Bengal Election: शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने भारत की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि,चुनावों को सुनियोजित तरीके से “हेरफेर,हाईजैक और दबाव” के जरिए प्रभावित किया जा रहा है।संजय राउत ने भारत के लोकतंत्र के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक दावों को चुनौती दी उन्होंने संयुक्त राष्ट्र से देश में पर्यवेक्षक भेजने का आग्रह किया ताकि वे खुद देख सकें कि चुनाव कैसे कराए जाते हैं।
बीजेपी पर फायर हुए संजय राउत
संजय राउत ने कहा,हमारे प्रधानमंत्री पूरी दुनिया में घूम-घूमकर भारत के लोकतंत्र की बातें करते हैं। मैं संयुक्त राष्ट्र के लोगों को हमारे देश में आने और यह देखने के लिए आमंत्रित करना चाहूंगा कि यहां चुनाव कैसे कराए जाते हैं, उनमें कैसे हेरफेर किया जाता है, उन्हें कैसे हाईजैक किया जाता है, कैसे दबाव डाला जाता है और यहां तक कि कैसे हैक भी किया जाता है। दुनिया को यह देखने दीजिए कि ये दावे कितने झूठे हैं।कहीं भी निष्पक्ष चुनाव नहीं हो रहे हैं। चाहे बिहार हो या महाराष्ट्र, कहीं भी चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराए गए।
“बंगाल में लगाया अघोषित राष्ट्रपति शासन”
संजय राउत ने आरोप लगाया कि,जब से पीएम मोदी और अमित शाह ने दिल्ली में सत्ता संभाली है, स्थानीय ग्राम पंचायतों से लेकर लोकसभा तक कोई भी चुनाव निष्पक्ष तरीके से नहीं कराया गया है।उन्होंने आगे कहा,पहले बूथ कैप्चरिंग होती थी अब नए तरीकों का इस्तेमाल किया जाता है -पैसा, सत्ता, मतदाता सूचियों में हेरफेर और भी बहुत कुछ।चुनाव आयोग अब कोई निष्पक्ष संस्था नहीं रह गई है और आरोप लगाया कि,पश्चिम बंगाल में अघोषित राष्ट्रपति शासन लगा दिया गया है।
बंगाल में ममता बनर्जी की जीत का दावा
शिवसेना (यूबीटी) सांसद ने भारतीय जनता पार्टी को अपने निशाने पर लेते हुए कहा कि,अगर पश्चिम बंगाल में BJP की सरकार होती तो वहां खून-खराबा होता क्योंकि वे किसी भी कीमत पर बंगाल जीतना चाहते हैं और वह भी लोकतांत्रिक तरीकों से नहीं।”जिस तरह की राजनीति BJP पूरे देश में करती है, वे बंगाल में उससे भी बुरा खेल खेलना चाहते हैं। अब तक, ममता दीदी और उनकी पार्टी ने BJP की चालों को सफल नहीं होने दिया है और वे भविष्य में भी ऐसा नहीं होने देंगे।
अधिकारियों के तबादले पर BJP को घेरा
उन्होंने आगे कहा, “पश्चिम बंगाल में 24 घंटे के अंदर, मुख्य सचिव, अतिरिक्त महानिदेशक, पुलिस उप महानिरीक्षक, जिला मजिस्ट्रेट, और सौ से ज़्यादा अधिकारियों का तबादला कर दिया जाता है, और ऐसे लोगों को लाया जाता है जो वर्दी पहनने के बावजूद BJP कार्यकर्ताओं की तरह काम करते हैं। यह क्या है? क्या यह लोकतंत्र है? क्या ये चुनाव हैं? यह तो किसी गैंग वॉर जैसा है। ठीक वैसे ही जैसे मुंबई में दाऊद इब्राहिम का अंडरवर्ल्ड था, यह BJP का गैंग है, एक ऐसा अंडरवर्ल्ड जिसे पश्चिम बंगाल में ममता दीदी के खिलाफ तैनात किया जा रहा है। लेकिन ममता दीदी हारेंगी नहीं; जनता उनके साथ है।
विपक्ष के जीतने पर BJP को क्यों परेशानी-संजय राउत
उन्होंने यह भी कहा, “मोदी जी, अगर आप एक-दो राज्य हार भी जाते हैं, तो इसमें क्या दिक्कत है? अगर विपक्ष जीत जाता है, तो आपको इतनी परेशानी क्यों होती है? आप उन राज्यों पर जबरदस्ती कब्जा क्यों करना चाहते हैं जो आपके साथ नहीं हैं? यह सब कैसे चलेगा?”









