Faridabad News: सूरजकुंड मेले में सुनामी झूले ने मचाई तबाही, इंस्पेक्टर की मौत, 13 घायल

फरीदाबाद के सूरजकुंड मेले (Surajkund Mela 2026) में शनिवार शाम एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें 'सुनामी' झूला अचानक टूटकर गिर पड़ा। इस दुर्घटना में 13 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए और बचाव कार्य के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर की दुखद मौत हो गई। गेट नंबर-2 के पास स्वागत द्वार गिरने से भी अफरातफरी मच गई।

Faridabad News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

फ़रवरी 7, 2026

Faridabad News: फरीदाबाद के प्रसिद्ध सूरजकुंड अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेले में शनिवार की शाम एक बड़ा और दर्दनाक हादसा हो गया। मेले के रोमांच के बीच अचानक चीख-पुकार मच गई जब एक विशालकाय झूला बीच हवा में अनियंत्रित होकर गिर पड़ा। इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना में 13 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जबकि बचाव कार्य के दौरान अपनी जान जोखिम में डालने वाले एक जांबाज पुलिस इंस्पेक्टर की अस्पताल में मौत हो गई।

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सुनामी झूले के टूटने से मेले में मची अफरातफरी

बताते चले कि, शनिवार शाम जब मेला अपने पूरे शबाब पर था, तभी वहां लगा ‘सुनामी’ झूला अचानक तकनीकी खराबी के कारण टूटकर नीचे गिर गया। झूला गिरते ही चारों ओर भगदड़ मच गई। मौके पर तैनात पुलिस टीम ने तुरंत मोर्चा संभाला और मलबे व झूले के ढांचे में फंसे लोगों को निकालना शुरू किया। इसी बचाव अभियान के दौरान एक पुलिस इंस्पेक्टर गंभीर रूप से चोटिल हो गए। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस बल और स्थानीय प्रशासन इस समय स्थिति को नियंत्रित करने और घायलों को बेहतर उपचार दिलाने में जुटा है।

मेलार्थियों की सुरक्षा पर उठते गंभीर सवाल

सबसे हैरानी की बात यह है कि सूरजकुंड मेले में केवल झूला ही नहीं गिरा, बल्कि एक अन्य दुर्घटना भी सामने आई। मेले के गेट नंबर-2 के पास बना भारी-भरकम ‘स्वागत द्वार’ अचानक ढह गया, जिसकी चपेट में आने से दो लोग घायल हो गए। एक ही दिन में हुए इन दो हादसों ने मेले की सुरक्षा व्यवस्था और इंफ्रास्ट्रक्चर की गुणवत्ता पर बड़े सवालिया निशान लगा दिए हैं। चश्मदीदों के अनुसार, प्रबंधन की चूक के कारण आज का दिन मेले के इतिहास में एक काले दिन के रूप में दर्ज हो गया है।

हादसे की आंखों देखी

घटना के समय मौजूद स्टॉल संचालक राघव ने बताया कि वह ग्राहकों को सामान दिखा रहे थे, तभी उन्होंने देखा कि ‘सुनामी’ झूला ऊपर जाकर अटक गया है और लोग मदद के लिए चिल्ला रहे हैं। राघव और कुछ अन्य लोग तुरंत झूले की ओर भागे। उस समय झूले पर करीब 18 लोग सवार थे। राघव ने बताया कि उन्होंने जान पर खेलकर करीब 8 लोगों को नीचे उतारा, लेकिन तभी झूला अचानक फिर से शुरू हो गया और गिर पड़ा। इस दौरान राघव के कंधे पर भी ग्रिल गिर गई, जिससे वह घायल हो गए।

तकनीकी विफलता या लापरवाही?

प्रारंभिक जांच और प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे की शुरुआत तब हुई जब झूला ऊंचाई पर जाकर अचानक जाम हो गया। ऑपरेटर और अन्य लोगों ने कुछ सवारियों को नीचे उतारने की कोशिश की, लेकिन इसी बीच झूला अप्रत्याशित रूप से तेज गति से चलने लगा और अपना संतुलन खोकर जमीन पर आ गिरा। इस पूरी घटना का एक भयावह वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें झूले को ऊपर से सीधे गिरते हुए देखा जा सकता है। वर्तमान में प्रशासन ने झूले के क्षेत्र को सील कर दिया है और मामले की गहन जांच के आदेश दिए हैं।

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