IND vs NZ Final: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में आज इतिहास रचा गया। टी-20 वर्ल्ड कप के खिताबी मुकाबले में टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में पहाड़ जैसा स्कोर खड़ा कर दिया है। भारत ने न्यूजीलैंड के सामने जीत के लिए 256 रनों का विशाल लक्ष्य रखा है। यह स्कोर न केवल इस टूर्नामेंट का, बल्कि टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में किसी भी फाइनल मैच का अब तक का सबसे बड़ा स्कोर है। भारतीय बल्लेबाजों ने कीवी गेंदबाजों की धज्जियां उड़ाते हुए मैदान के हर कोने में चौके और छक्कों की बरसात की। स्टेडियम में मौजूद सवा लाख दर्शकों का उत्साह उस वक्त चरम पर पहुँच गया जब भारत ने 250 रन का आंकड़ा पार किया।
फाइनल में संजू सैमसन का कमाल, विराट कोहली और शाहिद अफरीदी के क्लब में एंट्री
संजू सैमसन का ‘संजू शो’: फाइनल में जड़ी करियर की सबसे यादगार पारी
इस महामुकाबले के असली हीरो स्टार बल्लेबाज संजू सैमसन रहे। संजू ने जिम्मेदारी भरी और आक्रामक बल्लेबाजी का बेजोड़ नमूना पेश करते हुए अपने टी-20 करियर के सर्वोच्च स्कोर की पारी खेली। उन्होंने कीवी स्पिनर्स और तेज गेंदबाजों को आड़े हाथों लिया और मैदान के चारों ओर दर्शनीय शॉट्स लगाए। संजू की इस पारी ने मध्यक्रम को वो मजबूती दी, जिसकी दरकार फाइनल जैसे बड़े मंच पर होती है। उनकी इस शतकीय पारी (या उच्च स्कोर) ने यह सुनिश्चित किया कि भारत एक ऐसे सुरक्षित टोटल तक पहुँचे जहाँ से न्यूजीलैंड के लिए वापसी करना लगभग नामुमकिन नजर आ रहा है। संजू की टाइमिंग और निडरता ने आज राशिद लतीफ जैसे आलोचकों के मुंह पर ताला लगा दिया है।
युवा ब्रिगेड का धमाका: अभिषेक शर्मा और ईशान किशन की तूफानी फिफ्टी
संजू सैमसन को दूसरे छोर से युवा सलामी बल्लेबाजों का भरपूर साथ मिला। अभिषेक शर्मा और ईशान किशन ने टीम को वह ‘फायर पावर’ दी जिसकी चर्चा मैच से पहले हो रही थी। दोनों ही खब्बू बल्लेबाजों ने पावरप्ले का भरपूर फायदा उठाया और न्यूजीलैंड के मुख्य गेंदबाजों को संभलने का मौका नहीं दिया। अभिषेक शर्मा ने अपनी क्लीन हिटिंग से सबको प्रभावित किया, वहीं ईशान किशन ने अपनी चिर-परिचित आक्रामक शैली में बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक जड़ा। इन दोनों की अर्धशतकीय पारियों ने भारत को वह शुरुआती गति प्रदान की, जिसके दम पर टीम इंडिया 250 के पार पहुँचने में सफल रही। इन युवाओं ने साबित कर दिया कि भारतीय क्रिकेट का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
बेबस नजर आए कीवी गेंदबाज: टॉस जीतकर गेंदबाजी का फैसला पड़ा भारी
न्यूजीलैंड के कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला लिया था, जो अहमदाबाद की सपाट पिच पर पूरी तरह गलत साबित हुआ। ट्रेंट बोल्ट और टिम साउदी जैसे अनुभवी गेंदबाज भी भारतीय बल्लेबाजों के प्रहार को रोकने में नाकाम रहे। शुरुआती ओवरों में विकेट न मिलने का दबाव कीवी टीम पर साफ देखा गया, जिसके कारण उन्होंने काफी अतिरिक्त रन भी खर्च किए। न्यूजीलैंड के फील्डर्स ने भी दबाव में कुछ कैच छोड़े, जिसका खामियाजा उन्हें स्कोरबोर्ड पर भुगतना पड़ा। अब कीवी बल्लेबाजों के सामने 12.8 रन प्रति ओवर की कठिन रन रेट से रन बनाने की चुनौती है, जो विश्व कप फाइनल के दबाव में एक असंभव कार्य प्रतीत होता है।
फाइनल में संजू सैमसन का कमाल, विराट कोहली और शाहिद अफरीदी के क्लब में एंट्री
क्या गेंदबाज बचा पाएंगे यह विशाल स्कोर?
अब पूरी जिम्मेदारी भारतीय गेंदबाजों के कंधों पर है। 256 रनों का बचाव करना कागज पर आसान लग सकता है, लेकिन न्यूजीलैंड के पास भी डेरिल मिचेल और ग्लेन फिलिप्स जैसे विस्फोटक बल्लेबाज हैं। हालांकि, जिस तरह की लय में भारतीय टीम दिख रही है, उसे देखते हुए यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत अपना तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप खिताब जीतने के बेहद करीब है। यदि भारतीय गेंदबाज शुरुआती झटके देने में कामयाब रहते हैं, तो भारत लगातार दूसरी बार ट्रॉफी डिफेंड करने वाला पहला देश बन जाएगा। पूरा देश अब बस उस पल का इंतजार कर रहा है जब भारतीय खिलाड़ी तिरंगा लहराते हुए जीत का जश्न मनाएंगे।










