशांत महासागर में ‘सुपर एल नीनो’ के सक्रिय होने से समुद्र का पानी सामान्य से अधिक गर्म हो गया है। इसका सीधा असर मानसून की तीव्रता पर पड़ सकता है। यदि मानसून का प्रभाव कम रहता है, तो जुलाई और अगस्त के महीनों में तापमान सामान्य से अधिक रह सकता है, जिससे गर्मी का दौर लंबा खिंच सकता है।
पर्यटकों के लिए सावधानी
पहाड़ी राज्यों (उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश) में भारी बारिश के कारण भूस्खलन (Landslide) और पूर्वी भारत में बिजली गिरने का खतरा बढ़ गया है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सलाह दी गई है कि वे मौसम की स्थिति को देखकर ही यात्रा करें और सुरक्षित स्थानों पर आश्रय लें।
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