UP News: उत्तर प्रदेश की राजनीति में जौनपुर एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। जौनपुर जिला पंचायत अध्यक्ष और पूर्व सांसद धनंजय सिंह की पत्नी श्रीकला रेड्डी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मुलाकात ने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। लखनऊ में हुई इस बैठक में बीजेपी एमएलसी बृजेश सिंह ‘प्रिंसू’ की मौजूदगी ने इसे और भी खास बना दिया। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरों के बाद यह कयास लगाए जा रहे हैं कि यह केवल एक शिष्टाचार भेंट नहीं है। राजनीतिक जानकारों के अनुसार, बीजेपी और धनंजय सिंह परिवार की नजदीकी आने वाले समय में एक नए गठबंधन की नींव रख सकती है।
जौनपुर में शक्ति प्रदर्शन
जौनपुर की राजनीति में धनंजय सिंह का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं है। वर्ष 2009 में बसपा से सांसद रहे धनंजय सिंह का इलाके में आज भी मजबूत सामाजिक और राजनीतिक आधार माना जाता है। वहीं, श्रीकला रेड्डी का राजनीतिक सफर और जिला पंचायत अध्यक्ष के रूप में उनकी सक्रियता ने उन्हें एक स्वतंत्र पहचान दी है। मूल रूप से तेलंगाना के एक रसूखदार राजनीतिक परिवार से आने वाली श्रीकला ने 2021 के पंचायत चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की थी। जौनपुर में इस परिवार के प्रभाव को देखते हुए, भाजपा द्वारा उन्हें साथ लाने की कोशिश को पूर्वांचल में चुनावी समीकरण मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
बसपा से टिकट का विवाद
आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, श्रीकला रेड्डी का नाम 2024 के लोकसभा चुनाव के दौरान तब सुर्खियों में आया था, जब बसपा सुप्रीमो मायावती ने पहले उन्हें टिकट दिया और फिर अचानक उसे वापस ले लिया। उस समय यह चर्चा जोरों पर थी कि श्रीकला ने स्वयं ही चुनाव लड़ने से हाथ पीछे खींच लिए थे। इस घटनाक्रम के बाद से ही बसपा से दूरी और भाजपा से बढ़ती निकटता की खबरें छन-छन कर सामने आ रही थीं। अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ श्रीकला की इस पहली आधिकारिक मुलाकात ने उन तमाम अटकलों पर मुहर लगा दी है कि धनंजय सिंह का परिवार अब भगवा खेमे की ओर रुख कर रहा है।
मिशन 2027 और पंचायत चुनाव
उत्तर प्रदेश में आगामी 2027 के विधानसभा चुनाव और उससे पहले होने वाले पंचायत चुनावों को लेकर भाजपा अभी से अपनी बिसात बिछाने में जुट गई है। बीजेपी की रणनीति और प्रभावशाली चेहरों का समावेश इस योजना का अहम हिस्सा है। जौनपुर जैसे महत्वपूर्ण जिले में, जहाँ जातिगत समीकरण काफी जटिल हैं, श्रीकला रेड्डी और धनंजय सिंह का साथ मिलना भाजपा के लिए काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। एमएलसी बृजेश सिंह ‘प्रिंसू’ की इस मुलाकात में मध्यस्थता यह दर्शाती है कि पार्टी के भीतर एक बड़ा धड़ा इस सियासी मेल-मिलाप और क्षेत्रीय गठबंधन के पक्ष में है।
जौनपुर की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से इस मुलाकात के बाद जौनपुर की जनता और विपक्षी दलों की नजरें अब अगले कदमों पर टिकी हैं। क्या श्रीकला रेड्डी आने वाले समय में भाजपा का हिस्सा बनेंगी या फिर यह समर्थन केवल बाहरी होगा, यह अभी भविष्य के गर्त में है। हालांकि, इतना साफ है कि जौनपुर में राजनीतिक ध्रुवीकरण और नए समीकरण अब पूरी तरह सक्रिय हो चुके हैं। इस मुलाकात ने न केवल विरोधियों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि पूर्वांचल की सियासत को एक नया मोड़ भी दे दिया है।










