Share Market: डोनाल्ड ट्रंप के बयान और तेल की गिरती कीमतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी में कोहराम

आज सुबह सेंसेक्स 32 अंकों की बढ़त के बाद फिर लगभग 435 अंक गिर गया, वहीं निफ्टी भी 110 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

मार्च 11, 2026

Share Market: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को उतार-चढ़ाव का दौर जारी रहा। सुबह के कारोबार के दौरान बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 77,770.74 पर ट्रेड कर रहा है, जो पिछले बंद 78,205.98 की तुलना में लगभग 435 अंक या 0.56 प्रतिशत नीचे है। इसी तरह, एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 50 इंडेक्स 110 अंक गिरकर 24,150 पर कारोबार करता दिखा। इस गिरावट का असर निवेशकों के मनोबल पर साफ देखा जा सकता है।

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एशियाई बाजारों का रुझान

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सेंसेक्स-निफ्टी में कोहराम

वहीं एशियाई बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के चलते सुबह के कारोबार में तेजी देखने को मिली। जापान का निक्केई 225 1.36 प्रतिशत बढ़ा, जबकि टॉपिक्स इंडेक्स में 1.22 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 2.52 प्रतिशत की बढ़त के साथ मजबूत दिखा, जबकि स्मॉल-कैप कोस्डैक 1.39 प्रतिशत ऊपर गया। हांगकांग के हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 25,936 पर कारोबार करता दिखा, जो पिछली क्लोजिंग 25,959.9 के मुकाबले थोड़ा नीचे है।

वॉल स्ट्रीट में हाल

अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को लाल निशान में बंद हुआ। निवेशकों की नजर तेल की कीमतों और ईरान में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव पर थी। S&P 500 0.21 प्रतिशत गिरकर 6,781.48 पर बंद हुआ। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 34.29 अंक या 0.07 प्रतिशत लुढ़ककर 47,706.51 पर बंद हुआ। हालांकि, नैस्डैक कंपोजिट 0.01 प्रतिशत बढ़कर 22,697.10 पर बंद हुआ।

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव

बुधवार सुबह कच्चे तेल की कीमतें निचले स्तर से ऊपर आईं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान में युद्ध समाप्त होने के संकेत देने के बाद WTI क्रूड 0.03 प्रतिशत गिरकर 83.43 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। ब्रेंट क्रूड पिछले सेशन के हाई 119.50 डॉलर से गिरकर 87-90 डॉलर प्रति बैरल के दायरे में आ गया।

इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी की योजना

द वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) ने ईरान युद्ध के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी को नियंत्रित करने के लिए अपने इतिहास में सबसे बड़े आपातकालीन तेल भंडार (Emergency Oil Reserve) को जारी करने का प्रस्ताव रखा है। इसके तहत 182 मिलियन बैरल से अधिक तेल जारी किया जाएगा, ताकि वैश्विक तेल बाजार में संतुलन बनाए रखा जा सके।

भारतीय बाजार पर असर

कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव, वैश्विक जियोपॉलिटिकल तनाव और एशियाई व अमेरिकी बाजारों के रुझान का सीधा असर भारतीय शेयर बाजार पर पड़ा। निवेशक अब तेजी और गिरावट दोनों की स्थिति में सतर्क नजर आ रहे हैं। सेंसेक्स और निफ्टी के वर्तमान स्तर ने बाजार में थोड़ी अनिश्चितता पैदा कर दी है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ़ सूचना हेतु दी जा रही है. यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है. निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें. प्राइम टीवी इंडिया इस पर दावा नहीं करता है ना ही किसी बात पर सत्यता का प्रमाण देता है।