West Bengal : पश्चिम बंगाल की राजनीति और कानून व्यवस्था के गलियारों से इस वक्त की एक बेहद सनसनीखेज और बड़ी खबर सामने आ रही है। राज्य के नॉर्थ 24 परगना जिले के दमदम इलाके से साउथ दमदम म्युनिसिपैलिटी के वर्तमान तृणमूल कांग्रेस (TMC) काउंसलर संजय दास का फंदे से लटकता हुआ शव बरामद किया गया है। संजय दास का शव उनके ही निजी आवास के भीतर संदिग्ध परिस्थितियों में पाया गया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी और टीएमसी के कई बड़े नेता मौके पर पहुंच गए हैं। शुरुआती जांच के बाद शव को तुरंत दमदम नागरबाजार इलाके के एक नजदीकी प्राइवेट अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
पूर्व टीएमसी विधायक के करीबी थे संजय दास, मानसिक तनाव की बात आई सामने
राजनैतिक सूत्रों और स्थानीय नेताओं से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक काउंसलर संजय दास का सत्ता के शीर्ष गलियारों में काफी प्रभाव था। वह राजरहाट गोपालपुर विधानसभा क्षेत्र की पूर्व तृणमूल कांग्रेस विधायक (MLA) अदिति मुंशी के पति और पार्टी के कद्दावर नेता देवराज चक्रवर्ती के बेहद करीबी माने जाते थे। अस्पताल और पुलिस सूत्रों के अनुसार, काउंसलर संजय दास के शव का आज कड़े सुरक्षा पहरे के बीच पोस्टमार्टम (Post Mortem) कराया जाएगा, जिसके बाद ही मौत के असली कारणों और समय का सटीक पता चल सकेगा।
इस बीच, उनके पारिवारिक सूत्रों और करीबियों का कहना है कि राज्य में हाल ही में हुए सत्ता परिवर्तन के बाद से ही वह काफी गहरे मानसिक तनाव (Mental Stress) के दौर से गुजर रहे थे।
राज्य में सत्ता परिवर्तन: शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व में बनी भाजपा की नई सरकार
गौरतलब है कि पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न हुए विधानसभा चुनावों के नतीजे बेहद अप्रत्याशित रहे हैं, जिसने राज्य की पूरी सियासी तस्वीर को बदलकर रख दिया है। इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ऐतिहासिक और प्रचंड जीत हासिल की है, जिसके बाद भाजपा के दिग्गज नेता शुभेंदु अधिकारी राज्य के नए मुख्यमंत्री (CM) बने हैं। वहीं, दूसरी तरफ ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली तृणमूल कांग्रेस को इस बार करारी हार का सामना करना पड़ा है और वह सत्ता से बेदखल होकर अब मुख्य विपक्षी दल की भूमिका में आ गई है।
इस चुनाव के अंतिम आंकड़ों पर नजर डालें तो भाजपा ने रिकॉर्ड 207 सीटों पर फतह हासिल की है, जबकि टीएमसी महज 80 सीटों पर ही सिमट कर रह गई है। इन चुनावी नतीजों के आने के बाद से ही तृणमूल के कार्यकर्ताओं और नेताओं में काफी मायूसी और आक्रोश देखा जा रहा है। ऐसे माहौल में टीएमसी काउंसलर का शव मिलना राजनीति को और गरमा रहा है।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का कड़ा रुख और पुलिस को प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश
इस बीच, राज्य में कानून व्यवस्था को लेकर नवनियुक्त मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का एक बेहद महत्वपूर्ण और कड़ा बयान भी सामने आया है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए सार्वजनिक मंच से कहा था, “तृणमूल कांग्रेस के शासनकाल में हमारे कार्यकर्ताओं पर जो अमानवीय अत्याचार किए गए हैं, उन्हें हम किसी भी कीमत पर भूले नहीं हैं। मैंने पुलिस प्रशासन को सख्त निर्देश जारी किए हैं कि पूर्व में हुए सभी राजनीतिक अपराधों और हिंसा के मामलों की गहन जांच कर तुरंत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।” मुख्यमंत्री के इस कड़े रुख के बाद से ही राज्य के पूर्व प्रशासनिक अधिकारियों और विपक्षी नेताओं पर कानूनी शिकंजा कसना शुरू हो गया है, जिससे राजनीतिक सरगर्मियां अपने चरम पर हैं।
हावड़ा और सियालदह में चला बाबा का बुलडोजर, दिलीप घोष की खुली चेतावनी
पश्चिम बंगाल में शुभेंदु अधिकारी की सरकार बनने के तुरंत बाद ही उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अवैध निर्माणों के खिलाफ ‘बुलडोजर’ की कार्रवाई भी बेहद आक्रामक तरीके से शुरू हो गई है। प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए राज्य के सबसे व्यस्त और प्रमुख रेलवे स्टेशनों— हावड़ा और सियालदह के आस-पास के इलाकों से बड़े पैमाने पर अवैध कब्जों और अतिक्रमण को हटा दिया है। सरकार की इस ताबड़तोड़ बुलडोजर कार्रवाई पर अपना पक्ष रखते हुए कैबिनेट मंत्री दिलीप घोष ने विपक्ष और भू-माफियाओं को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि राज्य के भीतर जहां कहीं भी अवैध निर्माण, सरकारी जमीनों पर कब्जा या अतिक्रमण पाया जाएगा, वहां बिना किसी भेदभाव और हिचकिचाहट के बुलडोजर का इस्तेमाल किया जाएगा और कानून का राज स्थापित किया जाएगा।
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