UP News: उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले से एक बेहद हैरान करने वाली खबर सामने आई है। पूर्व केंद्रीय मंत्री और भारतीय जनता पार्टी (BJP) की कद्दावर नेता स्मृति ईरानी का नाम अमेठी के मेदान मवई गांव की स्थानीय पंचायत मतदाता सूची (Panchayat voter list UP) से गायब मिला है। इस मामले ने राजनीतिक और प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि उनका नाम लोकसभा और विधानसभा चुनावों की मतदाता सूची में तो पूरी तरह सुरक्षित और दर्ज है, लेकिन ग्रामीण निकाय चुनाव की लिस्ट से उनका नाम अचानक नदारद हो गया है।
पंचायत चुनाव सूची से नाम कटने का खुलासा
बताते चले कि, 10 जून को जब प्रशासन की ओर से नई पंचायत वोटर लिस्ट जारी की गई, तब इस गंभीर लापरवाही और बड़ी गड़बड़ी का खुलासा हुआ। हाई-प्रोफाइल नेता का नाम गायब होने की जानकारी मिलते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। अमेठी के जिलाधिकारी (DM) संजय चौहान ने इस पूरे वाकये को बेहद गंभीरता से लिया है। उन्होंने बिना कोई वक्त गंवाए मामले की उच्च स्तरीय जांच के सख्त आदेश दे दिए हैं। जिलाधिकारी का साफ कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि इतनी बड़ी तकनीकी या मानवीय चूक कैसे हुई और मतदाता सूची से नाम हटने की असली वजह क्या थी।
अमेठी में स्थाई आवास और मेदान मवई गांव से पूर्व सांसद का रिश्ता
आपको बात दे कि, स्मृति ईरानी ने साल 2019 से 2024 तक लोकसभा में अमेठी निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया था। साल 2019 के आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने के बाद, उन्होंने अमेठी को ही अपना स्थाई ठिकाना बनाने का संकल्प लिया था। इसी इरादे से उन्होंने गौरीगंज विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मेदान मवई गांव में जमीन खरीदकर अपना एक आलीशान नया घर भी बनवाया था। वह इस गांव की एक पंजीकृत और वैध मतदाता (Registered voter) हैं। उन्होंने साल 2024 के हालिया लोकसभा चुनाव में इसी क्षेत्र के पोलिंग बूथ पर जाकर अपने मताधिकार का इस्तेमाल भी किया था।
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने की अर्जी
इस पूरे घटनाक्रम और विवाद पर भाजपा की अमेठी जिला इकाई के अध्यक्ष सुधांशु शुक्ला ने पार्टी का पक्ष रखा है। उन्होंने बताया कि स्मृति ईरानी का नाम दोबारा पंचायत वोटर लिस्ट में शामिल कराने के लिए संबंधित निर्वाचन विभाग और ब्लॉक कार्यालय में आवश्यक आवेदन फॉर्म (फॉर्म-6) जमा कर दिया गया है। इसके साथ ही इस लापरवाही के मामले को जिले के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों के समक्ष भी प्रमुखता से उठाया गया है। उच्चाधिकारियों ने भाजपा नेतृत्व को पूरा भरोसा दिलाया है कि जरूरी कागजी सत्यापन (Document verification) की प्रक्रिया को जल्द से जल्द पूरा करके उनका नाम सूची में वापस जोड़ दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि साल 2024 के लोकसभा चुनाव में स्मृति ईरानी को कांग्रेस के प्रत्याशी किशोरी लाल शर्मा के हाथों शिकस्त का सामना करना पड़ा था, जिसके बाद से वह लगातार अमेठी के दौरों और अपने इसी आवास को लेकर चर्चा में बनी हुई हैं।










