Sawan Second Somvar: पवित्र सावन माह के दूसरे सोमवार के अवसर पर देशभर के शिव मंदिरों में सुबह से ही भक्तिमय माहौल देखने को मिला। काशी से देवघर तक प्रमुख शिवालयों में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। मंदिर परिसर ‘बम-बम भोले’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजते रहे। लाखों शिवभक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक और दुग्धाभिषेक कर सुख, शांति, समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य की प्रार्थना की।
काशी विश्वनाथ मंदिर में भव्य मंगला आरती
वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सावन के दूसरे सोमवार पर भगवान विश्वेश्वर की विशेष मंगला आरती आयोजित की गई। आरती के दौरान मंदिर में श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। दर्शन के लिए कतार में खड़े कांवड़ियों और शिवभक्तों का मंदिर प्रशासन की ओर से फूलों की पंखुड़ियां बरसाकर स्वागत किया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में आध्यात्मिक और भक्तिमय वातावरण बना रहा।
डीएम ने मंदिर परिसर का किया निरीक्षण
वाराणसी के जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सावन सोमवार को मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने श्रद्धालुओं की सुरक्षा, स्वच्छता, पेयजल और दर्शन व्यवस्था का जायजा लिया। जिलाधिकारी ने दूर-दराज से आए कांवड़ियों और भक्तों से बातचीत कर व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी भी ली। प्रशासन की कोशिश रही कि बड़ी संख्या में पहुंच रहे श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
शिवभक्तों को दीं शुभकामनाएं
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने सावन के दूसरे सोमवार पर सभी शिवभक्तों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने भगवान शिव से प्रार्थना की कि हर व्यक्ति के जीवन में सुख, शांति, समृद्धि और उत्तम स्वास्थ्य बना रहे। प्रशासन की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा और नागरिक सुविधाओं के व्यापक इंतजाम किए गए हैं।
बाबा बैद्यनाथ धाम में उमड़ा आस्था का महासैलाब
झारखंड के देवघर स्थित प्रसिद्ध बाबा बैद्यनाथ धाम में भी सावन के दूसरे सोमवार पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। प्रशासन के अनुमान के मुताबिक, इस पावन अवसर पर 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालुओं के गर्भगृह में जल अर्पित करने की संभावना जताई गई। सुल्तानगंज से उत्तरवाहिनी गंगा का पवित्र जल लेकर पहुंचे कांवड़ियों की लंबी कतारें मंदिर परिसर और आसपास के मार्गों पर दिखाई दीं।
रात से ही शुरू हुआ जलाभिषेक
देश के कई राज्यों में सावन सोमवार की पूजा और जलाभिषेक का सिलसिला आधी रात से ही शुरू हो गया था। उत्तर प्रदेश के सीतापुर स्थित प्रसिद्ध श्याम नाथ मंदिर में रात 12 बजे से भक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक करना शुरू कर दिया। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने रूट डायवर्जन लागू किया और सुरक्षा के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया।
यूपी के शिव मंदिरों में भी भारी भीड़
हापुड़ के सिद्धपीठ सबली महादेव मंदिर में भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें नजर आईं। वहीं कानपुर के प्राचीन नागेश्वर शिव मंदिर में भक्तों ने भगवान शिव को जल के साथ बेलपत्र, भांग और धतूरा अर्पित किया। श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की।
हरिद्वार से दिल्ली तक शिवालयों में भक्तों की कतार
हरिद्वार के पौराणिक दक्षेश्वर महादेव मंदिर में गंगाजल लेकर पहुंचे कांवड़ियों और स्थानीय श्रद्धालुओं की भीड़ रही। शिवभक्तों ने भगवान शिव का जलाभिषेक कर पूजा की। वहीं दिल्ली के चांदनी चौक स्थित ऐतिहासिक गौरी शंकर मंदिर में भी भोर से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही शुरू हो गई थी। मंदिर में दर्शन और पूजन के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे।
सुरक्षा और व्यवस्था पर प्रशासन की नजर
सावन के दूसरे सोमवार को देशभर के प्रमुख शिवालयों में उमड़ी भीड़ को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को प्राथमिकता दी। कई स्थानों पर रूट डायवर्जन, पुलिस बल की तैनाती और भीड़ प्रबंधन के इंतजाम किए गए। मंदिरों में श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से दर्शन कराने की कोशिश की गई, ताकि धार्मिक उत्सव के दौरान यातायात और कानून-व्यवस्था भी सुचारु बनी रहे।
हर तरफ गूंजा भोलेनाथ का जयकारा
सावन के दूसरे सोमवार पर काशी, देवघर, हरिद्वार, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शिवालयों में श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर दिखाई दी। कांवड़ियों और स्थानीय भक्तों ने भगवान शिव को जल अर्पित कर अपनी मनोकामनाओं की पूर्ति की प्रार्थना की। सुबह से मंदिरों में गूंजते ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष ने पूरे वातावरण को शिवमय बना दिया।
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