PM Modi Abhijit Dipke Meeting: सोशल मीडिया पर वायरल हुई पीएम मोदी के साथ ये तस्वीर, सच सामने आते ही संजय राउत को डिलीट करनी पड़ी पोस्ट

शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके और पीएम मोदी के बीच अमेरिका में गुप्त मुलाकात का दावा कर सियासी हड़कंप मचा दिया। हालांकि, दीपके द्वारा इस तस्वीर को AI जनरेटेड (फर्जी) बताए जाने और पोल खुलने के बाद राउत ने सोशल मीडिया से अपनी पोस्ट हटा ली है।

PM Modi Abhijit Dipke Meeting

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 11, 2026

PM Modi Abhijit Dipke Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर एक नए चरम पर पहुंच गया है। इन दिनों देशव्यापी चर्चाओं में घिरी कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) को लेकर शिवसेना (यूबीटी) के फायरब्रांड नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने एक ऐसा सनसनीखेज दावा किया, जिसने देश के सियासी गलियारों में हड़कंप मचा दिया। संजय राउत ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कॉकरोच जनता पार्टी के चीफ अभिजीत दीपके के बीच गुप्त साठगांठ होने का आरोप लगाया। हालांकि, कुछ ही घंटों में इस बड़े राजनीतिक दावे की हवा निकल गई।

पीएम मोदी और अभिजीत दीपके की सीक्रेट मीटिंग

बताते चले कि, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने सोशल मीडिया और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए एक गंभीर राजनीतिक विवाद को हवा दी। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलने वाली कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने पिछले दिनों अमेरिका में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से गुपचुप मुलाकात की थी।

“मुझे कुछ ऐसी पुख्ता तस्वीरें मिली हैं, जो यह साबित करती हैं कि अमेरिका में कौन किससे मिला था। जानकार लोग बता रहे हैं कि दीपके इस सीक्रेट मीटिंग को अंजाम देने के बाद ही भारत वापस लौटे हैं। हालांकि, मैं व्यक्तिगत तौर पर सीधे आरोप नहीं मढ़ रहा हूं, बल्कि मुझे सूत्रों से जो संवेदनशील जानकारी और साक्ष्य मिले हैं, उन्हें जनता के सामने रख रहा हूं।” – संजय राउत, सांसद (शिवसेना यूबीटी)

राउत ने कहा कि सीजेपी के इस आंदोलन और दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पुणे की सड़कों पर चल रहे विरोध प्रदर्शनों के पीछे की टाइमिंग पर अब गहरे सवाल खड़े हो रहे हैं।

धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रही CJP पर राउत ने उठाए सवाल

कॉकरोच जनता पार्टी के रणनीतिक उद्देश्यों और उनकी कार्यप्रणाली पर संदेह जताते हुए संजय राउत ने कहा कि उनकी पार्टी (शिवसेना यूबीटी) ने हमेशा युवाओं के अधिकारों और छात्रों के मुद्दों का पुरजोर समर्थन किया है। मौजूदा समय में अभिजीत दीपके पुणे में एक बड़ा आंदोलन चला रहे हैं, जिसकी मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा है।

सांसद ने मीडिया कर्मियों से बातचीत में स्पष्ट किया कि सीजेपी के इस विरोध प्रदर्शन में शुरुआत में किसी भी मुख्यधारा के राजनीतिक दल का कोई नेता शामिल नहीं हुआ था। यह विशुद्ध रूप से सड़कों पर उतरे युवाओं का आक्रोश था। लेकिन, अगर इस आंदोलन और जन-आक्रोश का इस्तेमाल पर्दे के पीछे से केंद्र सरकार की मदद करने या विपक्ष को गुमराह करने के लिए एक राजनीतिक टूल (कठपुतली) के रूप में किया जा रहा है, तो इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखना और इसकी सच्चाई देश के सामने लाना विपक्ष का नैतिक फर्ज बन जाता है।

सोशल मीडिया पर वायरल फोटो का असली सच

संजय राउत के इस सनसनीखेज दावे और सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही प्रधानमंत्री मोदी व अभिजीत दीपके की कथित मुलाकात की तस्वीर पर खुद कॉकरोच जनता पार्टी के संस्थापक ने सामने आकर पूरी सच्चाई बयां कर दी है। पुणे में चल रहे विरोध प्रदर्शन के मंच से मीडिया से बात करते हुए दीपके ने राउत के दावों को पूरी तरह खारिज और बेबुनियाद करार दिया।

अभिजीत दीपके ने इस बड़ी राजनीतिक साजिश का पर्दाफाश करते हुए साफ कहा कि संजय राउत जिस फोटो को लेकर देश की सियासत में भूचाल लाने की कोशिश कर रहे हैं, वह पूरी तरह से ‘AI जनरेटेड’ (कृत्रिम बुद्धिमत्ता द्वारा तैयार की गई फर्जी तस्वीर) है। आधुनिक तकनीक का दुरुपयोग करके यह फेक फोटो सोशल मीडिया पर फैलाई गई थी। इस तकनीकी खुलासे और चारों तरफ से फजीहत होने के बाद, शिवसेना (यूबीटी) सांसद संजय राउत ने बिना कोई देरी किए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) से अपनी वह विवादास्पद पोस्ट और तस्वीर तुरंत डिलीट (हटा) कर दी।