Taslima Nasreen: बांग्लादेश की प्रख्यात और बेबाक लेखिका तस्लीमा नसरीन करीब 19 साल के लंबे अंतराल के बाद पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता पहुंच गई हैं। उनके कोलकाता आगमन पर पारंपरिक बंगाली संस्कृति के साथ उनका जोरदार स्वागत किया गया। लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ी, माथे पर लाल बिंदी और चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कान के साथ उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं।
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एयरपोर्ट पर पारंपरिक बंगाली अंदाज में हुआ स्वागत
शुक्रवार दोपहर करीब 12:50 बजे जब तस्लीमा नसरीन कोलकाता एयरपोर्ट पर उतरीं, तो वहां उनका स्वागत बेहद गर्मजोशी के साथ किया गया। उनके स्वागत में पारंपरिक ‘शंखध्वनि’ और ‘उलूध्वनि’ का गूंजना इस बात का प्रमाण था कि बंगाली संस्कृति में उनके लौटने को लेकर कितनी उत्सुकता थी। इस दौरान तस्लीमा बेहद भावुक और प्रसन्न नजर आईं। उन्होंने कभी हाथ जोड़कर लोगों का अभिवादन किया तो कभी मुस्कुराते हुए उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया। मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा, “बहुत अच्छा लग रहा है।”
सादगी भरा बंगाली लुक बना चर्चा का विषय
कोलकाता पहुँचने पर तस्लीमा नसरीन का पहनावा विशेष रूप से चर्चा का केंद्र रहा। वह पारंपरिक लाल बॉर्डर वाली सफेद साड़ी में नजर आईं। माथे पर बड़ी सी लाल बिंदी और आंखों पर काला चश्मा उनके इस शालीन बंगाली लुक को पूरा कर रहा था। कोलकाता के लिए रवाना होने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अपनी एक तस्वीर भी साझा की थी, जिसमें उन्होंने अपनी यात्रा की जानकारी दी थी। उनकी इस पोस्ट पर उनके समर्थकों और पाठकों की हजारों प्रतिक्रियाएं आईं।
रवींद्र सदन के विशेष कार्यक्रम में लेंगी हिस्सा
तस्लीमा नसरीन की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य एक खास कार्यक्रम में शिरकत करना है। वह शनिवार, 1 अगस्त को कोलकाता के प्रतिष्ठित रवींद्र सदन में आयोजित होने वाले एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगी। इस कार्यक्रम का आयोजन ‘सेक्युलर मिशन’ और ‘ह्यूमन राइट्स एंड बांग्लादेश फ्रीडम फाइटर्स फाउंडेशन (HRBFF)’ द्वारा संयुक्त रूप से किया गया है। आयोजकों के अनुसार, इस गरिमामयी कार्यक्रम में साहित्य जगत के कई जाने-माने लेखक, कवि और बुद्धिजीवी शामिल होंगे।
साल 2007 के बाद हुई है यह ऐतिहासिक वापसी
लेखिका की यह वापसी राजनीतिक और सांस्कृतिक दोनों दृष्टियों से बेहद अहम मानी जा रही है। साल 2007 के बाद यह पहला मौका है जब तस्लीमा नसरीन कोलकाता की धरती पर कदम रख पाई हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2007 में उनकी चर्चित पुस्तक ‘द्विखंडितो’ के विरोध में भारी प्रदर्शन हुए थे, जिसके बाद बढ़ते विवाद और सुरक्षा कारणों से उन्हें कोलकाता और पश्चिम बंगाल छोड़ना पड़ा था। लगभग दो दशकों की लंबी दूरी के बाद उनका वापस लौटना उनके चाहने वालों के लिए एक बड़ी राहत और खुशी की खबर है।
सुरक्षा मिलने के बाद संभव हुई यात्रा
कोलकाता लौटने से पहले तस्लीमा नसरीन ने स्पष्ट किया था कि केवल आमंत्रण मिलना ही इस यात्रा के लिए पर्याप्त नहीं था। उन्होंने पश्चिम बंगाल सरकार द्वारा पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए जाने के बाद ही अपनी इस यात्रा के संभव होने की बात कही। इसके लिए उन्होंने राज्य सरकार का खुले तौर पर आभार भी व्यक्त किया है। उनका यह बयान राजनीतिक हलकों में भी खासी चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल, सोशल मीडिया पर उनके एयरपोर्ट के वीडियो और उनकी मुस्कान के चर्चे हर तरफ छाए हुए हैं।
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