Bihar Politics: नए CM सम्राट चौधरी से मिले ‘छोटे सरकार’, सियासी गलियारों में नई चर्चा तेज

बिहार में सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनते ही सियासी पारा चढ़ गया है। जेडीयू विधायक अनंत सिंह ने सीएम से मुलाकात कर मोकामा में अस्पताल की मांग की। इस दौरान उन्होंने अपने चुनावी संन्यास की घोषणा कर सबको चौंका दिया। साथ ही, तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए बिहार में शराबबंदी खत्म करने की भी सलाह दी।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 17, 2026

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Bihar Politics: बिहार की राजनीति में एक बार फिर बड़ा उलटफेर और हलचल देखने को मिल रही है। सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री की कुर्सी संभालते ही सत्ता के गलियारों में मुलाकातों का दौर शुरू हो गया है। इसी गहमागहमी के बीच जेडीयू (JDU) विधायक और बाहुबली नेता के रूप में चर्चित अनंत कुमार सिंह, जिन्हें उनके समर्थक ‘छोटे सरकार’ कहते हैं, ने मुख्यमंत्री से मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के राजनीतिक मायने काफी गहरे निकाले जा रहे हैं, क्योंकि इसमें मोकामा के विकास से लेकर अनंत सिंह के निजी राजनीतिक भविष्य तक के बड़े खुलासे हुए हैं।

मोकामा में स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार

मुलाकात के दौरान अनंत सिंह ने अपने विधानसभा क्षेत्र मोकामा की जनता की बुनियादी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के सामने मोकामा क्षेत्र में एक अत्याधुनिक अस्पताल के निर्माण की मांग रखी। अनंत सिंह का तर्क था कि मोकामा और आस-पास के ग्रामीणों को छोटी-बड़ी बीमारियों के इलाज के लिए बार-बार पटना की दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे गरीब जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता है।

उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय स्तर पर बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना समय की मांग है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भी विधायक की इस जनहित की मांग पर सकारात्मक रुख दिखाया और जल्द ही अस्पताल निर्माण की प्रक्रिया शुरू करने का आश्वासन दिया।

चुनावी राजनीति से संन्यास और भविष्य के नेतृत्व के संकेत

इस मुलाकात के बाद जो सबसे चौंकाने वाला बयान सामने आया, वह अनंत सिंह के अपने राजनीतिक करियर को लेकर था। उन्होंने स्पष्ट रूप से घोषणा कर दी कि अब वह सक्रिय चुनावी राजनीति से दूरी बनाएंगे। सिंह ने कहा कि पिछला चुनाव ही उनका आखिरी चुनाव था और भविष्य में वह चुनावी मैदान में नहीं उतरेंगे।

उनके इस फैसले को बिहार की राजनीति में एक ‘युग के अंत’ और नए समीकरणों की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकेत दिया कि उनकी राजनीतिक विरासत को उनका बेटा आगे बढ़ा सकता है, लेकिन यह पूरी तरह से उसके विवेक और इच्छा पर निर्भर करेगा। उन्होंने साफ किया कि राजनीति में किसी को जबरदस्ती नहीं लाया जा सकता।

निशांत कुमार का राजनीतिक प्रवेश

पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार को लेकर चल रही अटकलों पर भी अनंत सिंह ने अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि निशांत कुमार फिलहाल राजनीति की बारीकियों को समझना और सीखना चाहते हैं। हालांकि आम जनता के बीच उन्हें कोई बड़ी जिम्मेदारी देने की मांग उठती रही है, लेकिन वह जल्दबाजी में नहीं हैं। अनंत सिंह ने इसे एक परिपक्व कदम बताया और कहा कि राजनीति सेवा का माध्यम है और इसे सीखने के बाद ही आगे आना चाहिए।

विपक्षी नेताओं पर प्रहार

बिहार के सियासी माहौल में वार-पलटवार का सिलसिला भी तेज है। अनंत सिंह ने बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव पर तीखा तंज कसा। उन्होंने कहा कि तेजस्वी यादव की चर्चा केवल उनके ‘लालू पुत्र’ होने के कारण होती है, व्यक्तिगत तौर पर राजनीति में उनकी कोई विशेष उपलब्धि या लाभ नहीं है। विपक्षी नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने साफ किया कि केवल विरासत के दम पर लंबे समय तक राजनीति नहीं की जा सकती।

शराबबंदी कानून की समीक्षा

अंत में, अनंत सिंह ने बिहार के सबसे चर्चित और विवादित मुद्दे ‘शराबबंदी’ को समाप्त करने की वकालत की। उन्होंने स्वीकार किया कि शुरुआत में उन्होंने इस कानून का समर्थन किया था, लेकिन अब जमीनी हकीकत बदल चुकी है। उनके अनुसार, शराबबंदी के बावजूद लोग अवैध तरीकों से नशा कर रहे हैं, जिससे न केवल राजस्व की हानि हो रही है बल्कि लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से इस कानून पर पुनर्विचार करने का आग्रह किया. अनंत कुमार सिंह के इन बयानों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि सम्राट चौधरी के नेतृत्व में बिहार की राजनीति अब एक नई दिशा की ओर अग्रसर है, जहाँ पुराने दिग्गज मार्गदर्शक की भूमिका में आ सकते हैं।

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