Raghav Chadha BJP Join: आम आदमी पार्टी (AAP) के भीतर मचे राजनीतिक घमासान और राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा की ‘चुप्पी’ को लेकर जारी कयासों पर अब पार्टी के दिग्गज नेता संजय सिंह ने चुप्पी तोड़ी है। पिछले कुछ समय से राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा गर्म थी कि राघव चड्ढा आम आदमी पार्टी का साथ छोड़कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम सकते हैं। इन अफवाहों को सिरे से खारिज करते हुए संजय सिंह ने स्पष्ट किया कि राघव चड्ढा पार्टी के एक स्तंभ हैं और उनके पाला बदलने की खबरें पूरी तरह निराधार और बेबुनियाद हैं।
संजय सिंह का बयान
एक विशेष साक्षात्कार में संजय सिंह ने राघव चड्ढा और पार्टी के रिश्तों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि राघव चड्ढा को लेकर जो भी कयास लगाए जा रहे हैं, उन पर उन्हें रत्ती भर भी भरोसा नहीं है। संजय सिंह ने जोर देकर कहा कि राघव चड्ढा केवल एक नेता नहीं, बल्कि पार्टी परिवार के एक अभिन्न सदस्य हैं। उन्होंने याद दिलाया कि पार्टी ने उन्हें राज्यसभा भेजा, पंजाब जैसे महत्वपूर्ण राज्य की कमान सौंपी और हर कानूनी लड़ाई में उनका साथ दिया। ऐसे में पार्टी छोड़ने की बात सोचना भी गलत है।
पार्टी के कार्यक्रमों से राघव की अनुपस्थिति पर उठे सवाल
आपको बता दे कि, संजय सिंह ने साक्षात्कार के दौरान इस बात को स्वीकार किया कि पिछले कुछ महीनों से राघव चड्ढा की राजनीतिक सक्रियता में कमी आई है। पार्टी की बड़ी कानूनी जीतों या महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में उनकी गैर-मौजूदगी ने कार्यकर्ताओं और मीडिया के बीच कई सवाल खड़े किए हैं। यहां तक कि सोशल मीडिया पर भी राघव की प्रतिक्रियाएं पहले की तुलना में कम देखी गई हैं। हालांकि, संजय सिंह ने चतुराई से गेंद राघव के पाले में डालते हुए कहा कि उनकी इस व्यक्तिगत चुप्पी या कम उपस्थिति का सटीक कारण तो स्वयं राघव चड्ढा ही बता सकते हैं।
राजनीतिक जीवन के उतार-चढ़ाव
सांसद संजय सिंह ने तर्क दिया कि राजनीति में हर नेता के करियर में एक ऐसा दौर आता है जब वह सार्वजनिक मंचों से थोड़ी दूरी बना लेता है। उन्होंने कहा कि किसी की कम मौजूदगी को सीधे तौर पर ‘पार्टी छोड़ने’ के संकेत के रूप में देखना जल्दबाजी होगी। उनके अनुसार, निजी कारणों या रणनीतिक चुप्पी को बगावत का नाम नहीं दिया जाना चाहिए। सिंह ने स्पष्ट किया कि आम आदमी पार्टी का शीर्ष नेतृत्व राघव के साथ खड़ा है और इन अफवाहों का संगठन की एकता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
संजय सिंह का कड़ा रुख
बातचीत के अंत में संजय सिंह ने एक कड़ा और स्पष्ट रुख अपनाते हुए कहा कि अगर भविष्य में कभी ऐसी कोई स्थिति आती है जहां राघव चड्ढा पार्टी विरोधी कदम उठाते हैं या विपक्षी खेमे में जाते हैं, तो वह खुद सबसे पहले उनके खिलाफ खड़े होंगे। उन्होंने दोहराया कि फिलहाल उन्हें राघव की निष्ठा पर कोई संदेह नहीं है, लेकिन यदि ‘परिवार का सदस्य’ विश्वासघात करता है, तो उसका विरोध करना उनका कर्तव्य होगा। फिलहाल, ‘आप’ इस पूरे मामले को विरोधी दलों द्वारा फैलाया गया प्रोपेगेंडा बता रही है।









