Samrat Chaudhary News: पटना में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गिनाए शराबबंदी कानून के बड़े फायदे

पटना के लोक भवन में आयोजित 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत' कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बिहार में शराबबंदी कानून के प्रभावों पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर शराबबंदी का साफ असर दिख रहा है और सरकार का मुख्य लक्ष्य युवाओं को नशे से दूर रखकर एक बेहतर समाज बनाना है।

Samrat Chaudhary News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 2, 2026

Samrat Chaudhary News: बिहार में शराबबंदी कानून को पूरी तरह से सफल बनाने और राज्य के युवाओं को नशे की बुरी लत से दूर रखने के मुख्य उद्देश्य के साथ राजधानी पटना के लोक भवन स्थित मंडपम में ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। इस विशेष कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिरकत की और राज्य में शराबबंदी कानून के सकारात्मक प्रभावों और समाज में आए आमूल-चूल बदलावों को लेकर अपनी बेबाक राय रखी। सरकार का मुख्य प्रयास केवल कड़े कानून लागू करना ही नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी को नशे से बचाकर एक स्वस्थ, सुरक्षित और बेहतर समाज का निर्माण करना है।

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का तंज और अनुभव

बताते चले कि, अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मजाकिया और व्यावहारिक अंदाज में कहा, “मैं जानता हूं कि बिहार के लोग आजकल ज्यादा पूजा-पाठ करने लगे हैं। लोग देवघर जाते हैं, बनारस जाते हैं, कुशीनगर जाते हैं। ये सब बातें हमें पता हैं, लेकिन इसके साथ ही यह भी सच है कि बिहार की जमीनी स्थिति अब पूरी तरह से बदल चुकी है।” उन्होंने अपने पुराने संस्मरण साझा करते हुए बताया कि जब वे विधायक के तौर पर जनता के बीच गांवों में जाते थे, तो कई बार ऐसे अनुभव होते थे कि गांव में डेढ़ घंटे तक रहने के बावजूद जब वे वापस लौटने लगते थे, तब शराब के नशे में धुत दो लोग आकर पूछते थे कि ‘विधायक जी, आप कब आए? आप तो कभी दिखते ही नहीं हैं।’ नशे की हालत में उन्हें यह होश ही नहीं रहता था कि वे क्या बात कर रहे हैं।

सार्वजनिक स्थानों पर शराबबंदी का साफ असर

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि आज वे यह पूरे विश्वास और दावे के साथ कह सकते हैं कि बिहार के किसी भी कोने में चले जाएं, भले ही चोरी-छिपे कोई गैरकानूनी तरीके से इसका सेवन करता हो, इसमें कोई शक नहीं है। हालांकि, सबसे बड़ा बदलाव यह है कि किसी भी स्तर पर जो सार्वजनिक स्थान (पब्लिक प्लेसेस) हैं, वहां आपको पूर्ण रूप से शराबबंदी का असर देखने को मिलेगा। सड़क और सार्वजनिक मंचों पर अब वो पहले वाला माहौल नहीं है, और इसी का वास्तविक लाभ आज बिहार की आम जनता को मिल रहा है।

कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य और सामाजिक संदेश

आयोजित इस ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम का मूल उद्देश्य केवल शराब की अवैध बिक्री को रोकना भर नहीं है, बल्कि पूरे समाज को नशामुक्त बनाना और राज्य के युवाओं को एक सकारात्मक और सही दिशा देना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं से पुरजोर अपील की गई कि वे किसी भी तरह के नशे से दूर रहें और देश के प्रधानमंत्री के विजन यानी ‘विकसित भारत’ के निर्माण में अपनी सक्रिय और अहम भूमिका निभाएं। सरकार का यह स्पष्ट मानना है कि सिर्फ पुलिसिया कार्रवाई से नहीं, बल्कि जनभागीदारी और व्यापक जागरूकता अभियानों के जरिए ही इस कानून को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।