Sharad Pawar On PM Modi: अगले एक साल तक सोना खरीदने पर ब्रेक? PM मोदी के फैसले पर विपक्ष ने किया बड़ा सवाल।

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच पीएम मोदी ने देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने और ईंधन की खपत कम करने की अपील की है। इस घोषणा से बाजार में मची बेचैनी को देखते हुए शरद पवार ने प्रधानमंत्री से सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग की है। पवार का मानना है कि इन फैसलों का अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ेगा।

Sharad Pawar On PM Modi

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

मई 12, 2026

Sharad Pawar On PM Modi: मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध की आहट के बीच भारत की आर्थिक स्थिरता को लेकर नई बहस छिड़ गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक साल तक सोना न खरीदने और ईंधन व खाद्य तेल की खपत कम करने की अपील ने सियासी गलियारों में हलचल मचा दी है। इस संवेदनशील मुद्दे पर अब विपक्षी खेमे के दिग्गज नेता और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (SP) के प्रमुख शरद पवार ने मोर्चा खोलते हुए सरकार को गंभीर मशविरा दिया है।

प्रधानमंत्री की बचत अपील के आर्थिक निहितार्थ

बताते चले कि, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वैश्विक अस्थिरता को देखते हुए नागरिकों से संयम बरतने का आग्रह किया है। उन्होंने देशवासियों से अपील की है कि आगामी एक वर्ष तक स्वर्ण निवेश से बचें और पेट्रोल, डीजल व कुकिंग ऑयल का उपभोग न्यूनतम करें। सरकार का मानना है कि इन वस्तुओं के आयात पर निर्भरता कम करने से विदेशी मुद्रा भंडार सुरक्षित रहेगा। हालांकि, इस अचानक की गई घोषणा ने बाजार और आम आदमी के बीच भविष्य की आर्थिक स्थिति को लेकर आशंकाएं पैदा कर दी हैं। विपक्षी दल इसे सरकार की आर्थिक विफलता और आसन्न संकट के संकेत के रूप में देख रहे हैं।

शरद पवार की प्रधानमंत्री को सलाह

राज्यसभा सांसद शरद पवार ने सोशल मीडिया मंच ‘X’ पर एक विस्तृत पोस्ट साझा करते हुए प्रधानमंत्री से तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है। पवार ने जोर देकर कहा कि इस तरह की घोषणाओं का देश की अर्थव्यवस्था और जीडीपी (GDP) पर दूरगामी और व्यापक प्रभाव पड़ना तय है। उन्होंने प्रधानमंत्री को मशविरा दिया कि देश हित के ऐसे गंभीर मुद्दों पर सभी राजनीतिक दलों के नेताओं को विश्वास में लिया जाना चाहिए। पवार के अनुसार, सरकार को अपनी अध्यक्षता में एक ऑल-पार्टी मीटिंग (All-Party Meeting) बुलानी चाहिए ताकि राष्ट्रीय संकट के समय एक साझा और मजबूत नीति तैयार की जा सके।

बाजार में बढ़ती बेचैनी और निवेशकों के बीच अस्थिरता का माहौल

शरद पवार ने अपने बयान में इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि प्रधानमंत्री के संदेश के बाद इन्वेस्टर्स, बिजनेस सेक्टर और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है। उन्होंने लिखा कि अचानक लिए गए फैसलों से व्यापारिक जगत में ‘पैनिक’ की स्थिति बन सकती है, जो निश्चित रूप से चिंता का विषय है। पवार का मानना है कि मौजूदा वैश्विक हालातों को देखते हुए केंद्र सरकार को अधिक संवेदनशीलता दिखाने और व्यापक विचार-विमर्श (Broad Consultations) को प्राथमिकता देने की जरूरत है, ताकि बाजार में स्थिरता बनी रहे।

आर्थिक विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा की मांग

एनसीपी प्रमुख ने केवल राजनीतिक समाधान ही नहीं, बल्कि विशेषज्ञ राय लेने पर भी बल दिया है। उन्होंने मांग की है कि प्रधानमंत्री को देश के जाने-माने अर्थशास्त्रियों, इंडस्ट्रियलिस्ट्स और संबंधित एक्सपर्ट्स की एक आपातकालीन बैठक बुलानी चाहिए। इस मीटिंग के जरिए वर्तमान स्थिति की गहन समीक्षा (Review) की जानी चाहिए और भविष्य की आर्थिक नीतियों पर विशेषज्ञों का मार्गदर्शन लेना चाहिए। शरद पवार ने स्पष्ट किया कि इस कठिन समय में देश के नागरिकों के बीच ‘भरोसा और स्थिरता’ (Trust and Stability) कायम करना ही सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।