Supreme Court Diwali Order: ग्रीन पटाखों से मनेगी दिवाली, सुप्रीम कोर्ट ने शर्तों के साथ दी अनुमति

सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली से पहले दिल्ली-एनसीआर में पटाखे जलाने की सीमित छूट दी है। कोर्ट के आदेश के मुताबिक, केवल ग्रीन पटाखे ही जलाए जा सकेंगे।

Supreme Court Diwali Order

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

नवम्बर 2, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

Supreme Court Diwali Order: दीवाली के त्योहार पर दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) के निवासियों के लिए राहत भरी खबर आई है। सुप्रीम कोर्ट ने पिछले वर्ष की भांति इस बार भी दीवाली के अवसर पर ग्रीन पटाखे (Green Crackers) जलाने की सशर्त और अस्थायी अनुमति दे दी है। अदालत ने अपने निर्णय में यह स्पष्ट माना है कि पटाखों से वायु प्रदूषण बढ़ता है, परंतु पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद बाजार में अवैध रूप से पारंपरिक पटाखों की खरीद-बिक्री जारी रहती है। ऐसे में पूर्ण प्रतिबंध लगाने के बजाय प्रमाणित ग्रीन पटाखों के निर्माण, बिक्री और उपयोग को नियमबद्ध और नियंत्रित करना अधिक व्यावहारिक एवं बेहतर उपाय है।

UP Election 2027: BJP की ‘हैट्रिक’ या SP की ‘वापसी’? Meerut दक्षिण

समय सीमा और साइलेंस ज़ोन के नियम तय

Supreme Court Diwali Order
ग्रीन पटाखों से मनेगी दिवाली

जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस प्रसन्ना बी वराले की पीठ ने पटाखों के इस्तेमाल को लेकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। नागरिक 7 और 8 नवंबर को केवल सुबह 6 बजे से 7 बजे तक और रात 8 बजे से 10 बजे तक ही ग्रीन पटाखे चला सकेंगे। अस्पतालों, नर्सिंग होम, शैक्षणिक संस्थानों (स्कूलों), वृद्धाश्रमों और घोषित साइलेंस ज़ोन के 300 मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के पटाखे जलाने पर सख्त पाबंदी रहेगी। 9 नवंबर से दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर पूरी तरह से रोक लागू हो जाएगी।

ग्रीन पटाखों के निर्माण और बिक्री के कड़े नियम

Supreme Court Diwali Order
ग्रीन पटाखों से मनेगी दिवाली

सर्वोच्च अदालत ने निर्माण और पहचान की प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। ग्रीन पटाखों का निर्माण केवल 2 से 6 नवंबर तक की सीमित अवधि के दौरान ही किया जा सकेगा। केवल वही निर्माता ग्रीन पटाखे बना सकते हैं जो CSIR-NEERI (राष्ट्रीय पर्यावरण अभियांत्रिकी अनुसंधान संस्थान) और PESO (पेट्रोलियम तथा विस्फोटक सुरक्षा संगठन) से आधिकारिक रूप से प्रमाणित हों। प्रत्येक पटाखे के डिब्बे पर उसके उत्पाद और संबंधित बैच की पूरी जानकारी देने वाला QR कोड होना अनिवार्य किया गया है।

पटाखों की लड़ियाँ, बेरियम साल्ट युक्त पटाखे, गैर-प्रमाणित पटाखे और पटाखों की किसी भी प्रकार की ऑनलाइन बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।

प्रशासन को निगरानी और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के आदेश

Supreme Court Diwali Order
ग्रीन पटाखों से मनेगी दिवाली

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली सरकार और ‘कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट’ (CAQM) को पूर्व में पाबंदियाँ सही ढंग से लागू न कर पाने पर फटकार लगाई थी। अदालत ने दोहराया कि केवल पूर्ण प्रतिबंध लगा देना ही समस्या का समाधान नहीं है।

अदालत ने स्थानीय प्रशासन को सख्त निगरानी रखने और अवैध पटाखों की बिक्री तुरंत रोकने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही, प्रदूषण स्तर की निरंतर समीक्षा करने और अस्पतालों में सांस व अन्य मरीजों की संख्या का डेटा जुटाकर 14 दिसंबर तक अपनी विस्तृत रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया है।

Haryana News: हरियाणा में CM नायब सैनी का जनता दरबार, फरियादियों की समस्याओं पर तुरंत एक्श

2