Sonam Wangchuk Hunger Strike: शिक्षा व्यवस्था में सुधार और NEET पेपर लीक मामले को लेकर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठे पर्यावरण कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने आखिरकार 26 दिन बाद अपना अनशन समाप्त कर दिया है। गुरुवार देर रात उन्होंने सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद यह फैसला लिया। वांगचुक ने बताया कि लंबे समय से चल रही बातचीत के बाद सरकार ने उनकी प्रमुख मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया, जिसके बाद उन्होंने अपना उपवास खत्म करने का निर्णय लिया।
जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह ने की वांगचुक से मुलाकात
सोनम वांगचुक से मुलाकात करने के लिए गुरुवार रात करीब साढ़े 11 बजे केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह पहुंचे। इस दौरान लद्दाख एपेक्स बॉडी के कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान सरकार की ओर से वांगचुक को लिखित आश्वासन सौंपा गया, जिसके बाद उन्होंने अपना 26 दिनों से जारी अनशन समाप्त करने की घोषणा की।
सरकार के साथ दो दिन चली लंबी बातचीत
वांगचुक ने बताया कि पिछले दो दिनों से सरकार के प्रतिनिधियों के साथ उनकी मांगों को लेकर गंभीर बातचीत चल रही थी। उनकी सबसे बड़ी मांग थी कि सरकार केवल मौखिक भरोसा न देकर लिखित आश्वासन दे। इसी वजह से अंतिम निर्णय लेने में दो दिन का अतिरिक्त समय लगा और उन्हें दो दिन और भूख हड़ताल जारी रखनी पड़ी।उन्होंने कहा कि यदि जरूरत पड़ती तो वह अपनी मांगों के लिए और लंबे समय तक अनशन जारी रखने के लिए तैयार थे। हालांकि, सरकार की ओर से लिखित आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने आंदोलन को आगे बढ़ाने के बजाय संवाद का रास्ता चुना।
सरकार के आश्वासन में तीन अहम मुद्दे शामिल
सोनम वांगचुक ने बताया कि सरकार की ओर से दिए गए लिखित आश्वासन में तीन प्रमुख बिंदुओं पर सहमति जताई गई है। पहला, दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और 20 जुलाई को संसद मार्च में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करने को लेकर सरकार ने सकारात्मक रुख अपनाया है।दूसरा, NEET पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने और परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए संसद में विस्तृत चर्चा कर स्थायी समाधान निकालने का भरोसा दिया गया है। सरकार परीक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाने पर विचार करेगी।
NEET पेपर लीक पीड़ित परिवारों को मुआवजे पर विचार
लिखित आश्वासन में तीसरा महत्वपूर्ण मुद्दा NEET पेपर लीक मामले से प्रभावित परिवारों से जुड़ा है। वांगचुक के अनुसार, पेपर लीक विवाद के बाद आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा देने के प्रस्ताव पर सरकार सकारात्मक तरीके से विचार करेगी।उन्होंने कहा कि यह केवल एक परीक्षा का मामला नहीं है, बल्कि देश के लाखों छात्रों के भविष्य और विश्वास से जुड़ा विषय है। इसलिए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता लाना बेहद जरूरी है।
लद्दाख नेताओं और सांसदों का जताया आभार
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने लद्दाख एपेक्स बॉडी के उन सभी नेताओं का धन्यवाद किया, जो उनके समर्थन में लद्दाख से दिल्ली पहुंचे थे। उन्होंने उन सांसदों का भी आभार जताया, जिन्होंने उनसे मुलाकात की और आंदोलन के दौरान उनका समर्थन किया।वांगचुक ने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों के कई सांसदों ने उनसे अनशन खत्म करने की अपील की थी ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
END OF HUNGER… BEGINNING OF ACCOUNTABILITY…!
Sonam Wangchuk ends his fast after 26 days upon getting assurance from the government and members of parliament of all political parties that the issue of accountability in the failing examination system will be discussed on the… pic.twitter.com/0C9YX5VlsL— Sonam Wangchuk (@Wangchuk66) July 24, 2026
26 दिन बाद पहला निवाला खाते हुए भावुक हुए वांगचुक
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक भावुक नजर आए। उन्होंने कहा कि 26 दिनों के बाद पहली बार उन्हें कुछ खाने का मौका मिला है। उन्होंने कहा कि लंबे उपवास के बाद भोजन का स्वाद अलग महसूस हो रहा है, लेकिन भूख का अपना कोई स्वाद नहीं होता।उन्होंने समर्थकों से अपील की कि आंदोलन को शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ाया जाए और किसी भी प्रकार की हिंसा से दूर रहा जाए।
छात्रों और शिक्षा सुधार को लेकर जारी रहेगा संघर्ष
सोनम वांगचुक ने साफ किया कि अनशन समाप्त होने का मतलब आंदोलन खत्म होना नहीं है। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रयास जारी रहेंगे।उन्होंने उम्मीद जताई कि सरकार अपने आश्वासनों को पूरा करेगी और देश के युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए ठोस कदम उठाएगी।
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