Avimukteshwarananda Case Update: शंकराचार्य को फंसाने का षड्यंत्र? हिस्ट्रीशीटर आशुतोष पांडेय पर लगे गंभीर आरोप

प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज यौन शोषण के मामले में शाहजहाँपुर के रमाशंकर दीक्षित ने चौंकाने वाला खुलासा किया है। रमाशंकर का दावा है कि उन्हें और उनकी बेटियों को मोहरा बनाकर शंकराचार्य के विरुद्ध साजिश रची गई थी। इस खुलासे के बाद अब इस पूरे मुकदमे की सत्यता पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 24, 2026

Avimukteshwarananda Case Update: प्रयागराज और वाराणसी में मचे सियासी और धार्मिक घमासान के बीच, शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ दर्ज मुकदमों की सच्चाई अब एक नई गवाही के बाद कटघरे में खड़ी है। शाहजहांपुर के एक परिवार ने सामने आकर बड़े षड्यंत्र का दावा किया है।

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शंकराचार्य के खिलाफ रची गई बड़ी साजिश

प्रयागराज में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर लगे यौन शोषण के आरोपों ने तब सनसनीखेज मोड़ ले लिया जब शाहजहांपुर के रमाशंकर दीक्षित अपनी पत्नी और तीन बेटियों के साथ वाराणसी स्थित विद्या मठ पहुंचे। उन्होंने खुलासा किया कि उन्हें और उनकी बेटियों को मोहरा बनाकर शंकराचार्य को फंसाने की एक गहरी साजिश रची गई थी। रमाशंकर का दावा है कि 18 फरवरी को कुछ अज्ञात लोग उनके घर पहुंचे और प्रलोभन व धमकियों के जरिए उन्हें इस विवाद में घसीटने की कोशिश की गई।

आशुतोष महाराज पर गंभीर आरोप

पीड़ित परिवार के अनुसार, उन्हें व्हाट्सएप कॉल के जरिए आशुतोष महाराज नाम के व्यक्ति से बात कराई गई। रमाशंकर का आरोप है कि आशुतोष ने उन्हें लालच दिया कि यदि वे अपनी बेटियों के माध्यम से अविमुक्तेश्वरानंद पर वाराणसी आश्रम में यौन शोषण का झूठा आरोप लगाते हैं, तो उन्हें बड़ी आर्थिक मदद दी जाएगी। उन्हें केवल एक शपथ पत्र (Affidavit) पर हस्ताक्षर करने को कहा गया। जब रमाशंकर ने इस अनैतिक कार्य से इनकार किया, तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मारने की धमकियां दी गईं।

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने सरकार पर साधा निशाना

इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इसे एक सोची-समझी राजनीतिक साजिश करार दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे लंबे समय से ‘गौ-हत्या’ के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं, जिससे घबराकर विरोधी उन्हें बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि वर्तमान शासन में सनातन धर्म को सबसे अधिक क्षति पहुँची है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि उनके विरुद्ध कोई भी साक्ष्य या सीडी है, तो उसे तुरंत सार्वजनिक किया जाए।

हिस्ट्रीशीटर आशुतोष पांडेय की सच्चाई

शंकराचार्य पर पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत एफआईआर दर्ज कराने वाले आशुतोष पांडेय का पिछला रिकॉर्ड काफी दागदार रहा है। वह शामली के कांधला थाने का हिस्ट्रीशीटर (HS संख्या 76 A) है, जिस पर गैंगस्टर एक्ट, गोवध अधिनियम और आईटी एक्ट समेत कुल 21 संगीन मुकदमे दर्ज हैं। आशुतोष ने पहले स्वामी रामभद्राचार्य से दीक्षा ली थी और अपना नाम बदलकर आशुतोष महाराज रख लिया था। रमाशंकर दीक्षित ने इसी आशुतोष पर फोन पर धमकाने का आरोप लगाया है।

सुरक्षा की गुहार और पुलिस की जांच

झूंसी थाने में दर्ज एफआईआर के बाद अब रमाशंकर के इन दावों ने जांच की दिशा बदल दी है। मीडिया में अपना नाम और गलत तथ्यों को देखकर डरे हुए रमाशंकर अब अपने परिवार की सुरक्षा के लिए चिंतित हैं। उनका कहना है कि वे केवल सच बताने वाराणसी आए थे ताकि निर्दोष को न फंसाया जा सके। फिलहाल, पुलिस अब इन नए दावों, पुराने आरोपों और आशुतोष पांडेय के आपराधिक इतिहास के बीच कड़ियों को जोड़ने का प्रयास कर रही है।

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