
Uttarakhand News: उत्तराखंड में विकास योजनाओं और आगामी विधानसभा सत्र को लेकर राज्य सरकार की तैयारियां तेज देखने को मिली है। सीएम धामी की अध्यक्षता में 22 अक्टूबर 2026 को मंत्रिमंडल की जरूरी बैठक आयोजिक की जाएगी। इस बैठक में प्रदेश की वित्तीय जरूरतों, विकास कार्यों और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़ी कई अहम प्रस्तावों पर देखने को मिल सकती है। बैठत में अनुपूरक बजट को मंजूरी देने के साथ कुछ विधायकों पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
3000 करोड़ रुपये से अधिक के अनुपूरक बजट पर नजरें

कैबिनेट बैठक में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा अनुपूरक बजट का प्रस्ताव माना जा रहा है। सरकार विधानसभा में 3000 करोड़ रुपये से अधिक का अनुपूरक बजट पेश करने की तैयारी में है। इस प्रस्ताव को मंत्रिमंडल की मंजूरी मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, बजट की अंतिम राशि और उसके विभिन्न मदों में आवंटन को लेकर बैठक के निर्णय के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
अनुपूरक बजट का उद्देश्य चालू वित्त वर्ष के दौरान उन अतिरिक्त वित्तीय जरूरतों को पूरा करना है, जिनके लिए मूल बजट में पर्याप्त प्रावधान नहीं किया गया हो या जिन पर अतिरिक्त खर्च की आवश्यकता सामने आई हो। इससे सरकार को शेष वित्त वर्ष में विकास योजनाओं, निर्माण कार्यों और अन्य जरूरी गतिविधियों के लिए धन उपलब्ध कराने में मदद मिल सकती है।
27 अक्टूबर से गैरसैंण में शुरू होगा विधानसभा सत्र

उत्तराखंड विधानसभा का दो दिवसीय सत्र 27 अक्टूबर से गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण विधानसभा भवन में प्रस्तावित है। इस सत्र में अनुपूरक बजट पेश किए जाने और उसे पारित कराने की प्रक्रिया महत्वपूर्ण रहेगी। इसी वजह से 22 अक्टूबर की कैबिनेट बैठक को विधानसभा सत्र की तैयारियों के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
सत्र से पहले सरकार बजट प्रस्तावों और विधायी कार्यों को अंतिम रूप देना चाहती है। मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने के बाद अनुपूरक बजट को विधानसभा में प्रस्तुत करने का रास्ता साफ हो सकता है। हालांकि, बजट पारित होने के लिए विधानसभा की प्रक्रिया पूरी करना आवश्यक होगा। सत्र के दौरान बजट पर चर्चा और सदन की मंजूरी के बाद ही इससे जुड़े प्रावधान लागू हो सकेंगे।
छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट भी होगी पेश
कैबिनेट बैठक में छठे राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट भी प्रस्तुत किए जाने की जानकारी सामने आई है। यह रिपोर्ट त्रिस्तरीय पंचायतों और नगर निकायों को राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले अनुदान से संबंधित है। स्थानीय निकायों के वित्तीय संसाधनों और उन्हें मिलने वाली सहायता के निर्धारण में राज्य वित्त आयोग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। रिपोर्ट के प्रस्तुत होने से पंचायतों और शहरी निकायों को मिलने वाले अनुदान तथा वित्तीय व्यवस्था से जुड़े पहलुओं पर चर्चा का अवसर मिल सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में की गई सिफारिशों, अनुदान के संभावित वितरण और उनके क्रियान्वयन को लेकर अंतिम जानकारी मंत्रिमंडल के निर्णय तथा आधिकारिक विवरण सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
कैबिनेट के फैसलों पर टिकी रहेंगी सबकी निगाहें
22 अक्टूबर की बैठक में अनुपूरक बजट, विधायी प्रस्तावों और राज्य वित्त आयोग की रिपोर्ट से जुड़े मुद्दे प्रमुख रह सकते हैं। इसके बाद 27 अक्टूबर से प्रस्तावित विधानसभा सत्र में सरकार के वित्तीय प्रस्तावों पर आगे की कार्रवाई होगी। अब सबकी नजरें इस बात पर रहेंगी कि मंत्रिमंडल किन प्रस्तावों को मंजूरी देता है और प्रदेश के विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त बजट का अंतिम स्वरूप क्या रहता है।
Uttarakhand News: दशहरा पर सीएम धामी का संदेश, राम के आदर्शों से











