Tamil Nadu Politics: तमिलनाडु में अभिनेता से राजनेता बने विजय थलापति के मुख्यमंत्री बनने के बाद राज्य की राजनीति में लगातार हलचल देखने को मिल रही है। उनकी पार्टी तमिलगा वेत्री कषगम (TVK) के सत्ता में आने के बाद विपक्षी दलों में टूट और राजनीतिक फेरबदल का दौर शुरू हो गया है। इसी बीच AIADMK के एक और विधायक ने पार्टी से इस्तीफा देकर राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
मंगलवार को AIADMK विधायक एसाक्की सुबाया ने तमिलनाडु विधानसभा अध्यक्ष से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया। यह दो दिनों के भीतर चौथा इस्तीफा है, जिसने राज्य की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
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लगातार इस्तीफों से बढ़ी उपचुनाव की चर्चा
AIADMK के चार विधायकों के लगातार इस्तीफे के बाद अब तमिलनाडु में संभावित उपचुनावों और बड़े स्तर पर दलबदल की अटकलें लगाई जा रही हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आने वाले दिनों में और भी विधायक पार्टी बदल सकते हैं।
एसाक्की सुबाया उन नेताओं में शामिल रहे हैं जिन्होंने हाल ही में विधानसभा में हुए फ्लोर टेस्ट के दौरान टीवीके सरकार के समर्थन में वोट दिया था। उन्होंने राज्य के पूर्व मंत्रियों सी.वी. षणमुगम और एस.पी. वेलुमणि के साथ मिलकर विजय सरकार का समर्थन किया था। इसके बाद से ही उनके पार्टी छोड़ने की संभावना जताई जा रही थी।
तीन और विधायक पहले ही छोड़ चुके हैं AIADMK
इससे पहले सोमवार को AIADMK के तीन अन्य विधायकों ने भी विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। इनमें मरगथम कुमारवेल, पी. सत्यभामा और एस. जयकुमार शामिल हैं। इस्तीफा देने के तुरंत बाद इन नेताओं ने सत्तारूढ़ टीवीके पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली।
सूत्रों के अनुसार, आगामी उपचुनाव में इन नेताओं को टीवीके की ओर से उम्मीदवार बनाया जा सकता है। पार्टी नेतृत्व इन नेताओं को अपने चुनाव चिह्न पर मैदान में उतारने की तैयारी कर रहा है। इससे यह साफ संकेत मिल रहा है कि विजय थलापति अपनी सरकार को और मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहे हैं।
टीवीके को बहुमत से थोड़ा कम मिला था समर्थन
तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में विजय थलापति की पार्टी टीवीके ने कुल 233 सीटों पर चुनाव लड़ा था। पार्टी को 107 सीटों पर जीत मिली थी, जो बहुमत के आंकड़े 118 से कुछ कम थी। हालांकि चुनाव परिणाम आने के बाद कई दलों और निर्दलीय विधायकों ने टीवीके को समर्थन दिया, जिसके बाद सरकार गठन का रास्ता साफ हो गया। मुख्यमंत्री बनने के बाद विजय ने अपनी तिरुची पूर्व विधानसभा सीट खाली कर दी थी। इसके बाद राज्य की राजनीति में कई नए समीकरण बनते दिखाई दिए।
कांग्रेस समेत कई दल सरकार के साथ आए
टीवीके सरकार को कांग्रेस का भी समर्थन मिला और बदले में कांग्रेस को सरकार में दो मंत्री पद दिए गए। इसके अलावा वीसीके और आईयूएमएल जैसी पार्टियां भी सरकार का हिस्सा बन गईं। वहीं, वामपंथी दल सीपीआई और सीपीआई (एम) ने सरकार को बिना किसी शर्त के बाहर से समर्थन देने का फैसला किया। इन सभी राजनीतिक घटनाक्रमों ने तमिलनाडु की राजनीति को पूरी तरह बदल दिया है।
विजय की बढ़ती पकड़ से विपक्ष में चिंता
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विजय थलापति तेजी से अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत कर रहे हैं। विपक्षी दलों के नेताओं का लगातार टीवीके में शामिल होना इस बात का संकेत है कि राज्य की राजनीति में अब एक नए दौर की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले समय में तमिलनाडु की राजनीति और भी दिलचस्प मोड़ ले सकती है।
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