Omar Abdullah Divorce: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनकी पत्नी पायल अब्दुल्ला के बीच लंबे अर्से से चला आ रहा वैवाहिक विवाद आखिरकार आधिकारिक तौर पर खत्म हो गया है। देश के सर्वोच्च न्यायालय यानी सुप्रीम कोर्ट ने दोनों के बीच आपसी सहमति से हुए समझौते को स्वीकार करते हुए तलाक को मंजूरी दे दी है। शीर्ष अदालत ने दोनों पक्षों के बीच हुए व्यापक समझौते और तमाम पुराने विवादों के सौहार्दपूर्ण समाधान के आधार पर उनके वैवाहिक बंधन को समाप्त करने का औपचारिक आदेश जारी कर दिया है।
दोनों पक्षों की सहमति और जस्टिस पीएस नरसिम्हा की बेंच का निर्देश
बताते चले कि, सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की विशेष पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के वकीलों ने स्पष्ट किया कि उनके मुवक्किलों के बीच के सभी पुराने मतभेद अब पूरी तरह सुलझ चुके हैं। अदालत को बताया गया कि वे अब अपने इस टूटे हुए वैवाहिक रिश्ते को कानूनी रूप से समाप्त करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं ताकि दोनों अपनी जिंदगी में आगे बढ़ सकें। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने बिना किसी देरी के तलाक की डिक्री पारित कर दी।
वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल द्वारा उमर अब्दुल्ला का पक्ष
इस महत्वपूर्ण सुनवाई के दौरान जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला की तरफ से देश के जाने-माने वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने अदालत में प्रभावी रूप से पक्ष रखा। उन्होंने कोर्ट को अवगत कराया कि दोनों पक्ष अब अपनी स्वतंत्र जिंदगी जीने के लिए राजी हो चुके हैं और उनके बीच अब कोई भी कानूनी विवाद शेष नहीं है। सिब्बल ने यह भी जानकारी दी कि तलाक के अलावा दोनों पक्षों के बीच चल रहे अन्य सभी लंबित कानूनी मामलों और मुकदमों को भी आपसी रजामंदी से वापस लेने की पूरी सहमति बन चुकी है।
सुप्रीम कोर्ट की सकारात्मक टिप्पणी
सुप्रीम कोर्ट ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में दोनों पक्षों के बीच हुए आपसी समझौते पर गहरी संतुष्टि व्यक्त की है। पीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बेहद सुखद स्थिति है कि दोनों पक्षों ने आपसी समझदारी दिखाते हुए तमाम पुराने विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से समाप्त कर लिया है। अदालत ने यह भी माना कि जब दोनों वयस्क पक्ष खुद ही समझदारी से किसी स्थायी और सौहार्दपूर्ण समाधान पर पहुंच चुके हैं, तो अदालत के लिए उसी सहमति के आधार पर इस मामले का हमेशा के लिए निपटारा करना सर्वथा उचित है।
वर्षों पुराने वैवाहिक विवाद का अंत
उल्लेखनीय है कि उमर अब्दुल्ला और पायल अब्दुल्ला पिछले काफी लंबे समय से अलग-अलग रह रहे थे और उनके बीच तलाक तथा अन्य पारिवारिक मामलों का कानूनी मुकदमा विभिन्न अदालतों में लंबित था। इस दौरान कई कानूनी दौर चले, लेकिन आखिरकार आपसी बातचीत और सूझबूझ से इस लंबे विवाद का अंत हो गया है। सर्वोच्च अदालत के इस फैसले के बाद अब दोनों की वैवाहिक स्थिति का कानूनी रूप से समापन हो चुका है और वे बिना किसी कानूनी बंधन के अपने निजी जीवन में आगे बढ़ने के लिए स्वतंत्र हैं।










