Siliguri Election Clash : सिलीगुड़ी में चुनावी घमासान, TMC का BJP पर बड़ा आरोप, कहा- ‘हार के डर से चुरा रहे हैं हमारे झंडे और पोस्टर’

सिलीगुड़ी नगर निगम क्षेत्र में चुनावी प्रचार के दौरान टीएमसी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि बीजेपी समर्थकों ने उनके वार्डों से प्रचार सामग्री हटाकर अपने झंडे लगा दिए हैं। इस घटना के बाद सिलीगुड़ी थाना क्षेत्र में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई। क्या यह केवल पोस्टर वॉर है या गहरी सियासी साजिश?

Siliguri Election Clash

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 6, 2026

Siliguri Election Clash : पश्चिम बंगाल की राजनीति में चुनावी सरगर्मी के बीच सिलीगुड़ी से एक बड़ा विवाद सामने आया है। सिलीगुड़ी के मेयर और कद्दावर तृणमूल कांग्रेस (TMC) नेता गौतम देब ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) समर्थकों पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। देब के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से शहर के विभिन्न हिस्सों में टीएमसी के चुनावी पोस्टरों, बैनरों, तोरणों और झंडों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा कार्यकर्ताओं ने न केवल पार्टी की प्रचार सामग्री को चुराया है, बल्कि उन्हें अपमानजनक तरीके से नालियों में भी फेंक दिया है। इस घटना ने शहर में राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।

मुख्यमंत्री के चेहरे पर पीएम मोदी के स्टिकर: पोस्टर विरूपण का मामला

गौतम देब ने प्रेस वार्ता के दौरान जानकारी दी कि भाजपा समर्थकों ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पोस्टरों के साथ छेड़छाड़ की है। उन्होंने कहा कि कई स्थानों पर मुख्यमंत्री के चेहरे वाले स्टिकर को फाड़ दिया गया या खराब कर दिया गया और उनकी जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टिकर चिपका दिए गए। मेयर ने इस कृत्य को लोकतंत्र का अपमान बताते हुए कहा कि विपक्षी दल अपनी हार के डर से इस तरह की ओछी राजनीति पर उतर आया है। उन्होंने दावा किया कि टीएमसी का लगभग 50 प्रतिशत चुनावी सामान या तो चोरी कर लिया गया है या पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है, जिससे पार्टी को भारी नुकसान हुआ है।

प्रशासनिक निष्क्रियता और चुनाव आयोग को चेतावनी

टीएमसी नेता ने प्रशासन की भूमिका पर भी कड़े सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि इस पूरे मामले की औपचारिक शिकायत जिला रिटर्निंग अधिकारी और अन्य संबंधित वरिष्ठ अधिकारियों से की गई है। हालांकि, देब ने असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शिकायत के कई दिन बीत जाने के बावजूद अभी तक किसी भी दोषी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। उन्होंने प्रशासन की इस चुप्पी को संदेहास्पद बताया और मांग की कि चुनाव के दौरान निष्पक्षता बनाए रखने के लिए तत्काल कदम उठाए जाएं।

सड़कों पर उतरने की धमकी: टीएमसी का कड़ा रुख

गौतम देब ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और चुनाव आयोग ने जल्द ही इस मामले में दखल नहीं दिया, तो टीएमसी कार्यकर्ता शांत नहीं बैठेंगे। उन्होंने कहा कि अगर उनकी प्रचार सामग्री की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई और दोषियों को नहीं पकड़ा गया, तो पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे। देब ने जोर देकर कहा कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हर दल को अपनी बात रखने और प्रचार करने का समान अधिकार है, जिसे भाजपा बलपूर्वक छीनने की कोशिश कर रही है।

चुनाव आयोग की जिम्मेदारी और प्रधानमंत्री का जिक्र

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया बयानों और क्षेत्र की स्थिति पर टिप्पणी करते हुए मेयर देब ने कहा कि शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराना पूरी तरह से चुनाव आयोग और उसके द्वारा नियुक्त अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव आयोग ने कमान संभाल ली है, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखना और राजनीतिक दलों के बीच निष्पक्ष मुकाबला सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा केंद्रीय एजेंसियों और प्रशासनिक मशीनरी का दुरुपयोग कर चुनाव को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है, जिसे बंगाल की जनता बर्दाश्त नहीं करेगी।

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