Gold Rate Today: धनतेरस पर सोना खरीदने का सही मौका? कीमतों में गिरावट के बीच जानें एक्सपर्ट्स की राय

धनतेरस से पहले सोने की कीमतों में गिरावट ने खरीदारों को राहत दी है। लेकिन क्या दिवाली तक गोल्ड और सस्ता होगा या कीमतों में फिर तेजी आएगी? बाजार विशेषज्ञों ने साल के अंत तक सोने के भाव में बड़ी बढ़त का अनुमान जताया है। जानिए पूरी गणना और बाजार का रुख।

धनतेरस पर सोना खरीदने का सही मौका?

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 21, 2026

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Gold Rate Today: धनतेरस और दिवाली से पहले सोने की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई है। त्योहारों के दौरान भारत में सोना और चांदी खरीदना शुभ माना जाता है। यही वजह है कि इस समय गहनों, सिक्कों और सोने की अन्य वस्तुओं की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में कीमतों में आई गिरावट उन ग्राहकों के लिए राहत लेकर आई है, जो लंबे समय से सोना खरीदने के लिए दाम कम होने का इंतजार कर रहे थे।

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MCX पर सोने के भाव में कितनी गिरावट?

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, सोने की कीमत में मामूली गिरावट देखने को मिली। खबर में दिए गए आंकड़ों के अनुसार, सोना 0.03 प्रतिशत गिरकर 1,46,482 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। पिछले कारोबारी सत्र में इसका बंद भाव 1,46,519 रुपये था। अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 0.3 प्रतिशत गिरकर 4,128.92 डॉलर प्रति औंस पर आ गया। वहीं, दिसंबर डिलीवरी वाले अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स में भी 0.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और भाव 4,148.50 डॉलर प्रति औंस रहा।

अंतरराष्ट्रीय तनाव का सोने की कीमतों पर असर

अंतरराष्ट्रीय तनाव का सोने की कीमतों पर असर
अंतरराष्ट्रीय तनाव का सोने की कीमतों पर असर

सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव के पीछे वैश्विक परिस्थितियों की भी अहम भूमिका होती है। रिपोर्ट के मुताबिक, यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब के ऊर्जा प्रतिष्ठानों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों पर हमलों के दावों के बाद क्षेत्रीय तनाव बढ़ने की आशंका जताई गई। इससे ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होने और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आने की चिंताएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, सोने की कीमतें केवल भू-राजनीतिक तनाव से नहीं, बल्कि डॉलर, ब्याज दरों और निवेशकों की मांग से भी प्रभावित होती हैं।

महंगाई और ब्याज दरों का गोल्ड पर असर

यदि कच्चे तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो परिवहन और उत्पादन की लागत बढ़ सकती है। इससे महंगाई पर दबाव पड़ने की आशंका रहती है। ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों में कटौती को लेकर सतर्क रुख अपना सकते हैं। जब ब्याज देने वाले निवेश विकल्प अधिक आकर्षक होते हैं, तो सोने की मांग पर दबाव आ सकता है। यही वजह है कि वैश्विक आर्थिक संकेतकों का असर सोने के बाजार में भी दिखाई देता है।

क्या दिवाली तक और सस्ता होगा सोना?

विशेषज्ञों के मुताबिक, त्योहारों और शादी के सीजन में सोने की घरेलू मांग कीमतों को सहारा दे सकती है। इसलिए आगे बड़ी गिरावट होगी या नहीं, इसका निश्चित अनुमान लगाना मुश्किल है। बाजार में कीमतें अंतरराष्ट्रीय रुझानों, रुपये की स्थिति और खरीदारी की मांग के अनुसार बदल सकती हैं।

साल के अंत तक 1.65 लाख रुपये तक पहुंचने का अनुमान

मार्केट एनालिस्ट अनुज गुप्ता के अनुमान के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना 4,600 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच सकता है। घरेलू बाजार में दिवाली या साल के अंत तक कीमत 1,60,000 से 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक जाने की संभावना जताई गई है। वहीं, वेंचुरा सिक्योरिटीज की रिपोर्ट में दिवाली 2026 से पहले सोने के लिए 1,50,000 से 1,65,000 रुपये प्रति 10 ग्राम की संभावित रेंज बताई गई है। ये केवल अनुमान हैं, निश्चित कीमत नहीं।

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