Republic Day 2026: कर्तव्य पथ पर राहुल गांधी का ‘झांकी दीदार’, तस्वीरों में देखिए कैसे गणतंत्र के जश्न में रंगे नेता प्रतिपक्ष

77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर कर्तव्य पथ पर एक खास नजारा देखने को मिला, जब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी झांकियों को बड़े गौर से देखते नजर आए। क्या राहुल गांधी की इन तस्वीरों के पीछे कोई बड़ा राजनीतिक संदेश है? तस्वीरों में देखिए उनकी वो मुस्कान और सादगी जिसने सबका ध्यान खींचा...

Republic Day 2026

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

जनवरी 26, 2026

Republic Day 2026:  देश के 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित भव्य परेड में इस बार लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी की मौजूदगी ने सबका ध्यान खींचा। अपनी पहचान बन चुकी सफेद टी-शर्ट पहने राहुल गांधी परेड के दौरान काफी गंभीर नजर आए और उन्होंने झांकियों का बारीकी से दीदार किया। पिछले साल स्वतंत्रता दिवस समारोह में शामिल न होने के कारण उन्हें तीखी आलोचना का सामना करना पड़ा था, लेकिन इस बार गणतंत्र दिवस पर उनकी उपस्थिति को एक महत्वपूर्ण सियासी संदेश के रूप में देखा जा रहा है। उनके पास ही आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी बैठी नजर आईं, जिससे सत्ता और विपक्ष के बीच एक औपचारिक समन्वय की तस्वीर भी सामने आई।

दिग्गज हस्तियों का जमावड़ा: वैश्विक नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति

गणतंत्र दिवस समारोह की भव्यता में चार चाँद लगाने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अंतरराष्ट्रीय मेहमान भी मौजूद रहे। इस बार यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन और यूरोपीय परिषद के प्रमुख एंटोनियो कोस्टा ने समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इनके अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, विदेश मंत्री एस. जयशंकर, भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल जैसी वीआईपी हस्तियों ने भी परेड का आनंद लिया। समारोह में विभिन्न मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी और राजनयिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।

आलोचनाओं के बीच राहुल की सक्रियता: सार्वजनिक कार्यक्रमों पर जोर

राहुल गांधी अक्सर सार्वजनिक और राष्ट्रीय महत्व के कार्यक्रमों में अपनी गैरमौजूदगी को लेकर भाजपा और आलोचकों के निशाने पर रहते हैं। आलोचकों का तर्क रहा है कि राहुल संसद सत्रों और राष्ट्रीय समारोहों के बजाय विदेशी दौरों को अधिक प्राथमिकता देते हैं। हालांकि, इस बार गणतंत्र दिवस परेड में शुरू से अंत तक मौजूद रहकर उन्होंने अपनी सक्रियता दर्ज कराई है। परेड के दौरान वे लगातार सामने से गुजर रही सैन्य टुकड़ियों और विभिन्न राज्यों की कला-संस्कृति को प्रदर्शित करती झांकियों को एकटक निहारते दिखे, जो उनके प्रति बदलते सार्वजनिक नजरिए की ओर इशारा करता है।

नारी शक्ति का प्रदर्शन: सिमरन बाला ने संभाली पुरुषों की टुकड़ी की कमान

समारोह का एक सबसे प्रेरणादायक क्षण तब आया जब सीआरपीएफ की सहायक कमांडेंट सिमरन बाला ने अर्धसैनिक बल की 147 कर्मियों वाली पुरुषों की टुकड़ी का नेतृत्व किया। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले के नौशेरा सेक्टर में जन्मी सिमरन बाला ने देश के सबसे बड़े अर्धसैनिक बल की कमान संभालकर ‘नारी शक्ति’ का लोहा मनवाया। उनकी इस उपलब्धि ने न केवल उनके गृह राज्य जम्मू-कश्मीर का मान बढ़ाया, बल्कि कर्तव्य पथ पर मौजूद हजारों दर्शकों के बीच गर्व और उत्साह का संचार कर दिया।

वंदे मातरम की गूँज: परेड की विशेष थीम और लोगो

इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में बंकिम चंद्र चटर्जी द्वारा रचित गीत ‘वंदे मातरम’ को विशेष थीम के रूप में शामिल किया गया था। रिपब्लिक डे परेड के आधिकारिक निमंत्रण पत्रों से लेकर डिजिटल स्क्रीन तक, हर जगह ‘वंदे मातरम’ का लोगो और वॉटरमार्क अंकित था। यह थीम देश की आजादी के संघर्ष और राष्ट्रीय गौरव को समर्पित थी। कर्तव्य पथ पर गूँजते देशभक्ति के गीतों ने माहौल को पूरी तरह से राष्ट्रभक्ति के रंग में सराबोर कर दिया।

सांस्कृतिक विविधता की झलक: 30 झांकियां और नदियों के नाम पर गैलरी

कर्तव्य पथ पर इस बार कुल 30 झांकियों ने भारत की विविधता और प्रगति का प्रदर्शन किया। इनमें 17 राज्यों एवं केंद्रशासित प्रदेशों और 13 विभिन्न मंत्रालयों की झांकियां शामिल थीं। इस साल एक अनोखी पहल करते हुए विजिटर्स गैलरी के नाम भारत की पवित्र नदियों—गंगा, यमुना, कृष्णा, नर्मदा और पेरियार—के नाम पर रखे गए थे। यह व्यवस्था भारत की प्राकृतिक संपदा और जल संरक्षण के महत्व को दर्शाने के लिए की गई थी। प्रत्येक झांकी अपने आप में एक अलग कहानी बयां कर रही थी, जिसे देखकर मुख्य अतिथियों के साथ-साथ आम जनता भी अभिभूत नजर आई।

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