UP politics: अखिलेश यादव के बयान पर राजभर का पलटवार, सपा सरकार के दौर पर उठाए सवाल

अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे, ऑनलाइन पेमेंट, वक्फ संपत्ति, सरकारी नौकरियों और कानून-व्यवस्था से जुड़े आरोपों पर ओम प्रकाश राजभर ने पलटवार किया। राजभर ने योगी सरकार के कामकाज का बचाव करते हुए सपा सरकार के कार्यकाल पर कई आरोप लगाए। उन्होंने सरकारी नौकरियों, वक्फ संपत्ति और अपराध के मुद्दे पर भी अखिलेश यादव को घेरा।

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Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 17, 2026

UP politics: कैबिनेट मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के आरोपों पर तीखा पलटवार किया। एक्सप्रेसवे और सड़कों को लेकर उठाए गए सवालों पर राजभर ने कहा कि सड़कें बनती हैं तो समय के साथ टूट भी सकती हैं और खराब होने पर ठेकेदार की जिम्मेदारी उन्हें दोबारा बनाना है। उन्होंने कहा कि अगर अखिलेश यादव को सड़कों की इतनी चिंता है तो उन्हें अपने कार्यकाल में बनी सड़कों की स्थिति भी देखनी चाहिए।

ऑनलाइन पेमेंट पर चुंगी के आरोप को लेकर ओम प्रकाश राजभर का दावा

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अखिलेश यादव पर ओम प्रकाश राजभर का पलटवार

बताते चले कि, ऑनलाइन पेमेंट पर चुंगी लगाए जाने के अखिलेश यादव के आरोप को राजभर ने गलत जानकारी पर आधारित बताया। उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित व्यवस्था का असर 95 प्रतिशत लोगों पर नहीं पड़ेगा, जबकि केवल सक्षम वर्ग पर इसका भार होगा। राजभर ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि इस तरह के मुद्दों को उठाकर जनता को गुमराह किया जा रहा है। उन्होंने सीएए-एनआरसी आंदोलन का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी बड़े विरोध प्रदर्शन हुए थे, लेकिन कानून लागू हुआ।

वक्फ संपत्ति और ‘उम्मीद’ पोर्टल पर राजभर का हमला

आपको बता दे कि, वक्फ संपत्ति को लेकर भी ओम प्रकाश राजभर ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वक्फ संपत्तियों का रिकॉर्ड ‘उम्मीद’ पोर्टल पर दर्ज होने से संपत्तियों की निगरानी और पारदर्शिता बढ़ेगी। राजभर ने आरोप लगाया कि पिछली सपा, बसपा और कांग्रेस सरकारों के दौरान वक्फ की करोड़ों रुपये की संपत्तियों को कथित तौर पर कम कीमत पर लेकर होटल, मॉल बनाए गए या उन्हें बेच दिया गया। उनके मुताबिक, रिकॉर्ड दर्ज होने की व्यवस्था से ऐसे लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

सरकारी नौकरियों पर अखिलेश यादव के दावों का जवाब

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सरकारी नौकरियों को लेकर अखिलेश यादव के बयान पर राजभर ने योगी सरकार के कार्यकाल का हवाला दिया। उन्होंने दावा किया कि प्रदेश में योगी सरकार अब तक 9.5 लाख से अधिक सरकारी नौकरियां दे चुकी है। इसके साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव के कार्यकाल पर गंभीर आरोप लगाए और दावा किया कि उस समय नौकरियों में पैसों का लेनदेन होता था। राजभर ने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में कथित तौर पर पांच, दस और पंद्रह लाख रुपये तक की बोली लगती थी।

‘बिना पैसे नौकरी मिल रही, इसलिए परेशान हैं अखिलेश’

ओम प्रकाश राजभर ने आरोप लगाया कि योगी सरकार में युवाओं को बिना पैसे सरकारी नौकरी मिलने की वजह से अखिलेश यादव परेशान हैं। अखिलेश यादव के सत्ता में आने के बाद नौकरियां देने के दावे पर तंज कसते हुए राजभर ने सवाल किया कि आखिर नौकरियां कहां से देंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अखिलेश यादव के कार्यकाल में उनकी बिरादरी को प्राथमिकता दी गई। हालांकि, ये सभी आरोप राजभर के राजनीतिक बयान हैं।

कानून-व्यवस्था और अपराध पर सपा सरकार को घेरा

साइबर अपराध और महिला सुरक्षा को लेकर अखिलेश यादव के आरोपों के जवाब में ओपी राजभर ने सपा सरकार के दौरान कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने सपा सरकार को लेकर विपक्षी आलोचनाओं का हवाला देते हुए मुजफ्फरनगर दंगों का जिक्र किया। राजभर ने दावा किया कि सपा सरकार के दौरान बड़ी संख्या में दंगे और कर्फ्यू की घटनाएं हुईं और करीब 1,200 लोगों की जान गई। उन्होंने आरोप लगाया कि उस समय कई जिलों में माफिया और गैंगवार का प्रभाव था।

मंदिर और नमाज के बयान पर भी अखिलेश यादव पर तंज

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अखिलेश यादव के मंदिर बनवाने संबंधी बयान पर भी राजभर ने राजनीतिक तंज कसा। उन्होंने सवाल उठाया कि मंदिर निर्माण की बात करने वाले नेता क्या मौलाना के साथ नमाज भी पढ़ेंगे। राजभर ने कहा कि एक तरफ मंदिर निर्माण और पूजा की बात हो रही है, तो दूसरी तरफ दूसरे समुदाय के धार्मिक कार्यक्रमों में भागीदारी को लेकर भी सवाल उठते हैं। इस तरह उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति और उनके बयानों को निशाने पर लिया।