Chandrashekhar Azad : NEET पेपर लीक विवाद और छात्रों की मांगों को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी अपना धरना समाप्त कर दिया है। सोनम वांगचुक के अनशन खत्म करने के बाद चंद्रशेखर आजाद ने यह कदम उठाया। धरना समाप्त करने के बाद उन्होंने एक वीडियो संदेश जारी कर केंद्र सरकार से छात्रों की मांगों पर जल्द निर्णय लेने की अपील की। उन्होंने सरकार को 15 दिनों का समय देते हुए कहा कि छात्रों के हित में ठोस कार्रवाई जरूरी है।
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े चंद्रशेखर
चंद्रशेखर आजाद ने अपने संदेश में कहा कि सरकार चाहे पेपर लीक रोकने के लिए नया कानून बनाए, लेकिन सबसे पहले केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस गंभीर मुद्दे पर जवाबदेही तय करना जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने उन पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग की, जिन पर प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर लाठीचार्ज करने का आरोप है।
पीएम मोदी के संदेश पर चंद्रशेखर ने उठाए सवाल
चंद्रशेखर आजाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के छात्रों और अभिभावकों को दिए गए संदेश पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि सरकार की ओर से कानून बनाने की बात अच्छी है, लेकिन असली सवाल उसके प्रभावी पालन का है। उन्होंने कहा कि केवल कानून बना देने से समस्या खत्म नहीं होगी, बल्कि यह सुनिश्चित करना होगा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने पेपर लीक को लेकर फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की बात कही है। सरकार को इस दिशा में तुरंत कदम उठाना चाहिए। उन्होंने सवाल किया कि यदि कानून लागू नहीं होगा तो छात्रों को न्याय कैसे मिलेगा।
पुलिस कार्रवाई और परीक्षा सुधार को लेकर रखी मांगें
आजाद समाज पार्टी के प्रमुख ने कहा कि आंदोलन कर रहे छात्रों की मुख्य मांगें अभी भी पूरी नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, परीक्षा व्यवस्था में सुधार और प्रदर्शनकारियों पर कथित लाठीचार्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है।
उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों का भरोसा वापस जीतना होगा। प्रतियोगी परीक्षाओं की निष्पक्षता बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी है, क्योंकि लाखों युवाओं का भविष्य इन परीक्षाओं पर निर्भर करता है।
सरकार को दिया 15 दिन का समय
चंद्रशेखर आजाद ने केंद्र सरकार को 15 दिनों का समय देते हुए चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लिया गया तो देशभर में बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा।
उन्होंने आंदोलनकारियों से अपील करते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाते रहें। उन्होंने कहा कि छात्रों और युवाओं के संघर्ष के कारण ही सरकार इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए मजबूर हुई है।
25 तारीख को जिला स्तर पर प्रदर्शन का आह्वान
चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि आने वाले दिनों में आंदोलन को और मजबूती दी जाएगी। उन्होंने समर्थकों से 25 तारीख को जिला कार्यालयों पर जोरदार कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की। उनका कहना था कि युवाओं के अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक परीक्षा का मुद्दा नहीं है, बल्कि देश की पूरी परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और विश्वास बहाल करने की लड़ाई है।
पीएम मोदी ने छात्रों को दिया था भरोसा
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात सोशल मीडिया के जरिए छात्रों और अभिभावकों को संबोधित किया था। उन्होंने NEET पेपर लीक मामले को गंभीर बताते हुए भरोसा दिलाया कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि सरकार पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून लाने की तैयारी कर रही है। उन्होंने बताया कि प्रस्तावित कानून का मसौदा कैबिनेट बैठक में रखा जाएगा और इसके बाद इसे संसद में पारित कराने की कोशिश की जाएगी।
NEET विवाद पर जारी है राजनीतिक घमासान
NEET पेपर लीक मामले को लेकर देशभर में छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राजनीतिक दलों की ओर से विरोध प्रदर्शन जारी है। विपक्षी दल लगातार सरकार से जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं सरकार का कहना है कि छात्रों के भविष्य को सुरक्षित रखना उसकी प्राथमिकता है और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे।
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