Share Market Update: पश्चिम एशिया में शांति समझौते की संभावनाओं के बीच भारतीय शेयर बाजार में आज शानदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स में लगभग 1000 अंकों की बढ़त दर्ज की गई, जबकि एनएसई निफ्टी भी मजबूत उछाल के साथ कारोबार करता नजर आया। सुबह 9:20 बजे के आसपास सेंसेक्स 981.88 अंक यानी करीब 1.33 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,814.43 के स्तर पर पहुंच गया। वहीं निफ्टी भी लगभग 280 अंक की मजबूती के साथ 23,441.60 पर ट्रेड कर रहा था। इस तेजी ने निवेशकों के बीच सकारात्मक माहौल बना दिया है।
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रुपया भी हुआ मजबूत, डॉलर के मुकाबले बढ़त
शेयर बाजार के साथ-साथ विदेशी मुद्रा बाजार में भी रुपये ने मजबूती दिखाई। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले लगभग 60 पैसे मजबूत होकर 95.25 के स्तर पर पहुंच गया। इससे संकेत मिलता है कि बाजार में विदेशी निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
सेंसेक्स के ज्यादातर शेयरों में खरीदारी
सेंसेक्स के 30 में से 29 शेयरों में तेजी देखने को मिली, जिससे बाजार में व्यापक खरीदारी का माहौल बना रहा। इंडिगो के शेयरों में सबसे अधिक लगभग 3.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। इसके अलावा लार्सन एंड टुब्रो, ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, एचडीएफसी बैंक, इटरनल, टाटा स्टील, बजाज फिनसर्व, महिंद्रा एंड महिंद्रा, आईसीआईसीआई बैंक और रिलायंस इंडस्ट्रीज जैसे बड़े शेयरों में भी अच्छी तेजी देखने को मिली। हालांकि टेक महिंद्रा का शेयर मामूली गिरावट के साथ खुला।
ब्रॉडर मार्केट में भी मजबूत प्रदर्शन
सिर्फ लार्जकैप ही नहीं, बल्कि मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी जोरदार तेजी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में लगभग 1.38 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में करीब 1.61 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। सेक्टरवार प्रदर्शन की बात करें तो निफ्टी रियल्टी, ऑटो और अन्य प्रमुख सेक्टरों में तेजी रही, जबकि निफ्टी आईटी, हेल्थकेयर और फार्मा सेक्टर में हल्की गिरावट देखने को मिली।
बाजार में तेजी के पीछे मुख्य कारण
विशेषज्ञों के अनुसार, बाजार में आई इस तेजी का सबसे बड़ा कारण पश्चिम एशिया में शांति समझौते की उम्मीद है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के हालिया बयान के बाद निवेशकों में सकारात्मक माहौल बना है। ट्रंप ने दावा किया है कि ईरान के साथ एक समझौते पर सहमति बन चुकी है और जल्द ही औपचारिक हस्ताक्षर हो सकते हैं। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सैन्य कार्रवाई को रोकने का निर्णय लिया गया है। इससे क्षेत्रीय तनाव कम होने की उम्मीद बढ़ गई है।
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कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
भूराजनीतिक तनाव कम होने की संभावना के चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड लगभग 1.67 प्रतिशत गिरकर 88.87 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। तेल की कीमतों में नरमी का असर आने वाले दिनों में वैश्विक अर्थव्यवस्था और भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।










