
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में आज यानी बुधवार, 21 अक्टूबर 2026 को कारोबार की शुरुआत मजबूती के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स 650 अंक से अधिक उछलकर 74, 518 के स्तर तक पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी ने भी 23,000 के महत्वपूर्ण स्तर को पार कर लिया। सुबह के कारोबार में निफ्टी 23,077.35 के स्तर पर पहुंचा। बाजार में इस तेजी से निवेशकों का ध्यान एक बार फिर प्रमुख कंपनियों के शेयरों पर केंद्रित हो गया।
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सेंसेक्स और निफ्टी में कितनी आई तेजी?

शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 665.10 अंक बढ़कर 74,518 पर पहुंचा, जबकि निफ्टी 188.40 अंक की बढ़त के साथ 23,077.35 के स्तर पर कारोबार करता दिखा। अल्ट्राटेक सीमेंट और आईसीआईसीआई बैंक के शेयरों में करीब दो प्रतिशत तक की तेजी दर्ज की गई। इससे पहले सोमवार को निफ्टी 50 में गिरावट देखने को मिली थी और यह 257 अंक यानी 1.11 प्रतिशत टूटकर 22,889 पर बंद हुआ था।
भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से बढ़ी उम्मीद

बाजार में तेजी की एक प्रमुख वजह भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीद मानी जा रही है। निवेशकों को आशंका है कि समझौते से जुड़ी सकारात्मक खबरें भारतीय कंपनियों और कारोबार को समर्थन दे सकती हैं। हालांकि, बाजार की दिशा केवल इस उम्मीद पर निर्भर नहीं करेगी। वैश्विक संकेत, कंपनियों के वित्तीय नतीजे और कच्चे तेल की कीमतें भी आगे के कारोबार को प्रभावित कर सकती हैं।
कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजार पर नजर

तेजी के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार के लिए चिंता का विषय बनी हुई हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ब्रेंट क्रूड 110.34 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था और इसमें 1.43 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। अमेरिकी बाजार के वायदा कारोबार में मिला-जुला रुख दिखाई दिया। डाउ जोंस और एसएंडपी 500 के वायदा सूचकांक बढ़त में रहे, जबकि नैस्डैक वायदा मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहा था।
विशेषज्ञों ने बाजार को लेकर क्या कहा?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वीके विजयकुमार के मुताबिक, आय वृद्धि में सुधार और बड़ी कंपनियों के अपेक्षाकृत उचित मूल्यांकन से बाजार को सहारा मिल सकता है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भी गिरावट के दौरान बाजार को समर्थन दे सकती है। हालांकि, उन्होंने कच्चे तेल की महंगाई और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल को संभावित जोखिमों में शामिल किया। उनके आकलन के अनुसार, बाजार में तेजी आने पर मुनाफावसूली का दबाव भी बना रह सकता है।
आईटी और बैंकिंग शेयरों में दिखी मजबूती

क्षेत्रीय सूचकांकों में निफ्टी आईटी 2.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे मजबूत क्षेत्रों में शामिल रहा। निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.74 प्रतिशत और निफ्टी मेटल में 0.70 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके विपरीत, निफ्टी मीडिया 0.15 प्रतिशत गिरकर लाल निशान में रहा। निफ्टी 50 के शेयरों में इंफोसिस 2.47 प्रतिशत और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज 2.08 प्रतिशत चढ़े। अल्ट्राटेक सीमेंट में भी करीब 1.96 प्रतिशत की बढ़त रही, जबकि बजाज फाइनेंस 2.32 प्रतिशत गिरकर प्रमुख नुकसान उठाने वालों में शामिल रहा।
निवेशकों के लिए आगे क्या है अहम?
आने वाले कारोबारी सत्रों में निवेशकों की नजर कंपनियों की दूसरी तिमाही के नतीजों, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते से जुड़ी खबरों, कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बाजारों पर बनी रह सकती है। निफ्टी के लिए 23,000 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, शुरुआती तेजी को बाजार में लगातार बढ़त की गारंटी नहीं समझना चाहिए। निवेशकों को किसी भी फैसले से पहले जोखिम और अपनी निवेश क्षमता का आकलन करना चाहिए।











