TMC MP Kakoli Ghosh Dastidar: पश्चिम बंगाल की राजनीति और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के भीतर इन दिनों बड़े संगठनात्मक और रणनीतिक बदलाव देखने को मिल रहे हैं। इसी बीच एक बेहद दिलचस्प और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण घटनाक्रम सामने आया है। टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी ने अपनी पार्टी की वरिष्ठ सांसद डॉ. काकोली घोष दस्तीदार को लोकसभा में ‘चीफ व्हिप’ (मुख्य सचेतक) के पद से हटा दिया है। वहीं दूसरी ओर, केंद्र सरकार ने तुरंत कदम उठाते हुए काकोली घोष दस्तीदार को ‘वाई’ (Y) कैटेगरी की वीआईपी सुरक्षा मुहैया करा दी है।
केंद्र सरकार का बड़ा फैसला
केंद्र सरकार ने तृणमूल कांग्रेस की वरिष्ठ सांसद काकोली घोष दस्तीदार को केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की ‘वाई’ (Y) श्रेणी की सशस्त्र सुरक्षा प्रदान की है। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, यह सुरक्षा कवर तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। राजनीतिक गलियारों में केंद्र सरकार के इस फैसले को बेहद अहम और रणनीतिक माना जा रहा है, क्योंकि यह सुरक्षा ऐसे समय पर दी गई है जब काकोली घोष को उनकी ही पार्टी में एक महत्वपूर्ण पद से मुक्त किया गया है।
लोकसभा में टीएमसी ने बदला चीफ व्हिप
संसद के भीतर अपनी पकड़ और रणनीति को नया रूप देने के लिए ममता बनर्जी ने तृणमूल कांग्रेस सांसदों की एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई। इस बैठक में वरिष्ठ और मुखर नेता कल्याण बनर्जी को लोकसभा में पार्टी का नया चीफ व्हिप नियुक्त करने का फैसला लिया गया। कल्याण बनर्जी ने इस पद पर काकोली घोष दस्तीदार की जगह ली है।
पार्टी नेतृत्व का बढ़ता भरोसा
कल्याण बनर्जी की इस पद पर वापसी को पार्टी नेतृत्व के बढ़ते भरोसे के रूप में देखा जा रहा है। गौरतलब है कि कल्याण बनर्जी पहले भी लोकसभा में टीएमसी के चीफ व्हिप रह चुके थे, लेकिन बाद में उन्हें इस जिम्मेदारी से हटा दिया गया था। अब एक बार फिर उन पर दांव लगाया गया है।
संसदीय रणनीति और समन्वय को मजबूत करने की कवायद
तृणमूल कांग्रेस के भीतर यह फेरबदल ऐसे समय में हुआ है जब पार्टी संसद में विपक्षी एकजुटता, अपनी आंतरिक रणनीति और सांसदों के बीच समन्वय को और अधिक धार देने की कोशिश कर रही है। हालांकि, टीएमसी नेतृत्व ने काकोली घोष दस्तीदार को पद से हटाने की कोई आधिकारिक या स्पष्ट वजह नहीं बताई है, लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह आगामी राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए पार्टी की अंदरूनी व्यूहरचना का एक हिस्सा है।
डॉ. काकोली घोष दस्तीदार
66 वर्षीय डॉ. काकोली घोष दस्तीदार की गिनती तृणमूल कांग्रेस की सबसे वरिष्ठ और रसूखदार महिला नेताओं में होती है। उनका अब तक का सफर बेहद प्रभावशाली रहा है। राजनीति की मुख्यधारा में आने से पहले डॉ. काकोली चिकित्सा क्षेत्र (Medical Profession) से जुड़ी हुई थीं और एक सफल डॉक्टर रही हैं। वह लगातार तीन बार लोकसभा चुनाव जीतकर संसद पहुंची हैं। उन्होंने 15वीं लोकसभा में पहली बार जीत दर्ज की थी, जिसके बाद 2014 और 2019 के आम चुनावों में भी उन्होंने बारासात सीट से अपनी जीत का परचम लहराया। काकोली घोष वर्तमान में ‘ऑल इंडिया तृणमूल महिला कांग्रेस’ की राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार भी संभाल रही हैं।
संसद के भीतर आम जनता और महिलाओं से जुड़े मुद्दों को आक्रामक तरीके से उठाने के लिए पहचानी जाने वाली डॉ. काकोली की संगठन और संसदीय राजनीति, दोनों पर ही मजबूत पकड़ मानी जाती है। अब चीफ व्हिप का पद छिनने और केंद्र से सुरक्षा मिलने के बाद बंगाल की सियासत में उनके अगले कदम पर सबकी नजरें टिकी हुई हैं।










