Uttarakhand News: दशहरा पर सीएम धामी का संदेश, राम के आदर्शों से लेकर सरकारी कार्रवाई तक बताईं प्राथमिकताएं

देहरादून के दशहरा उत्सव में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राम के आदर्शों से लेकर भ्रष्टाचार और अतिक्रमण तक कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। उन्होंने सरकारी जमीन, यूसीसी और युवाओं की नौकरियों का भी जिक्र किया। आखिर उत्तराखंड सरकार की प्राथमिकताएं क्या हैं? जानिए मुख्यमंत्री के संबोधन की बड़ी बातें।

दशहरा पर सीएम धामी का संदेश

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

अक्टूबर 21, 2026

Advertisements
728x90-Kanya-Sumangla-Mission-Shakti-Digital

Uttarakhand News: उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी मंगलवार को देहरादून के परेड ग्राउंड में बन्नू बिरादरी की ओर से आयोजित दशहरा उत्सव में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं दीं और सभी के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मुख्यमंत्री ने आयोजन समिति और कार्यक्रम से जुड़े लोगों को सफल आयोजन के लिए बधाई भी दी।

सत्य और अच्छाई की जीत का दिया संदेश

मुख्यमंत्री ने कहा कि विजयादशमी का पर्व सत्य, धर्म और अच्छाई की शक्ति का प्रतीक है। भगवान श्रीराम और रावण की कथा बताती है कि अहंकार और अधर्म चाहे कितने भी शक्तिशाली हों, अंत में जीत सत्य की होती है। उन्होंने श्रीराम के त्याग, संयम, कर्तव्य और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की अपील की।

सामाजिक बुराइयों के खिलाफ एकजुट होने की अपील

धामी ने कहा कि दशहरा केवल रावण का पुतला जलाने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह अपने भीतर की बुराइयों को पहचानने और उन्हें दूर करने का अवसर भी है। उन्होंने लोगों से अहंकार, क्रोध और लालच जैसी प्रवृत्तियों को छोड़ने की अपील की। मुख्यमंत्री ने भ्रष्टाचार, नशे, अन्याय और महिलाओं के खिलाफ हिंसा जैसी समस्याओं से निपटने के लिए सामूहिक प्रयासों को जरूरी बताया।

सरकारी जमीन और अवैध निर्माण पर सरकार का दावा

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने सरकारी जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए अभियान चलाया है। उनके मुताबिक, इस अभियान के तहत 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी जमीन मुक्त कराई गई है। उन्होंने बताया कि अवैध निर्माण और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। सरकार ने दंगों के दौरान संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों से मुआवजा वसूलने के लिए कानून बनाया है।

यूसीसी और कानून-व्यवस्था पर जोर

धामी ने समान नागरिक संहिता (UCC) को समानता और न्याय की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य नागरिकों के अधिकारों की रक्षा करना और प्रदेश में सुरक्षित वातावरण बनाए रखना है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड की सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक परंपराओं और सामाजिक सद्भाव की रक्षा को भी सरकार की प्राथमिकता बताया।

युवाओं को रोजगार और आधुनिक शिक्षा पर फोकस

मुख्यमंत्री ने बच्चों को वैज्ञानिक सोच, आधुनिक शिक्षा और तार्किक क्षमता से जोड़ने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और नकल रोकने के लिए सख्त कानून लागू किया गया है। धामी के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं। सरकार युवाओं को योग्यता के आधार पर अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस और आर्थिक विकास का लक्ष्य

धामी ने कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्थानीय व्यापारियों, उद्यमियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योगों को राज्य की अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। मुख्यमंत्री के मुताबिक, निवेश, कारोबार और रोजगार के अवसर बढ़ाकर प्रदेश के विकास को गति देने का प्रयास किया जा रहा है।

रामराज्य की भावना से विकसित उत्तराखंड का संकल्प

मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्श न्याय, सुशासन, समानता और जनकल्याण की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने का संकल्प दोहराया। साथ ही लोगों से ऐसा प्रदेश बनाने में सहयोग मांगा, जहां महिलाओं को सुरक्षा, युवाओं को अवसर और समाज के प्रत्येक वर्ग को विकास का लाभ मिल सके।

Uttarakhand News: महानवमी पर सीएम धामी ने किया कन्या पूजन और हव