SIR Hearing: भारतीय क्रिकेट टीम के अनुभवी तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी ने इंटरनेशनल स्तर पर भारत का नाम रोशन किया है। वर्ल्ड कप और चैंपियंस ट्रॉफी जैसे बड़े टूर्नामेंट में उन्होंने भारतीय जर्सी पहनकर कई अहम विकेट लिए हैं। बावजूद इसके, अब उनके नागरिक अधिकारों को लेकर सवाल उठ खड़ा हुआ है। सवाल यह है कि क्या टीम इंडिया के इस स्टार खिलाड़ी के पास वोट डालने का अधिकार है? इसी को लेकर शमी को SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) हियरिंग के लिए बुलाया गया है।
SIR Hearing : वोटिंग राइट्स के प्रूफ के लिए नोटिस
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद शमी का नाम कोलकाता म्युनिसिपैलिटी के वार्ड नंबर 93 की वोटर लिस्ट में दर्ज है। यह वार्ड रास बिहारी विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। रिकॉर्ड्स में शमी को वहां का पंजीकृत मतदाता बताया गया है। इसके बावजूद, चुनाव आयोग की प्रक्रिया के तहत उन्हें अपने वोटिंग राइट्स से जुड़े दस्तावेजों का सत्यापन कराने के लिए SIR सुनवाई में बुलाया गया है।
SIR Hearing: राज्य से बाहर होने के कारण नहीं हो पाएंगे शामिल
समस्या यह है कि जिस दिन शमी को सुनवाई के लिए बुलाया गया, उसी समय वे बंगाल टीम के साथ राज्य से बाहर हैं। फिलहाल, शमी बंगाल के लिए विजय हजारे ट्रॉफी खेल रहे हैं और टीम इस वक्त राजकोट में मौजूद है। बंगाल को वहां मैच खेलने हैं और शमी को 8 जनवरी तक टीम के साथ वहीं रहना होगा। ऐसे में सोमवार को होने वाली SIR सुनवाई में उनका शामिल होना संभव नहीं है।
परिवार की ओर से दी गई जानकारी
शमी के परिवार ने स्पष्ट किया है कि व्यस्त क्रिकेट शेड्यूल के कारण वे निर्धारित तारीख को सुनवाई में उपस्थित नहीं हो पाएंगे। हालांकि, प्रशासन की ओर से उन्हें 9 से 11 जनवरी के बीच सुनवाई में शामिल होने का अवसर दिया गया है। इस दौरान शमी अपने वोटर डॉक्युमेंट्स से जुड़े सभी जरूरी प्रमाण पेश कर सकते हैं।
आगे के मैच और टीम से जुड़ने की स्थिति
चुनाव आयोग से जुड़े सूत्रों के अनुसार, यदि बंगाल टीम विजय हजारे ट्रॉफी के अगले राउंड में प्रवेश करती है, तो मोहम्मद शमी को 12 जनवरी से दोबारा टीम के साथ जुड़ना होगा। ऐसे में उनकी उपलब्धता पूरी तरह टूर्नामेंट के शेड्यूल पर निर्भर करेगी। इसी वजह से उनकी सुनवाई की तारीख को लेकर अब तक अंतिम स्थिति साफ नहीं हो पाई है।
स्थानीय पार्षद ने जताया समर्थन
शमी के घर की स्थानीय पार्षद मौसमी दास ने इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि जब कोई खिलाड़ी राज्य से बाहर खेल रहा हो, तब उससे जुड़ी प्रशासनिक समस्याओं में मदद करना जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी बनती है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि शमी को SIR प्रक्रिया से जुड़ी हर संभव सहायता दी जाएगी।
कई नामी हस्तियां भी आ चुकी हैं SIR के दायरे में
गौरतलब है कि हाल के दिनों में SIR सुनवाई के लिए कई जानी-मानी हस्तियों को बुलाया गया है। मशहूर कवि जॉय गोस्वामी, अभिनेता देव और अनिरबन भट्टाचार्य जैसे नाम भी इस प्रक्रिया का हिस्सा रह चुके हैं। आम नागरिकों को भी इसमें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। अब इस सूची में मोहम्मद शमी का नाम जुड़ गया है।
शमी की पेशी पर सबकी नजर
फिलहाल यह साफ नहीं हो पाया है कि मोहम्मद शमी SIR सुनवाई में किस तारीख को पेश होंगे। क्रिकेट और प्रशासन के इस टकराव ने एक बार फिर यह बहस छेड़ दी है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ियों को भी सामान्य नागरिकों की तरह हर प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है।










