Russia-Ukraine War: जेलेंस्की का सीजफायर प्रस्ताव, रूस हमले रोके तो यूक्रेन भी रुकेगा

रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच जेलेंस्की ने सीजफायर का प्रस्ताव रखकर बड़ा संदेश दिया, कहा रूस अगर यूक्रेन के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले रोकता है तो यूक्रेन भी जवाबी हमले रोकने को तैयार है, लेकिन क्या मॉस्को इस शर्त को स्वीकार करेगा और क्या इससे लंबे समय से जारी युद्ध में शांति की राह खुलेगी?

Russia-Ukraine War

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

सितम्बर 15, 2026

Russia-Ukraine War : रूस और यूक्रेन के बीच लंबे समय से जारी युद्ध के बीच शांति की दिशा में एक नया प्रस्ताव सामने आया है। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोमवार को कहा कि यदि रूस यूक्रेन के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की वास्तविक और स्पष्ट प्रतिबद्धता जताता है, तो उनका देश भी रूसी क्षेत्र में इसी तरह के ठिकानों को निशाना बनाना बंद करने के लिए तैयार है।

सहयोगी देशों से समझौता कराने की अपील

जेलेंस्की ने कहा कि दोनों देशों के बीच इस तरह की व्यवस्था बनाने में यूक्रेन के सहयोगी देश महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। उनके मुताबिक, यदि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाने पर सहमत होते हैं, तो इससे युद्ध की तीव्रता कम करने में मदद मिल सकती है। उन्होंने सहयोगी देशों से इस प्रस्ताव को आगे बढ़ाने के लिए ठोस योजना तैयार करने की उम्मीद जताई।

ट्रंप के दावे के बाद आया जेलेंस्की का बयान

यूक्रेनी राष्ट्रपति का यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे के बाद आया, जिसमें उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा था कि रूस और यूक्रेन एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला नहीं करने को लेकर सहमत हो गए हैं। हालांकि, ट्रंप ने अपने दावे में कथित समझौते की शर्तों और अवधि को लेकर विस्तृत जानकारी नहीं दी।

रूस की ओर से तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं

ट्रंप के इस दावे के बाद रूस की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। ऐसे में यह स्पष्ट नहीं है कि दोनों देशों के बीच वास्तव में किसी औपचारिक समझौते पर सहमति बनी है या यह केवल बातचीत के स्तर पर प्रस्ताव है। जेलेंस्की के ताजा बयान से हालांकि यह संकेत जरूर मिला है कि यूक्रेन कुछ शर्तों के तहत ऐसे समझौते पर विचार कर सकता है।

यूक्रेन के ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स ठिकाने निशाने पर

जेलेंस्की ने कहा कि रूस की ओर से यूक्रेन के ऊर्जा संयंत्रों के अलावा बंदरगाहों और लॉजिस्टिक्स से जुड़े महत्वपूर्ण ठिकानों को भी लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने खाद्य और दवा के भंडारण केंद्रों का भी उल्लेख किया। यूक्रेनी राष्ट्रपति के मुताबिक, ऐसे हमलों का सीधा असर आम नागरिकों और देश की अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।

बुनियादी ढांचे पर हमला रोकना पहला कदम

जेलेंस्की ने जोर देकर कहा कि युद्ध को समाप्त करना जरूरी है और महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले रोकना शांति की दिशा में पहला व्यावहारिक कदम हो सकता है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि रूस इस दिशा में वास्तविक प्रतिबद्धता दिखाता है, तो यूक्रेन भी जवाबी हमलों को रोकने पर विचार कर सकता है।

ट्रंप ने जेलेंस्की से तेल ठिकानों पर हमले रोकने कहा

इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने जेलेंस्की से रूस की तेल रिफाइनरियों और डीजल के उत्पादन तथा वितरण से जुड़े बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की अपील की थी। ट्रंप का तर्क था कि रूस की ऊर्जा व्यवस्था पर हमलों का असर अंतरराष्ट्रीय ईंधन बाजार पर पड़ रहा है। उन्होंने विशेष रूप से डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर चिंता जताई।

वैश्विक डीजल कीमतों पर युद्ध का असर

ट्रंप ने दावा किया कि दुनिया भर में डीजल की कीमतों में आई तेजी का प्रमुख कारण रूस-यूक्रेन युद्ध है, न कि ईरान। हालांकि, वैश्विक ऊर्जा बाजार कई कारकों से प्रभावित होता है। रूस की रिफाइनिंग क्षमता पर असर और तेल आपूर्ति में संभावित व्यवधान ने भी बाजार में दबाव बढ़ाया है।

शांति प्रयासों के बीच आगे की राह अहम

जेलेंस्की का प्रस्ताव ऐसे समय आया है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजर बनी हुई है। यदि दोनों पक्ष महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे पर हमले रोकने की दिशा में आगे बढ़ते हैं, तो यह व्यापक युद्धविराम की बातचीत का आधार बन सकता है। हालांकि, किसी भी समझौते की सफलता उसके वास्तविक क्रियान्वयन और दोनों पक्षों की प्रतिबद्धता पर निर्भर करेगी।

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